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गणेश विसर्जन के बाद घर में क्या करें ? बप्पा की विदाई के बाद न करें ये गलती

Ganesh Visarjan 2026: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के आगमन के बाद लोग अपनी श्रद्धानुसार तीन, पांच, सात दिन या अनंत चतुर्दशी तक गणेश विसर्जन करते हैं. ऐसे में जान लें विसर्जन के बाद किन बातों का ध्यान रखें.

Ganesh Visarjan 2026: गणेश चतुर्थी पर घर-घर बप्पा का आगमन हो चुका है. भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार भगवान गणेश को एक, तीन, पांच, सात, नौ या 10 दिनों तक घर में विराजमान रखते हैं और फिर विधि विधान से उनका विसर्जन करते हैं. वहीं गणपति विसर्जन के लिए अनंत चतुर्दशी का दिन विशेष माना जाता है. इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को है.

बप्पा घर में खुशियां, सकारात्मकता और समृद्धि लाते हैं ऐसे में उनकी विदाई के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि गणेश जी का आशीर्वाद बना रहे, आइए जानते हैं. 

पूजा स्थल की करें सफाई

गणेश विसर्जन के बाद सबसे पहले उस स्थान की सफाई करें जहां बप्पा विराजमान थे. चौकी, आसन और आसपास के स्थान को साफ करके गंगाजल या स्वच्छ जल का छिड़काव किया जा सकता है. पूजा में इस्तेमाल किए गए फूल, पत्ते और अन्य निर्माल्य को सम्मानपूर्वक हटाएं. इन्हें कूड़े में फेंकने के बजाय किसी पौधे की जड़ में या उचित धार्मिक विधि से विसर्जित करना बेहतर माना जाता है.

गणेश जी की पूजा में रखी सुपारी का क्या करें?

कई घरों में गणेश स्थापना के दौरान सुपारी को भगवान गणेश के प्रतीक के रूप में रखा जाता है. विसर्जन के बाद इस सुपारी को फेंकना नहीं चाहिए. इसे पूजा घर में रखकर नियमित पूजा की जा सकती है या परिवार की परंपरा के अनुसार इसका उपयोग किया जा सकता है. यदि कलश स्थापित किया गया था तो कलश का जल भी पौधों में डाल सकते हैं.

अखंड दीपक हो तो क्या करें?

अगर गणेश स्थापना के समय अखंड दीपक जलाया गया था, तो विसर्जन के बाद उसे तुरंत बुझाने की बजाय पूजा की परंपरा के अनुसार कुछ समय तक जलने दें हालांकि अखंड दीपक को बिना निगरानी के कभी न छोड़ें. दीपक बुझने के बाद पूजा स्थल को व्यवस्थित कर दें.

प्रसाद और निर्माल्य

गणेश पूजा में चढ़ाए गए मोदक, लड्डू, फल और अन्य प्रसाद को परिवार के सदस्यों में बांटकर ग्रहण करें. पूजा सामग्री को विसर्जित कर दें.

बप्पा की विदाई के बाद क्या न करें?

  • विसर्जन के बाद पूजा स्थल को लंबे समय तक गंदा न छोड़ें.
  • विसर्जन के बाद घर में कलह, नकारात्मक बातें और अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए.
  • बच्चों को बिना वजह डांटें नहीं.

FAQs

  1. गणेश विसर्जन के बाद घर में क्या करना चाहिए?
    बप्पा की विदाई के बाद पूजा स्थल की सफाई करें और गंगाजल या स्वच्छ जल का छिड़काव करें.
  2. गणेश जी को चढ़ाई गई पूजा सामग्री का क्या करें?
    फूल-पत्ते और अन्य निर्माल्य को सम्मानपूर्वक हटाकर उचित स्थान पर विसर्जित करें. प्रसाद परिवार में बांटकर ग्रहण करें.
  3. गणेश स्थापना में रखी सुपारी का क्या करें?
    पूजा में रखी सुपारी को विसर्जन के बाद फेंकने के बजाय पूजा घर में रखकर नियमित पूजा कर सकते हैं.
  4. गणेश विसर्जन के बाद घर में क्या नहीं करना चाहिए?
    घर में कलह, नकारात्मक बातें और अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए. पूजा स्थल को भी लंबे समय तक गंदा न छोड़ें.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Barsaley)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, रमजान, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि
  • शकुन शास्त्र
  • वास्तु

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

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