हैदराबाद में देवी मंदिर के सामने शख्स ने किया शौच, इलाके में तनाव; बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात, आरोपी गिरफ्तार
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिनमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और अवैध प्रवेश शामिल है, के तहत मामला दर्ज किया गया है. उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

हैदराबाद के सैफलगुड़ा के कट्टा मैसम्मा मंदिर में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी. इसने पूरे इलाके में भारी तनाव पैदा कर दिया. यहां 26 साल के एक शख्स ने मंदिर परिसर में कथित तौर पर पेशाब और शौच किया, इससे इलाके में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है. इस घटना पर स्थानीय लोगों में आक्रोश नजर आ रहा है. आरोपी को पकड़कर जमकर पिटाई की गई, इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है.
जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार (10 जनवरी 2026) देर रात की है. आरोपी, जिसकी पहचान कर्नाटक के बीदर के रहने वाले अल्ताफ (26 वर्ष) के रूप में हुई है, ने सैफलगुड़ा के प्रसिद्ध कट्टा मैसम्मा मंदिर में अनाधिकृत प्रवेश किया. चश्मदीदों के मुताबिक, युवक को मूर्ति के सामने अभद्र कृत्य करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. जैसे ही यह खबर फैली, मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग जमा हो गए. उग्र भीड़ ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी को दबोच लिया और उसकी पिटाई कर दी.
घटना ने लिया राजनीतिक रूप?
इस घटना ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है. तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने घटनास्थल का दौरा किया और कांग्रेस सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' पर एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि 'भले ही मैं मानवाधिकारों का सम्मान करता हूं, लेकिन जो लोग 'सर तन से जुदा' की भाषा बोलते हैं और हमारे मंदिरों को अपवित्र करते हैं, उनका एनकाउंटर किया जाना चाहिए.' भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंदिर के बाहर धरना देते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
आरोपी को पुलिस ने लिया हिरासत में...
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अल्ताफ को हिरासत में ले लिया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिनमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और अवैध प्रवेश शामिल है, के तहत मामला दर्ज किया गया है. रविवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट ने एक आधिकारिक बयान जारी कर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. पुलिस ने कहा, 'हम आरोपी के पिछले रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. स्थिति अब नियंत्रण में है, और मंदिर में शुद्धिकरण अनुष्ठान किए जा चुके हैं. किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने या सांप्रदायिक शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.'
सैफलगुड़ा की इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सांप्रदायिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जहां एक ओर भक्तों में अपनी आस्था को लेकर गहरा दुख है, वहीं प्रशासन के लिए इलाके में शांति बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. फिलहाल मंदिर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है.
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Source: IOCL


























