जम्मू कश्मीर: लॉकडाउन के दौरान महिलाओं पर घरेलू हिंसा के मामलों में इजाफा, हाईकोर्ट ने कही ये बात
लॉकडाउन के दौरान महिलाओं और बच्चियों पर हो रही घरेलू हिंसा की घटनाओं का जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है.

जम्मू: जम्मू कश्मीर में लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा और महिलाओं के साथ प्रताड़ना के मामलों में इज़ाफ़ा हुआ है. लॉकडाउन के दौरान घरेलु हिंसा के इन बढ़ते मामलों का संज्ञान लेते हुए जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने समाज कल्याण विभाग को वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों का विशेष ख्याल रखने को कहा है.
जम्मू कश्मीर स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 181 पर आये फ़ोन कॉल्स के आंकड़ों पर अगर नज़र डालें तो 24 मार्च से 24 अप्रैल तक आयी 1314 फ़ोन कॉल्स में से 65 कॉल्स घरेलू हिंसा की थी. इसके साथ ही 950 से अधिक फ़ोन कॉल्स दूसरे राज्यों के लोगों की थी, जिनमें इन लोगो ने मदद की गुहार लगायी थी.
जम्मू कश्मीर समाज कल्याण विभाग की तरफ से हाई कोर्ट को दी गयी जानकारी में यह आंकड़े सामने आये हैं. जम्मू कश्मीर पुलिस ने साल 2020 की पहली तिमाही में घरेलू हिंसा के 81 मामले दर्ज किये है. इन दर्ज मामलों में लॉकडाउन के दौरान दुष्कर्म के 16 मामले, छेड़छाड़ के 64 मामले और तंग करने का एक मामला शामिल हैं.
लॉकडाउन के दौरान जहां जम्मू कश्मीर में अपराध में कमी आयी है वहीं जम्मू कश्मीर के 20 ज़िलों में दहेज़ प्रताड़ना के 19 मामले दर्ज किये गए हैं. समाज कल्याण विभाग ने पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए कानूनी सलाह उपलब्ध करवाने के साथ उनकी आर्थिक मदद भी की है.
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