पाकिस्तान के ईरानी फाइटर जेट्स को पनाह देने पर अमेरिका बदलेगा मध्यस्थ? ट्रंप का आया रिएक्शन, बोले - शहबाज और मुनीर...
US-Iran War: डोनाल्ड ट्रंप का पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर किए गए सवाल का जवाब दिया. उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान को दरकिनार करने की मांग की उठ रही हैं.

पश्चिम एशिया संकट फिर गहराने लगा है. चीन रवाना होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर किए गए सवाल का जवाब दिया. उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान को दरकिनार करने की मांग की उठ रही हैं. ट्रंप ने एकबार फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की तारीफ में कसीदे पढ़े.
क्या बोले ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को भरोसेमंद मध्यस्थ की भूमिका को लेकर किए गए सवाल के जवाब में कहा, 'नहीं, वह बहुत अच्छे हैं. पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बहुत अच्छा काम किया है.' यूएस प्रेसिडेंट का यह बयान तब आया, जब ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच किसी दूसरे मध्यस्थ की तलाश करने की मांग की जा रही है.
#WATCH ईरान के साथ शांति समझौते के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम देखेंगे कि क्या होता है। हम बस एक अच्छा समझौता कर रहे हैं। उनकी सेना खत्म हो चुकी है और पूरी तरह तबाह हो गई है... यह अमेरिकी लोगों के लिए बहुत अच्छा होगा और मुझे लगता है कि असल… pic.twitter.com/cAv15P6fMB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 12, 2026
रिपब्लिकन सीनेटर ने उठाए थे सवाल
रिपब्लिकन पार्टी से सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मंगलवार (12 मई) को अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान को दरकिनार करने की मांग की. ग्राहम ने उन कई रिपोर्ट का हवाला दिया जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने ईरान को अपने एयरबेस पर सैन्य विमान तैनात करने की परमिशन दी थी. उन्होंने ईरान युद्ध और रक्षा बजट पर सीनेट विनियोग उपसमिति की सुनवाई के दौरान ईरान के साथ शांति वार्ता में गतिरोध पर अपनी निराशा जाहिर की.
'पाकिस्तान पर भरोसा नहीं' - लिंडसे ग्राहम
ग्राहम ने कहा, 'मुझे पाकिस्तान पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. अगर वे सही में ईरानी सैन्य संपत्ति की सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी ठिकानों पर ईरानी विमान तैनात कर रहे हैं तो इससे मुझे लगता है कि हमें मध्यस्थता के लिए किसी और की तलाश करनी चाहिए. इसमें कोई हैरानी नहीं कि यह मामला किसी नतीजे तक नहीं पहुंच रहा है.'
अमेरिकी मीडिया के एक रिपोर्ट ने अमेरिका और ईरान के बीच सुलह कराने में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए थे. अमेरिकी मीडिया में दावा किया गया है कि ईरान का विमान पाकिस्तान के एयरबेस में रखा गया था. शायद ऐसा ईरानी विमान को अमेरिकी हमले से बचाने के लिए किया गया. हालांकि, इस मामले पर पाकिस्तान की ओर से भी बयान सामने आया है. पाकिस्तान ने सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है.
अमेरिका के सीबीएस न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान ने खुद को तेहरान और वाशिंगटन के बीच एक कूटनीतिक जरिया बना लिया था. इस स्थिति में मौके का फायदा उठाते हुए उसने चुपचाप ईरानी मिलिट्री एयरक्राफ्ट को अपने एयरफील्ड पर पार्क करने दिया, ताकि वे संभावित अमेरिकी हवाई हमलों से बच सकें.
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