ED ने अल-फलह यूनिवर्सिटी मामले में दाखिल की चार्जशीट, 493 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
Al-Falah University: ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी ने 3 करोड़ रुपये से ज्यादा अपनी पत्नी को और करीब 1 करोड़ रुपये अपने बेटे को विदेश में ट्रांसफर किए.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलह चैरिटेबल ट्रस्ट और अल-फलह यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने जवाद अहमद सिद्दीकी और बाकी लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की एफआईआर के बाद शुरू हुई.
ईडी की जांच में ये सामने आया कि अल-फलह ग्रुप ने गलत जानकारी देकर और फर्जी दावे करके लगभग 493 करोड़ रुपये कमाए. ये पैसा स्टूडेंट्स के एडमिशन और फीस के नाम पर निकाला गया. ईडी ने इस केस में लगभग 140 करोड़ रुपये की जमीन और इमारतें (लगभग 54 एकड़) को जब्त भी किया है.
ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांच में पता चला कि जवाद अहमद सिद्दीकी का पूरे ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पर पूरा कंट्रोल था. वो ट्रस्ट का मुखिया और यूनिवर्सिटी का कुलपति था. सारे एडमिन, पैसा और फैसले वही लेता था और बाकी लोग बस नाम के थे. ED का कहना है कि अल-फलह ग्रुप ने स्टूडेंट्स और सरकारी एजेंसियों को कई तरह से गुमराह किया.
कॉलेज की NAAC रैंकिंग खत्म होने के बाद भी उसे वेबसाइट पर वैध दिखाया गया, ताकि एडमिशन आसानी से मिले. यूनिवर्सिटी को UGC कानून की धारा 2(f) के तहत मंजूरी मिली थी, लेकिन इसे धारा 12(B) के तहत भी दिखाया गया, जबकि ये गलत था. मेडिकल कॉलेज के लाइसेंस और कागज सरकारी मेडिकल एजेंसियों को गलत जानकारी देकर लिए गए.
परिवार के कंपनियों में भेजे 110 करोड़ रुपये
इसके अलावा, जांच में ये भी सामने आया कि संस्थान का पैसा जवाद सिद्दीकी के परिवार की कंपनियों, आमला एंटरप्राइजेज, कारकुन कंस्ट्रक्शन, दियाला कंस्ट्रक्शन में भेजा गया. इन फर्मों में 110 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम भेजी गई. इतना ही नहीं, जवाद सिद्दीकी ने 3 करोड़ रुपये से ज्यादा अपनी पत्नी को और करीब 1 करोड़ रुपये अपने बेटे को विदेश में ट्रांसफर किए. विदेश में निवेश और बिजनेस के लिंक भी मिले हैं.
ED के मुताबिक, इस ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी का इस्तेमाल शिक्षा और समाज सेवा के नाम पर किया गया, लेकिन फायदा निजी और परिवार के काम में लिया गया. ईडी ने जवाद अहमद सिद्दीकी को 18 नवंबर, 2025 को गिरफ्तार किया था और वो अभी जेल में है. मामले की जांच जारी है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























