बीजेपी की वजह से ही शुरू हुई अयोध्या मामले पर सुनवाई वही बनाएगी राम मंदिर: मनीष शुक्ला
पार्टी प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा,‘‘ जहां तक सवाल राम मंदिर का है तो निश्चित रूप से बीजेपी के लिए यह आस्था का विषय है. इसलिए इसे चुनाव मुद्दा न मानकर सामाजिक विश्वास को पूर्ण करने के समान मानना चाहिए.’

मथुरा: भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने कहा कि बीजेपी की सरकार के प्रयास से ही सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मुद्दे की नियमित सुनवाई शुरू हुई है और आने वाले समय में बीजेपी ही अयोध्या में मौजूद पूजास्थल पर राम मंदिर का निर्माण कराएगी.
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर ‘मीट टू प्रेस’ अभियान के तहत मीडिया के सामने उत्तर प्रदेश सरकार के 19 माह के कार्यकाल का लेखा-जोखा पेश करने पहुंचे पार्टी प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने योगी और मोदी सरकार की 44 ऐसी खूबियां पेश कीं जिनसे, उनके अनुसार समाज के हर वर्ग को बहुत राहत पहुंची है.
अपनी सरकार की उपलब्ध्यिों का बखान करते हुए उन्होंने बीजेपी को गरीबों की सबसे ज्यादा चिंता करने वाली पार्टी बताया. उन्होंने कहा कि गरीबों को छत मुहैया कराने, पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज कराने, 14 फसलों का एमएसपी डेढ़ गुना करने, किसानों का एक लाख तक का ऋण माफ करने, 80 हजार मजरों (छोटे गांवों) में विद्युतीकरण, 72 हजार से अधिक नए विद्युत कनेक्शन, 43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, 37 लाख टन गेहूं की खरीद, प्रतिदिन 27 किमी राजमार्ग निर्माण और 134 किमी ग्रामीण सड़क निर्माण जैसी अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं.
इसके बाद मीडिया के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ‘बीजेपी पर हर चुनाव से पहले राम मंदिर का मुद्दा उठाने का आरोप लगाना सरासर गलत है. क्योंकि, यह इतना बड़ा देश है कि यहां हर साल किसी न किसी राज्य में, कोई न कोई चुनाव होता ही रहता है. ऐसे में जनता के बीच के किसी भी विषय पर चुप्पी लगा पाना किसी भी प्रकार संभव नहीं है.’
शुक्ला ने कहा,‘‘ जहां तक सवाल राम मंदिर का है तो निश्चित रूप से बीजेपी के लिए यह आस्था का विषय है. इसलिए इसे चुनाव मुद्दा न मानकर सामाजिक विश्वास को पूर्ण करने के समान मानना चाहिए.’
बीजेपी नेता ने कहा, ‘बीजेपी इस मामले में आज भी पालमपुर प्रस्ताव (जब 1989 में बीजेपी के तत्कालीन वरिष्ठतम नेता अटलबिहारी वाजपेयी ने उस समय के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालकृष्ण व कार्यसमिति की उपस्थिति में पार्टी की ओर से सबसे पहली बार राम मंदिर के निर्माण का प्रस्ताव पेश किया था) पर कायम है. बीजेपी का मानना है कि अयोध्या में वर्तमान पूजास्थल पर ही राम मंदिर था, है और रहेगा.’
उन्होंने कहा, ‘ऐसा मानने के पीछे 1949 से लेकर 30 सितम्बर’ 2010 तक आए वे सभी फैसले हैं जिनमें हाई कोर्ट ने भी स्वीकार किया है कि अयोध्या में राम मंदिर था. फिर चाहे वह मूर्ति प्रकटीकरण का मामला हो या ताला खुलवाने, शिलान्यास या पूजा का मामला रहा हो. हर बार फैसला राम मंदिर के पक्ष में ही आया है.’ उन्होंने कहा, ‘‘ बीजेपी राम मंदिर के लिए प्रतिबद्ध है और हमारी सरकार के प्रयास से ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में नियमित सुनवाई शुरु हो पाई है. अब यह स्पष्ट है कि बीजेपी ही राम मंदिर बनाएगी.’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री रहते वे सरकार नहीं चला पाए और अब अध्यक्ष रहते पार्टी नहीं चला पा रहे हैं.’’
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