महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: बाहरी नेताओं की भीड़ से शिवसेना के भीतर भी शुरू हुआ असंतोष
हाल ही में दूसरे दलों से कई बड़े नेता शिवसेना में शामिल हुए हैं. पार्टी के नेताओं को लगता है कि टिकट बंटवारे के समय उनकी जगह बाहर से आए नेताओं को टिकट दिया जाएगा. इस वजह से शिवसेना में विरोध के स्वर सुनाई पड़ रहे हैं.

मुंबई: महाराष्ट्र बीजेपी के बाद अब सत्ता में उसकी साझेदार शिवसेना से भी अंदरूनी असंतोष की खबरें आने लगीं हैं. इस असंतोष की वजह कांग्रेस और एनसीपी जैसी विपक्षी पार्टियों से शिवसेना में शामिल होने वाले नेताओं की भीड़ है. हाल ही में नासिक से सटे इगतपुरी में कांग्रेस से शिवसेना में शामिल हुई एक महिला नेता के खिलाफ स्थानीय शिव सेना नेता खुलकर सामने आये.
इगतपुरी से दो बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुनीं गईं निर्मला गावित ने हाल ही में शिवसेना की सदस्यता ली. पार्टी में उनको शामिल किये जाने से स्थानीय शिव सेना के नेता आक्रोश में हैं. उनकी ओर से इगतपुरी में जगह जगह पोस्टर लगाये गये हैं जिनपर लिखा है, ''सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को.'' निर्मला गावित खुद को कार्यसम्राट के तौर पर प्रचारित करती आई हैं. स्थानीय शिव सैनिक इसे झूठा प्रचार बता रहे हैं. गावित के शिवसेना में शामिल होने से शिवसेना के नेता और पूर्व विधायक काशीनाथ मेंगाल और शिवराम झोले खासे नाराज बताये जा रहे हैं.
शिवसेना में विरोधी पार्टी से आकर शामिल होने वालों का विरोध इसलिये हो रहा है क्योंकि पुराना नेताओं को लगता है कि टिकट बांटते वक्त उनकी जगह इन दल बदलने वालों को टिकट दिया जायेगा. हाल ही में कांग्रेस और एनसीपी से टूट कर करीब 30 दिग्गज नेता बीजेपी और शिवसेना में शामिल हुए हैं. जो बड़े नेता हाल ही में शिवसेना से जुड़े उनमें एनसीपी के मुंबई प्रमुख सचिन अहिर, चिपलून से एनसीपी के विधायक भाष्कर जाधव और शाहपुर से एनसीपी के विधायक पांडुरंग बलोरा शामिल हैं. शिवसेना की तरह ही बीजेपी में भी बाहरी नेताओं के लिये जाने पर विरोध के स्वर सुनाई पड़ रहे हैं.
दोनों ही पार्टियों के बीच अभी गठबंधन को लेकर फैसला नहीं हुआ है. किस फॉर्मूले पर गठबंधन हो और किसे कितनी सीटें मिलें इस बात को लेकर गठबंधन पर फैसला फिलहाल अटका हुआ है. उम्मीद की जा रही है कि जब 22 सितंबर को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मुंबई आएंगे तब इस मसले का कोई हल निकलेगा. टिकट बंटवारे का काम गठबंधन का ऐलान और सीटें तय होने के बाद किया जायेगा लेकिन उससे पहले ही दोनों पार्टियों में खुद को नये आनेवालों से असुरक्षित महसूस कर रहे नेताओं ने विरोध जताना शुरू कर दिया है. 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा की मियाद 9 नवंबर 2019 को खत्म हो रही है. उम्मीद की जा रही है कि मध्य अक्टूबर तक राज्य में चुनाव होंगे. चुनाव की ताऱीखों का ऐलान जल्द ही हो सकता है.
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Source: IOCL

























