'घड़ियाली आंसू बहाना...' धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद नहीं चलने देने पर कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबा चौड़ा पोस्ट शेयर किया है.

नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने चुप्पी साधी हुई थी मगर अब वो अपनी खुलकर बात कर रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है और कहा है कि वो छात्रों के हितों को लेकर झूठ फैला रही है.
धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा- 'कांग्रेस पार्टी छात्रों के हितों को लेकर लगातार झूठ फैला रही है. राहुल गांधी के पास सही तथ्य नहीं हैं. विपक्ष के नेता, जिन्हें झूठ बोलने की आदत हो चुकी है, न तो संसद में आना चाहते हैं और न ही जवाब सुनना चाहते हैं. वे सिर्फ अपना झूठ फैलाना और घड़ियाली आंसू बहाना चाहते हैं.'
छात्रों के हितों को लेकर @INCIndia लगातार झूठ फैला रही है, @RahulGandhi के पास तथ्य नहीं है, आदतन झूठ बोलने वाले नेता प्रतिपक्ष को न संसद में आना है और न जवाब सुनना है। इन्हें तो बस अपना झूठ फैलाकर घड़ियाली आँसू बहाना है।
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) August 11, 2026
माननीय गृहमंत्री श्री @AmitShah जी पर बेवजह बिना किसी…
संसद के काम में डाल रहे रुकावट
'गृह मंत्री अमित शाह जी पर बेबुनियाद और बिना तथ्यों के झूठे आरोप लगाना राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक निराशा को दिखाता है. सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन के काम में रुकावट डाल रही है. देश और युवाओं के हितों को नुकसान पहुंचा रही है. ऐसा इसलिए है क्योंकि उनका इरादा देश का भला करना नहीं, बल्कि अपने स्वार्थ को सबसे ऊपर रखना है. जब सदन में चर्चा होती है, तो ये लोग बाहर हंगामा करते हैं, क्योंकि सदन के अंदर जवाब सुनने की उनमें हिम्मत नहीं है.'
'कांग्रेस का लोकतंत्र भी चुनिंदा है. जहां उनकी सरकार है वहां युवाओं पर अत्याचार होता है, और जहां उन्हें अपनी राजनीति चमकानी होती है वहां वे झूठ और हंगामा फैलाते हैं. झारखंड में छात्रों के साथ हुई बर्बरता को पूरे देश ने देखा है. लेकिन सवाल यह है कि हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी आज इस पर चुप क्यों हैं? देश का युवा कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुका है. लोकतंत्र में तानाशाही की कोई जगह नहीं है; इमरजेंसी की मानसिकता से चलने वाली कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को यह बात अच्छे से समझ लेनी चाहिए.'
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