चांदी हुई 3 लाख पार, क्या अब भी कर सकते हैं इसमें निवेश; क्या है इन्वेटर्स की राय?
Investment In Silver: चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं. जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और चिंता दोनों बढ़ी हैं. क्या इस तेजी के बाद भी इसमें निवेश समझदारी होगी? जान लीजिए

Investment In Silver: चांदी की कीमतों ने निवेशकों को चौंका दिया है. हाल ही में चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर चुकी है और बाजार में इसकी जबरदस्त चर्चा है. कुछ समय पहले तक जिसे धीमी चाल वाला मेटल माना जा रहा था, वही अब तेजी का नया चेहरा बन गया है. इंडस्ट्रियल डिमांड, ग्रीन एनर्जी सेक्टर जैसे फैक्टर्स ने मिलकर चांदी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है.
ऐसे में नार्मल इन्वेस्टर के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब भी चांदी में पैसा लगाना सही रहेगा या फिर यह लेवल रिस्की साबित हो सकता है. क्योंकि जब कोई एसेट रिकॉर्ड बनाता है. तो उसमें मौके भी होते हैं और खतरे भी. यही वजह है कि एक्सपर्ट्स और इन्वेस्टर्स की राय इस वक्त सबसे ज्यादा अहम हो जाती है. जान लीजिए क्या चांदी में पैसे लगाने का यह सही वक्त है या नहीं?
इस वजह से बढ़े चांदी के दाम
चांदी की मौजूदा तेजी सिर्फ ज्वेलरी डिमांड की वजह से नहीं है. इसका बड़ा कारण इंडस्ट्रियल यूज है. सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर और मेडिकल इक्विपमेंट जैसे सेक्टर्स में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है. इसके साथ ही दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की नीतियां और डॉलर में उतार-चढ़ाव भी कीमती धातुओं को सपोर्ट कर रहे हैं. जब भी ग्लोबल इकॉनमी में अनिश्चितता बढ़ती है.
निवेशक गोल्ड के साथ-साथ सिल्वर की तरफ भी तेजी से रुख करते हैं. सप्लाई साइड पर नई माइनिंग धीमी है. जबकि मांग लगातार ऊपर जा रही है. यही गैप कीमतों को पुश कर रहा है. कई कमोडिटी एनालिस्ट मानते हैं कि चांदी अब सिर्फ गरीब आदमी का सोना नहीं रही. बल्कि टेक्नोलॉजी मेटल बन चुकी है और यही इसकी कीमतों को इजाफा होने की वजह बन रहा है.
क्या अब भी निवेश का मौका है?
3 लाख के पार पहुंचने के बाद बहुत से निवेशकों को लग रहा है कि कहीं देर तो नहीं हो गई. लेकिन बाजार की सोच इससे थोड़ी अलग है. अनुभवी इन्वेस्टर्स का मानना है कि चांदी में अभी भी लॉन्ग टर्म पोटेंशियल बाकी है, खासकर उन लोगों के लिए जो धीरे-धीरे निवेश करना चाहते हैं. एक्सपर्ट्स एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय SIP या स्टैगरड इन्वेस्टमेंट की सलाह दे रहे हैं. जिससे वोलैटिलिटी का असर कम हो.
हालांकि यह भी साफ कहा जा रहा है कि इतनी ऊंचाई पर खरीदारी करते समय पैशेंस बहुत जरूरी है. शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुकिंग से करेक्शन आ सकता है. लेकिन जो निवेशक 3 से 5 साल का टाइम ले सकते हैं. उनके लिए चांदी अब भी पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन का मजबूत ऑप्शन मानी जा रही है. मतलब यह कि आप अभी भी चांदी में निवेश कर सकते हैं. लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए.
यह भी पढ़ें:UPI के जरिए ऐसे निकलेगा PF का पैसा, नोट कर लें पूरा प्रॉसेस
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























