सरकार का बड़ा फैसला, डीजल पर 14 और ATF पर बढ़ाई 12.5 रुपये लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी, आप पर क्या होगा असर?
Diesel-ATF Export Duty Increased: केंद्र सरकार ने 16 जून 2026 से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क में बदलाव किया है. डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाली ड्यूटी को बढ़ाया गया है.

केंद्र सरकार ने 16 जून 2026 से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क में बदलाव किया है. डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाली ड्यूटी को बढ़ाया गया है. डीजल के निर्यात पर अब 14 रुपये प्रति लीटर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) लगेगी. वहीं, ATF के निर्यात पर 12.5 रुपये प्रति लीटर SAED देनी होगी. पेट्रोल के निर्यात पर कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसका रेट पहले की तरह ही 1.5 रुपये प्रति लीटर बना रहेगा.
क्यों लगाया गया यह शुल्क?
सरकार ने यह निर्यात शुल्क सबसे पहले 27 मार्च 2026 को लागू किया था. पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग और कीमतें बढ़ी थीं. ऐसे में रिफाइनरियों के लिए घरेलू बाजार की बजाय निर्यात करना ज्यादा फायदेमंद हो रहा था. सरकार का यह फैसला रिफाइनरी कंपनियों को निर्यात को प्राथमिकता देने से रोकने के लिए है., ताकि देश में पेट्रोल, डीजल और ATF की कमी न हो.
Duty on Diesel and ATF exports increased | The rate of duty will be Rs 14 per litre on exports of diesel and Rs 12.5 per litre on exports of ATF. There is no change in the rate of duty on exports of petrol.
— ANI (@ANI) June 15, 2026
There is no change in the existing excise duty rates on petrol and… pic.twitter.com/SwONmjSxP6
हर 15 दिन में होती है समीक्षा
इन दरों की हर 15 दिन में समीक्षा होती है. इस बार की नई दरें पिछले पखवाड़े में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के औसत अंतरराष्ट्रीय भाव के आधार पर तय की गई हैं. पिछला बदलाव 1 जून 2026 को हुआ था.
आम लोगों पर कोई असर नहीं
यह बदलाव सिर्फ निर्यात पर लागू होता है. घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी पंप पर आपको मिलने वाले फ्यूल की कीमत इससे प्रभावित नहीं होगी.
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