Two Vaginas Condition: क्या किसी के जन्म से हो सकते हैं दो यूट्रस और दो प्राइवेट पार्ट, लखनऊ में सामने आया अनोखा मामला?
Woman Born With Two Uteruses Case: लखनऊ में एक बहुत ही रेयर मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों ने दो प्राइवेट पार्ट के एक केस का सफल ऑपरेशन किया है. चलिए आपको बताते हैं कि क्या ऐसे मामले होते हैं.

Congenital Reproductive System Disorder: लखनऊ में सामने आए एक बेहद रेयर मेडिकल केस ने सभी को हैरान कर दिया है. डॉक्टरों ने एक ऐसी युवती का सफल इलाज किया है, जो जन्म से ही दो यूट्रस और दो वेजाइना के साथ पैदा हुई थी. यह जन्मजात समस्या बचपन से ही उसकी जिंदगी को मुश्किल बना रही थी. बलिया जिले की रहने वाली इस युवती को बचपन से यूरिन पर कोई नियंत्रण नहीं था. वह सालों तक डायपर पर निर्भर रही। उम्र बढ़ने के साथ स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. इसके साथ ही उसे शौच से जुड़ी गंभीर दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता था, जिससे उसका रोजमर्रा का जीवन और सामाजिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे थे.
कई अस्पतालों में इलाज, लेकिन समाधान नहीं
परिवार ने वर्षों तक स्थानीय अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन कहीं से स्थायी राहत नहीं मिली. आखिरकार, उसे लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लाया गया, जहां डॉक्टरों ने विस्तार से जांच शुरू की. मेडिकल जांच में सामने आया कि युवती के शरीर में तीन गंभीर जन्मजात दिक्कतें थीं. डॉक्टरों ने पाया कि उसके दो पूरी तरह विकसित यूट्रस और दो वेजाइना थीं. इसके अलावा, यूरिन की नलियां गलत जगह खुल रही थीं, जिससे लगातार यूरिन रिसता रहता था. वहीं, एनल ओपनिंग भी असामान्य रूप से विकसित थी और वेजाइना के बहुत पास स्थित थी.
डॉक्टरों की टीम ने बनाई तीन चरणों की सर्जरी योजना
यूरोलॉजी एक्सपर्ट प्रोफेसर ईश्वर राम धायल की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने केस संभाला. स्थिति की जटिलता को देखते हुए तीन चरणों में सर्जरी करने का फैसला लिया गया. पहले चरण में शौच मार्ग को सही किया गया, ताकि मल त्याग की समस्या दूर हो सके. इसके बाद दो अलग-अलग सर्जरी के जरिए यूरिन की नलियों की गलत पोजीशन को ठीक किया गया. ये सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन डॉक्टरों की सावधानी और अनुभव से सभी चरण सफल रहे.
क्या पहले भी ऐसे मामले आ चुके हैं?
डॉक्टरों के मुताबिक, अब युवती को पेशाब पर नियंत्रण मिल गया है और शौच से जुड़ी समस्याएं भी काफी हद तक ठीक हो चुकी हैं. यह प्रदेश का पहला मामला था. Mayo Clinic और अन्य मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, यह काफी रेयर होता है और यह स्थिति जन्म से ही होती है,कई महिलाएं इसके साथ सामान्य जीवन भी जीती हैं. साल 2022 में स्टेफनी हैक्सटन नाम की महिला का मामला सामने आया था, जो स्टेफनी अलास्का की रहने वाली हैं.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL

























