Largest Forex Reserve: विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में टॉप-10 देश कौन-से, किस नंबर पर आता है भारत?
Largest Forex Reserve: विदेशी मुद्रा भंडार देश की आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी इमरजेंसी फंड है, जो महंगाई रोकने और आयात में मदद करता है. आइए टॉप 10 देशों की रैंकिंग और इसमें भारत का नंबर जानें.

- भारत 690 अरब डॉलर भंडार के साथ पांचवें स्थान पर.
Largest Forex Reserve: विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की आर्थिक शक्ति का असली पैमाना होता है, जो संकट के समय ढाल बनकर खड़ा रहता है. वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और अपनी मुद्रा की गिरती वैल्यू को संभालने के लिए हर देश का केंद्रीय बैंक इस खजाने को भरता है. मौजूदा समय में भारत ने अपनी आर्थिक नीतियों के दम पर दुनिया के टॉप-10 देशों की सूची में एक खास मुकाम हासिल कर लिया है. चलिए विस्तार से समझते हैं कि इस महत्वपूर्ण लिस्ट में कौन सा देश किस पायदान पर खड़ा है और भारतीय खजाने की स्थिति क्या है.
सबसे बड़ा खजाना किसके पास?
पूरी दुनिया में विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में चीन का कोई मुकाबला नहीं है और वह पहले स्थान पर काबिज है. आंकड़ों के अनुसार, चीन के पास 3.751 ट्रिलियन डॉलर का विशाल भंडार मौजूद है, जो उसकी मजबूत एक्सपोर्ट पॉलिसी का नतीजा है.
जापान का दूसरा स्थान
तकनीक और ऑटोमोबाइल क्षेत्र की महाशक्ति जापान इस सूची में दूसरे पायदान पर मजबूती से टिका हुआ है. जापान का विदेशी मुद्रा भंडार 1.383 ट्रिलियन डॉलर है, जो उसे वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में भी काफी सुरक्षित और स्थिर बनाए रखता है.
स्विट्जरलैंड की तीसरी रैंक
यूरोप का छोटा सा देश स्विट्जरलैंड अपनी बेहतरीन बैंकिंग प्रणाली के कारण दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों में गिना जाता है. विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में यह तीसरे नंबर पर है और इसके पास 1.1 ट्रिलियन डॉलर का विशाल फॉरेक्स रिजर्व मौजूद है.
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रूस की मजबूत स्थिति
तमाम वैश्विक प्रतिबंधों और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद रूस ने अपने आर्थिक खजाने को काफी बेहतर ढंग से प्रबंधित किया है. आंकड़ों की मानें तो इस सूची में रूस चौथे स्थान पर है और वर्तमान में इसके पास 758.7 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है.
भारत का शानदार नंबर
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार भारत अब दुनिया के पांच शीर्ष देशों की श्रेणी में आ चुका है. भारत 690 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार के साथ पांचवें स्थान पर है, जो देश की आयात क्षमता और करेंसी की मजबूती को दर्शाता है.
जर्मनी की छठी पायदान
यूरोप की सबसे बड़ी और शक्तिशाली अर्थव्यवस्था जर्मनी भी इस वैश्विक सूची में अपना प्रभाव बनाए हुए है. रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी के पास 640 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो उसे छठे स्थान पर रखता है.
ताइवान की सातवीं रैंकिंग
सेमीकंडक्टर चिप्स के वैश्विक निर्माण का केंद्र ताइवान अपनी व्यापारिक ताकत के दम पर सातवें स्थान पर है. ताइवान के पास 602.49 अरब डॉलर का फॉरेक्स रिजर्व है, जो उसकी छोटी भौगोलिक स्थिति के मुकाबले बहुत बड़ी आर्थिक उपलब्धि है.
सऊदी अरब का आठवां स्थान
कच्चे तेल का सबसे बड़ा निर्यातक सऊदी अरब अपनी तेल अर्थव्यवस्था के दम पर दुनिया के शीर्ष 10 अमीर देशों में शामिल है. 496 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार के साथ सऊदी अरब इस सूची में आठवें पायदान पर खड़ा है.
हॉन्ग कॉन्ग की नौवीं रैंक
दुनिया के प्रमुख वित्तीय हब के रूप में पहचाना जाने वाला हॉन्ग कॉन्ग अपने मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार के कारण नौवें स्थान पर है. इसके खजाने में 442.1 अरब डॉलर मौजूद हैं, जो एशिया की अर्थव्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हैं.
दक्षिण कोरिया का दसवां पायदान
इलेक्ट्रॉनिक्स और समुद्री जहाज निर्माण के क्षेत्र में दिग्गज दक्षिण कोरिया इस सूची का आखिरी और महत्वपूर्ण देश है. 427.88 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार के साथ दक्षिण कोरिया दसवें स्थान पर है और अपनी वैश्विक व्यापारिक धाक जमाए हुए है.
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