कुशीनगर: बीजेपी की सरकार में बीजेपी के ब्लाक प्रमुख की कुर्सी छिनी
बीजेपी सरकार में ब्लाक प्रमुख के खिलाफ एसपी द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के राजनीतिक रूप से कई मायने निकाले जा रहे हैं. एसपी सरकार में अमित कुमार जायसवाल की पत्नी कंचन जायसवाल उर्फ गोल्डी जायसवाल निर्विरोध ब्लाक प्रमुख के पद पर निर्वाचित हुईं थी.

कुशीनगर: आज बीजेपी को एक झटका लगा जब कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के करीबी कुशीनगर जनपद के विशुनपुरा ब्लाक की ब्लाक प्रमुख की कुर्सी छिन गई. बीजेपी सरकार में ब्लाक प्रमुख के खिलाफ एसपी द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के राजनीतिक रूप से कई मायने निकाले जा रहे हैं. एसपी सरकार में अमित कुमार जायसवाल की पत्नी कंचन जायसवाल निर्विरोध ब्लाक प्रमुख के पद पर निर्वाचित हुईं थी.
अमित कुमार जायसवाल स्वामी प्रसाद मौर्य के विधानसभा चुनाव में पर्चा दाखिला के समय प्रस्तावक रहे हैं और जायसवाल स्वामी प्रसाद मौर्य के सबसे भरोसेमंद लोगों में से एक है. सूत्र बताते हैं कि स्वामी प्रसाद मौर्या 2019 चुनाव में कुशीनगर लोकसभा शीट से बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहते हैं ऐसे में यह प्रमुख की कुर्सी का जाना कहीं मौर्या के खिलाफ खतरे की घंटी तो नही है.
सूत्र बताते हैं कि यह सीट बीजेपी अपने अंतर्कलह की वजह से हारी है क्योंकि जनपद के पुराने भाजपाई स्वामी प्रसाद मौर्या को दिल से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि अंतर्कलह की बात बीजेपी जिलाध्यक्ष जेपी शाही बोलने से कतराते रहे.
आपको बताते चलें कि स्वामी प्रसाद मौर्य तीसरी बार कुशीनगर जनपद के पडरौना विधानसभा शीट से विधायक चुने गए हैं. दो बार वह बहुजन समाज पार्टी से विधायक चुने गए तो वहीं 2017 में पहली बार बीजेपी में सम्मिलित होने के बाद वह फिर से पडरौना विधानसभा शीट से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और बीजेपी सरकार में श्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री बनाए गए.
स्वामी प्रसाद मौर्य जब बहुजन समाज पार्टी में थे तो गोल्डी जायसवाल मौर्य के साथ बहुजन समाज पार्टी में थे पर जैसे ही मौर्य जी बीजेपी ज्वाइन किया उनकी पूरी टीम भी बीजेपी की सदस्यता ले ली थी. कुशीनगर जनपद में कुल 14 विकास खंड है.
आपको बता दें कि 25.06.18 को एसपी के पूर्व ब्लाक प्रमुख विक्रमा यादव की अगुआई में 124 क्षेत्र पंचायत सदस्यों वाले इस विकासखंड के कुल 77 सदस्यों ने अमित जायसवाल के खिलाफ अविश्वास का एक नोटिस जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होकर दिया था. जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने नोटिस के जांचोपरान्त आज 23.07.18 को ब्लाक सभागार में अविश्वास के लिए फ्लड टेस्ट कराने का दिन निर्धारित किया था.
124 क्षेत्र पंचायत सदस्यों वाले इस विकासखंड में 67 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कंचन जायसवाल के विरोध में जाकर अविश्वास के लिए वोट दे दिया. उसके बाद चुनाव अधिकारी उपजिला मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार ने कंचन जायसवाल को प्रमुख के पद से हटाते हुए उनका मुहर जमा करा दिया. सपाई इस जीत से गदगद हैं. एसपी नेता विक्रमा यादव ने बताया इस जीत ने 2019 चुनाव के लिए हम लोगों को टॉनिक दे दिया है. स्वामी प्रसाद के बहुत मेहनत करने के बाद भी उनके करीबी से कुर्सी छीनना कहीं ना कहीं उनके प्रति सदस्यों का बढ़ता अविश्वास है. हम 2019 में इनको कड़ी टक्कर देंगे.
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