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रेल मंत्रालय का पहिया हुआ तेज, अब रेल भवन में सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक होगा काम

रेल मंत्री के इस निर्देश के मुताबिक रेलवे मिनिस्टर कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी तत्काल प्रभाव से 2 शिफ्ट में काम करेंगे. पहली शिफ्ट सुबह 7 से 4 बजे और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 से रात 12 बजे तक होगी.

नई दिल्ली: गुरुवार को अपना पद भार संभालने के बाद से ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एक्शन में हैं. जिम्मेदारी संभालने के साथ उन्होंने पहला काम अपने ऑफिस के काम काज को चुस्त दुरूस्त करने का किया और इसके लिए रेल मंत्रालय में कामकाज के घंटों को लेकर बड़ा फैसला किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने पहले निर्देश में रेल मंत्रालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को दो शिफ्ट में काम करने को कहा है. 

रेल भवन में सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक होगा काम 

रेल मंत्री के इस निर्देश के मुताबिक एमआर सेल यानी रेलवे मिनिस्टर कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी तत्काल प्रभाव से 2 शिफ्ट में काम करेंगे. पहली शिफ्ट सुबह बजे 7 से शाम 4 बजे और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से रात 12 बजे तक होगी. यानि रेल मंत्री का ऑफिस सुबह सात बजे से लेकर रात के 12 बजे तक काम करेगा.  

कितने कर्मचारियों पर लागू होगा ये आदेश 

एमआर सेल का मतलब है रेलवे मिनिस्टर ऑफ़िस और उससे जुड़े अन्य लोग (पैराफ़र्नेलिया). दो शिफ़्टों में काम करने का ये नियम मोटे तौर पर 20 से 50 अधिकारियों पर लागू होता है. लेकिन आवश्यकता के अनुसार ये संख्या कम या ज़्यादा हो सकती है. समस्त कर्मचारियों को मिलाकर ये संख्या 80 स्टाफ़ तक ही सीमित रह सकती है. 

मिशन मोड में रेल मंत्री 

इस आदेश से साफ है कि रेल मंत्री, मंत्रालय और अपने कामकाज के घंटे बढ़ाना चाहते हैं और उसके लिए एक नई व्यवस्था बनायी जा रही है. इस आदेश पर रेलवे के उच्च अधिकारियों का कहना है कि मिशन मोड पर रेलवे को बहुत कुछ करना है, जिसके लिए एक-एक मिनट महत्वपूर्ण है. साफ है कि रेलवे अपने विस्तार और आधुनिकीकरण के काम को आगे बढ़ाने के लिए जोर-शोर से काम करने के लिए कमर कस रहा है. अपना पदभार संभालते हुए रेल मंत्री ने कहा था कि वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मिशन को आगे बढ़ाएंगे. ऐसे में जाहिर है कि रेल मंत्री रेलवे में पीएम के इस मिशन को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रियता पहले ही दिन से दिखाना चाहते हैं.

जानिए रेल मंत्री के बारे में 

ओडिशा से बीजेपी सांसद अश्विनी वैष्णव 1994 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं. आईएएस अधिकारी रहते हुए उनके बहुत से कामों को प्रसिद्धि मिल चुकी है. ओडिशा के बालासोर में आए समुद्री तूफान के दौरान राहत पहुंचाने के उनके मिशन की काफ़ी तारीफ़ हुई थी. अश्विनी वैष्णव प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय पीएमओ में डिप्टी सेक्ट्रेटरी भी रह चुके हैं. 16 साल ओड़िशा कैडर से आईएएस रहने के बाद वैष्णव ने 2010 में स्वैछिक सेवनिवृत्ति ले ली और राजनीति में आ गए. 28 जून 2019 से अश्विनी वैष्णव राज्यसभा सदस्य हैं. अश्विनी वैष्णव ने एम.टेक और एमबीए की डिग्री ली है. आईआईटी कानपुर और विश्व प्रसिद्ध बिज़नेस यूनिवर्सिटी द व्हार्टन स्कूल ऑफ़ द यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेंसिलवेनिया में पढ़ाई कर चुके हैं.

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