चाणक्य नीति: हमेशा ऐसे लोगों से बचना चाहिए जो आपके सामने आपसे मीठी-मीठी बातें करते हैं
Chanakya Niti आचार्य चाणक्य को एक दार्शनिक, भारतीय सम्राट चंद्रगुप्त के मुख्य सलाहकार के रूप में जाना जाता है. कौटिल्य मूल रूप से उत्तरी भारत के थे और तक्षशिला विश्वविद्यालय में राजनीतिक विज्ञान और अर्थशास्त्र के प्रोफेसर थे.

नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है उनका जन्म पाटलिपुत्र, मगध (आधुनिक बिहार, भारत) में हुआ था और बाद में वह तक्षशिला चले गए थे. चाणक्य तक्षशिला विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के आचार्य थे. उन्हें उनकी दूरदर्शिता और व्यापक ज्ञान के लिए जाना जाता है. उनके विचार आज भी दुनिया भर में लोकप्रिय हैं. जवाहरलाल नेहरू की डिस्कवरी ऑफ इंडिया में, चाणक्य को भारतीय मैकियावेली कहा गया है. कौटिल्य के विषय में कई लेख हैं जो उन्हें बुद्धिमान और निर्मम दोनों बताते हैं. कौथिल्य ने अर्थशास्त्र में जो विचार व्यक्त किए हैं, वे पूरी तरह से व्यावहारिक हैं. तो चलिए जानते हैं उनकी बताई कुछ नीतियों के बारे में.
चाणक्य नीति के मुताबिक व्यक्ति को अपने धन को कठिन समय के लिए बचाना चाहिए.
चाणक्य नीति के अनुसार उस देश में नहीं रुकना चाहिए जहां आपको सम्मान नहीं मिलता हो, आजीविका नहीं कमा सकते हो, कोई दोस्त नहीं हो या ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकते हो.
चाणक्य नीति के मुताबिक समझदार पुरुषों को कभी भी ऐसे देश में नहीं जाना चाहिए जहां, आजीविका कमाने का कोई साधन मौजूद नहीं हो, जहां लोगों को किसी से कोई डर नहीं हो और कोई बुद्धिमत्तापूर्ण स्वभाव नहीं हो.
चाणक्य नीति के अनुसार उससे बचें जो आपसे मीठी-मीठी बातें करता है, लेकिन आपकी पीठ के पीछे आपको बर्बाद करने की कोशिश करता है.
चाणक्य नीति के मुताबिक किसी बुरे साथी पर अपना भरोसा न रखें और न ही किसी साधारण दोस्त पर भरोसा करें, क्योंकि अगर वह आपसे नाराज हो जाए, तो वह आपके सभी रहस्यों को सामने ला सकता है. इसलिए अपनी बातों को हमेशा सीक्रेट रखना चाहिए.
चाणक्य नीति के अनुसार वे माता-पिता जो अपने पुत्रों को शिक्षित नहीं कराते, वे उनके शत्रु हैं.
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