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Bihar No Vehicle Day: बिहार में एक दिन रहेगा नो व्हीकल डे, जानें इस दायरे में नहीं आएंगी कौन-सी गाड़ियां?

Bihar No Vehicle Day: बिहार में ईंधन बचत के लिए नो व्हीकल डे की अपील की गई है. इसके तहत कुछ वाहनों को छूट मिलेगी, जबकि निजी गाड़ियां न चलाने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाएगा.

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  • सार्वजनिक परिवहन और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा.

Bihar No Vehicle Day: पश्चिम एशिया के संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की जो अपील की है, उसका असर अब राज्यों में दिखने लगा है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दिशा में एक अनुकरणीय पहल करते हुए राज्य में नो व्हीकल डे की शुरुआत करने का आग्रह किया है. यह फैसला न केवल आर्थिक बचत के लिहाज से अहम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की गंभीरता को भी दर्शाता है. मुख्यमंत्री की इस अपील का उद्देश्य व्यक्तिगत वाहनों की निर्भरता कम करना और वैकल्पिक संसाधनों को बढ़ावा देना है.

प्रधानमंत्री की अपील और बिहार का फैसला

मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देश में ईंधन की खपत कम करने का आह्वान किया था. इसी कड़ी में बिहार सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित करने का मन बनाया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद इसकी पहल करते हुए मंत्रियों के काफिले में कटौती के निर्देश दिए हैं. सरकार का मानना है कि यदि प्रशासन खुद से शुरुआत करेगा, तभी आम जनता इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित होगी.

काफिले में कटौती से बचत की शुरुआत

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे पहले सरकारी स्तर पर फिजूलखर्ची रोकने का संदेश दिया है. उन्होंने अपने और कैबिनेट के अन्य मंत्रियों के काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या को न्यूनतम करने का आदेश जारी किया है. अब तक बड़े काफिले वीवीआईपी कल्चर की पहचान माने जाते थे, लेकिन अब सुरक्षा और जरूरत के बीच संतुलन बनाते हुए कम से कम गाड़ियों का उपयोग किया जाएगा. यह कदम सीधे तौर पर ईंधन की खपत को कम करने और सड़कों पर दबाव घटाने के लिए उठाया गया है.

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नो व्हीकल डे से छूट के दायरे वाली गाड़ियां

नो व्हीकल डे का मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों, विशेषकर कारों और बाइक के इस्तेमाल को हफ्ते में एक दिन के लिए रोकना है. हालांकि, जनजीवन को सुचारू रखने के लिए कुछ वाहनों को इस दायरे से बाहर रखा गया है. एम्बुलेंस, दमकल की गाड़ियां, पुलिस वाहन और किसी भी तरह की आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह छूट दी गई है. इसके अलावा, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले मालवाहक वाहनों को भी रियायत दी गई है, ताकि बाजार में सप्लाई चेन प्रभावित न हो और जनता को दिक्कतों का सामना न करना पड़े.

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर

इस विशेष दिन पर सरकार चाहती है कि लोग अपने निजी वाहनों को घर पर ही छोड़ें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें. मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और ऑटो-रिक्शा के उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है. इससे न केवल सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा, बल्कि सामूहिक परिवहन के जरिए प्रति व्यक्ति ईंधन की खपत में भी भारी कमी आएगी. राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को भी इस मुहिम में प्रोत्साहित कर रही है, क्योंकि ये प्रदूषण मुक्त हैं और जीवाश्म ईंधन पर निर्भर नहीं हैं.

वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल कार्य संस्कृति

ईंधन बचाने के इस अभियान में मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण सुझाव दिया है. उन्होंने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के कार्यालयों से अपील की है कि वे सप्ताह में एक या दो दिन वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की संस्कृति को बढ़ावा दें. यदि कर्मचारी घर से काम करेंगे, तो दफ्तर आने-जाने में खर्च होने वाला ईंधन बचेगा और सड़कों पर वाहनों का बोझ भी कम होगा. डिजिटल इंडिया के इस दौर में यह पहल बिहार की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने में भी मददगार साबित होगी.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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