एक्सप्लोरर

बहुत ही साइलेंटली अपना शिकार बनाते हैं ये कैंसर, लक्षण दिखने तक हो जाती है देर

कैंसर के कई प्रकार ऐसे होते हैं जो इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर देते हैं. ये कैंसर सालों तक शरीर के अंदर बिलकुल खामोशी से बढ़ते रहते हैं.

आमतौर पर हम किसी भी गंभीर बीमारी को दर्द, तेज तकलीफ या अचानक बिगड़ती हालत से जोड़कर देखते हैं. हमें लगता है कि जब शरीर में कुछ गड़बड़ होगी, तो शरीर खुद हमें चेतावनी दे देगा. लेकिन कैंसर के कई प्रकार ऐसे होते हैं जो इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर देते हैं. ये कैंसर सालों तक शरीर के अंदर बिलकुल खामोशी से बढ़ते रहते हैं. न तेज दर्द, न कोई बड़ा लक्षण, न ऐसा कुछ जो इंसान को तुरंत डॉक्टर के पास जाने पर मजबूर करे और जब तक इनके लक्षण साफ तौर पर सामने आते हैं, तब तक अक्सर बहुत देर हो चुकी होती है.
 
कैंसर का सबसे खतरनाक रूप उसकी तेजी नहीं, बल्कि उसकी चुप्पी होती है.कई बार कैंसर शरीर में मौजूद रहता है, लेकिन मरीज और डॉक्टर दोनों को इसका अंदाजा नहीं लग पाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन से कैंसर बहुत ही साइलेंटली अपना शिकार बनाते हैं. 
 
कौन से कैंसर बहुत ही साइलेंटली अपना शिकार बनाते हैं 
 
1. डिम्बग्रंथि का कैंसर - डिम्बग्रंथि का कैंसर लंबे समय से साइलेंट किलर माना जाता है. इस कैंसर के शुरुआती लक्षण बहुत हल्के और भ्रमित करने वाले होते हैं, जैसे पेट का थोड़ा फूलना, जल्दी पेट भर जाना, नीचे पेट या श्रोणि में हल्की-सी बेचैनी. ज्यादातर महिलाएं इन लक्षणों को गैस, अपच या सामान्य पीरियड्स की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देती हैं.इसी वजह से लगभग दो-तिहाई मामलों में ओवरी कैंसर का पता तीसरे या चौथे स्टेज में चलता है, जब बीमारी पेट में फैल चुकी होती है. 
 
2. पैंक्रियाज का कैंसर - अगर सबसे ज्यादा जानलेवा साइलेंट कैंसर की बात करें, तो पैंक्रियाज का कैंसर सबसे ऊपर आता है. सिर्फ 15 प्रतिशत से कम मामलों में ही यह कैंसर शुरुआती स्टेज में पकड़ा जाता है. ज्यादातर मरीज तब आते हैं जब कैंसर फैल चुका होता है. इसके शुरुआत में न दर्द होता है, न पीलिया, न कोई गंभीर पाचन समस्या होती है. जब लक्षण आते हैं, जैसे तेज दर्द, वजन कम होना या पीलिया तब तक सर्जरी का मौका निकल चुका होता है. इसी कारण यह कैंसर बहुत कम मामलों में ठीक हो पाता है. 
 
3.  फेफड़ों का कैंसर - फेफड़ों का कैंसर दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है, फिर भी यह भी अक्सर चुपचाप बढ़ता है.  इसके शुरुआती लक्षण हल्की लेकिन लंबे समय तक रहने वाली खांसी, थोड़ी-सी सांस फूलना, लगातार थकान, धूम्रपान करने वाले लोग इन लक्षणों को नॉर्मल समझ लेते हैं. परिवार वाले भी ज्यादा  गंभीरता नहीं दिखाते. नतीजा यह होता है कि लगभग 70 प्रतिशत मरीज तीसरे या चौथे स्टेज में डॉक्टर के पास पहुंचते हैं. 
 
4. कोलोरेक्टल का कैंसर - आंतों का कैंसर लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के रह सकता है. इसके शुरुआती संकेत बहुत मामूली होते हैं. जैसे मल में थोड़ा सा खून (जो दिखता नहीं), आयरन की कमी से खून की कमी, शौच की आदतों में हल्का बदलाव. लोग इन्हें बवासीर, कमजोरी या उम्र का असर मान लेते हैं. जबकि सच यह है कि समय पर जांच हो जाए तो यह कैंसर पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. 
 
5. ब्रेस्ट कैंसर - भारत में ब्रेस्ट कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके शुरुआती चरण में दर्द नहीं होता है. अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि दर्द नहीं है, तो कुछ गंभीर नहीं होगा.  लेकिन  भारत में लगभग आधे मरीज उन्नत स्टेज में आते हैं. 8–10 प्रतिशत मरीजों में तो कैंसर पहले से शरीर में फैल चुका होता है. गांठ, स्किन में बदलाव या निप्पल से डिस्चार्ज को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. 
 
6. गॉलब्लैडर का कैंसर - उत्तर भारत में गॉलब्लैडर का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है. शुरुआत में इसके लक्षण पित्त की पथरी, हल्का पेट दर्द, अपच जैसे लगते हैं. मरीज और कई बार डॉक्टर भी इसे सामान्य पथरी समझ लेते हैं. जब पीलिया या तेज दर्द होता है, तब तक 70–80 प्रतिशत मामलों में कैंसर काफी फैल चुका होता है. 
 
 
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Gallbladder Stones: पित्त की थैली में कैसे बनती है पथरी? जानें लक्षण और इलाज
पित्त की थैली में कैसे बनती है पथरी? जानें लक्षण और इलाज
Can Bigger Thighs Help You Live Longer: क्या बड़ी जांघों से बढ़ती है उम्र? इस स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
क्या बड़ी जांघों से बढ़ती है उम्र? इस स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Independence Day 2026: फिट इंडिया का सपना, क्या आपकी 10 आदतें बन रहीं दुश्मन?
Independence Day 2026: फिट इंडिया का सपना, क्या आपकी 10 आदतें बन रहीं दुश्मन?
Patient's Complaints on Private Hospital: इलाज महंगा या बिल में खेल? 68% लोगों ने प्राइवेट अस्पतालों पर उठाए सवाल
इलाज महंगा या बिल में खेल? 68% लोगों ने प्राइवेट अस्पतालों पर उठाए सवाल

वीडियोज

The Traitors India Season 2 में बड़ा खेल, 3 एपिसोड में 4 कंटेस्टेंट्स हुए बाहर
Pawan Singh की शादी पर Radhe Maa का बड़ा Prediction, 45 की उम्र में मिलेगी Loving Wife!
Ramayana के VFX Trolls पर Ranbir Kapoor का जवाब, बोले- लोग CG Critics बन गए हैं
Pati Brahmachari:😍Isha-Suraj के बीच दिखी केमिस्ट्री, पर इस खुशी के पीछे का राज क्या? #sbs
Bollywood News: संजू-सलमान की जोड़ी! फिल्म में सलमान खान और संजय दत्त का धमाकेदार स्पेशल एक्शन कैमियो देखने को मिलेगा (13.08.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘भारत की सहनशीलता को न समझें...’, डोभाल ने दिलाई ऑपरेशन सिंदूर की याद
‘भारत की सहनशीलता को न समझें...’, डोभाल ने दिलाई ऑपरेशन सिंदूर की याद
'चच्चू को संभालिए, नहीं तो सत्ता में नहीं आने देंगे', योगी के मंत्री की अखिलेश यादव को नसीहत 
'चच्चू को संभालिए, नहीं तो सत्ता में नहीं आने देंगे', योगी के मंत्री की अखिलेश यादव को नसीहत 
DC Box Office: इस तमिल फिल्म ने एक हफ्ते में चुपचाप लूट लिया बॉक्स ऑफिस, इतना तगड़ा रिकॉर्ड भी बना डाला
इस तमिल फिल्म ने एक हफ्ते में चुपचाप लूट लिया बॉक्स ऑफिस, इतना तगड़ा रिकॉर्ड भी बना डाला
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
भारत आएंगे ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान, BRICS समिट में लेंगे हिस्सा
भारत आएंगे ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान, BRICS समिट में लेंगे हिस्सा
क्या बीजेपी और अकाली दल में गठबंधन तय है? 3 घटनाक्रम से समझें
क्या बीजेपी और अकाली दल में गठबंधन तय है? 3 घटनाक्रम से समझें
श्रीलंका में भारत की धाक और पाकिस्तान में...! Pew रिसर्च में खुलासा
श्रीलंका में भारत की धाक और पाकिस्तान में...! Pew रिसर्च में खुलासा
Embed widget