प्रयागराज: पीएम मोदी ने कहा- कुंभ में लोगों को मिलेगी अध्यात्म, आस्था और आधुनिकता की त्रिवेणी
लोगों के संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि प्रयागराज आने से ऊर्जा मिलती है, ये तप, तपस्या और संस्कार की धरती है. इसके दर्शन से श्री राम ने भी सुख पाया था. यहां आकर मुझे 4500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ करने का सौभाग्य मिला.

प्रयागराज: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रयागराज में 4500 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया. पीएम मोदी ने कुंभ मेले के लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया. इसके जरिए पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा सकेगी. इसके बाद पीएम संगम तट पर गंगा पूजन में शामिल हुए. प्रयागराज में मोदी के कार्यक्रम में आसपास के जिलों के विधायकों के साथ ही उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, यूपी के राज्यपाल राम नाईक और यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी मौजूद रहे.
लोगों के संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि प्रयागराज आने से ऊर्जा मिलती है, ये तप, तपस्या और संस्कार की धरती है. इसके दर्शन से श्री राम ने भी सुख पाया था. यहां आकर मुझे 4500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ करने का सौभाग्य मिला.
अक्षयवट मंदिर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस बार सभी श्रद्धालु अक्षयवट के दर्शन कर सकेंगे. कई पीढ़ियों से ये अक्षयवट किले में बंद था. लेकिन इस बार यहां आने वाला हर श्रद्धालु स्नान करने के बाद अक्षयवट के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त कर सकेगा.
पीएम ने कहा कि सरकार ने कुंभ के दौरान कनेक्टिवटी से लेकर यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया है. कुंभ को ध्यान में रखकर रेलवे मंत्रालय इस बार भी अनेक नई ट्रेनें चलाने जा रहा है.
कुंभ की भव्यता को लेकर पीएम ने कहा कि अध्यात्म, आस्था और आधुनिकता की त्रिवेणी कितनी भव्य और बेजोड़ हो सकती है, इसका अनुभव लेकर लोग यहां से जाएं, इसकी कोशिश की जा रही है. सरकार का प्रयास है कि इस बार अर्धकुंभ में तप से तकनीक तक के हर पहलू का अनुभव दुनियाभर के लोगों को मिल सके.
पीएम मोदी ने कहा कि आज जिन प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण हुआ है उसमें गंगाजी की सफाई और यहां के घाटों के सुंदरीकरण से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं.1700 करोड़ रुपए की लागत से बने सीवेज-ट्रीटमेंट प्लांट्स से शहर के करीब एक दर्जन नालों को सीधे गंगा जी में बहने से रोका जा सकेगा. वहीं नमामि-गंगे परियोजना में करीब 150 घाटों का सौंदर्यीकरण किया जाना है. इसमें से करीब 50 घाटों का काम पूरा हो गया है.
उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा प्रयास है कि यहां भारत के गौरवशाली अतीत के दर्शन और वैभवशाली भविष्य की झलक दुनिया को देखने को मिले. केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर ये सुनिश्चित करने में जुटी है कि ये आयोजन दर्शनीय, दार्शनिक और दिव्य बने.
कुंभ के आयोजन पर उन्होंने कहा कि कुंभ का पर्व भारत और भारतीयता का सबसे बड़ा प्रमाण है. ये पर्व भाषा, भूषा और भिन्नता को खत्म कर एक होने की प्रेरणा देता है. ये पर्व हमें जोड़ता है, ये पर्व गांव और शहर को एक करता है. एक भारत-श्रेष्ठ भारत की सही तस्वीर यहां दिखती है.
इस वक्त प्रयाग कुंभ की तैयारियां तेजी से चल रही है जिसे यूनेस्को ने 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के तौर पर मान्यता दी है. गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम स्थल पर हर 12 वर्ष के अंतराल में कुंभ मेले का आयोजन होता है. कुंभ मेले को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है.
हर तीन सालों के अंतराल में प्रयागराज, उज्जैन, नासिक और हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन है. इनमें सबसे वृहद कुंभ का आयोजन प्रयाग में संगम के तट पर होता है. प्रयागराज में कुंभ मेले का आरंभ 15 जनवरी 2019 से होगा.
22,000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा की कमान
कुंभ मेले में राज्य सरकार ने 22,000 पुलिसकर्मियों को तैनात करने की तैयारी की है और इसके लिए ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती को प्राथमिकता दी जाएगी जो कुंभ मेले की परंपराओं का ख्याल रखते हों. कुंभ मेले के दौरान मेला क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है, इसलिए यह सुनिश्चित किया गया है कि सिपाही 40 वर्ष, हेड कांस्टेबल 50 वर्ष और एसआई 55 वर्ष से अधिक आयु के न हों.
मेले में पीएसी, पीआरडी, होमगार्ड, अग्निशमन सहित विभिन्न विभागों से 20,000-22,000 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. उत्तराखंड से भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना है क्योंकि हरिद्वार कुंभ मेले के सफल आयोजन में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है. पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से पुलिसकर्मी आवंटित कर दिए हैं.
लोगों को रेलवे का तोहफा अगले साल होने वाले महाकुंभ की अवधि के दौरान इलाहाबाद जाने वाले यात्रियों की भीड़भाड़ को कम करने के लिए रेलवे ने जनरल टिकटों की खरीद 15 दिन पहले कर लेने की अनुमति देने निर्णय लिया है जो अभी तक तीन दिन पहले ही की जा सकती थी. यह सुविधा इलाहाबाद में केवल 12 स्टेशनों पर यात्रा करने के लिए उपलब्ध है.
रेलवे ने कहा है कि समारोह के दौरान बहुत अधिक भीड़ रहने की उम्मीद है और मेला स्टेशनों से कुछ दबाव कम करने के लिए कार्यक्रम के दौरान ‘वापसी’ टिकटों की खरीद की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया.
इसमें बताया गया है, ‘‘महाकुंभ मेला के आयोजन वाले इलाहाबाद क्षेत्र में 12 स्टेशनों में से किसी पर यात्रा के लिए भारतीय रेलवे के किसी स्टेशन से यूटीएस एप्प के जरिए अगर एक यात्री जनरल टिकट खरीदता है तो यात्रा की तारीख छोड़कर वापसी टिकट 15 दिन पहले बुक कराने की अनुमति होगी.’’
12 स्टेशन जहां के लिए यह सुविधा उपलब्ध है उनमें इलाहाबाद जंक्शन, इलाहाबाद सिटी, नैनी, सुबदेरगंज, रामबाग, प्रयाग घाट, दारागंज, फाफामऊ, झूसी, विंध्याचल, छेओकी और वापसी शामिल है.
सजायी जा रही है संगम नगरी अगले महीने शुरू हो रहे कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए संगम के शहर प्रयागराज को दुल्हन की तरह ख़ूबसूरती से सजाया जा रहा है. सड़कों-पुलों और चौराहों को चौड़ा कर उन्हें हरा-भरा करते हुए एलईडी लाइट्स के सहारे दूधिया रोशनी से चमकाया जा रहा है तो साथ ही पूरे शहर की बड़ी बिल्डिंग्स व दीवारों पर पेंटिंग्स कर शहर की ख़ूबसूरती में चार चांद लगाए जा रहे हैं.
सत्ताइस करोड़ रूपये की लागत से शहर की सभी दीवारों व प्रमुख बिल्डिंग्स पर होने वाली पेंटिंग्स में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छह सौ से ज़्यादा कलाकार दिन- रात काम करते हुए शहर को चमकाने व अलग लुक देकर अनूठे अंदाज़ में श्रद्धालुओं का स्वागत करने की तैयारियों में जुटे हुए हैं.
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