BSF Jawan: कौन हैं BSF जवान पूर्णम कुमार? जिन्हें पाकिस्तान ने पहले पकड़ा, ऑपरेशन सिंदूर के बाद छोड़ा
Pakistan Returns Purnam Kumar Shaw: पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद 23 अप्रैल, 2025 को पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को पकड़ लिया था.

BSF Jawan Purnam Kumar Shaw: बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को पाकिस्तान ने बुधवार (14 मई, 2025) को वापस कर दिया है. 23 अप्रैल, 2025 को पंजाब के फिरोजपुर जिले में इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करने के बाद उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स ने पकड़ लिया था. इस घटना के बाद भारत ने तुरंत पाकिस्तान से उच्च स्तरीय बातचीत शुरू की और जवान की सुरक्षित वापसी की मांग की.
BSF ने बयान जारी कर कहा, "आज सुबह 10.30 बजे कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ को अटारी-वाघा सीमा पर बीएसएफ ने पाकिस्तान से वापस ले लिया है. पाकिस्तान रेंजर्स के साथ नियमित फ्लैग मीटिंग और दूसरे कम्युनिकेशन के जरिए बीएसएफ के लगातार प्रयासों से बीएसएफ कांस्टेबल की वापसी संभव हो पाई है."
कौन हैं पूर्णम कुमार शॉ
पूर्णम कुमार शॉ पश्चिम बंगाल के हुगली के रहने वाले हैं. उनकी उम्र 40 साल है और वो 17 सालों से बीएसएफ में नौकरी कर रहे हैं. उनके पिता रिटायर्ड बैंक कर्मचारी हैं. वो 10 अप्रैल से भारत-पंजाब सीमा पर एक एड-हॉक टीम का हिस्सा थे. जब उन्होंने गलती से बॉर्डर क्रॉस किया तब वे वर्दी पहने हुए थे और ड्यूटी पर थे.
पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से पकड़े जाने के बाद शॉ की पत्नी रजनी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात का अनुरोध किया था. उन्होंने सीएम से अपने पति की रिहाई कराने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया. साथ ही परिवार के सदस्यों के साथ उस जगह का भी दौरा किया, जहां साहू तैनात थे. इन लोगों ने बीएसएफ के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की.
क्या बोले पूर्णम के पिता?
उनके पिता भोला नाथ शॉ ने कहा, "मैं केंद्र और राज्य सरकार को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरे बेटे को पाकिस्तान से रिहा कराया और उसे भारत वापस लेकर आए. अब जबकि मेरा बेटा वापस आ रहा है, मैं चाहूंगा कि वह एक बार फिर देश की सेवा करे."
ये भी पढ़ें: पाकिस्तान ने भारत को लौटाया बीएसएफ जवान, वाघा-अटारी बॉर्डर से हुई वतन वापसी
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























