₹10 में इंडिया गेट से सरकारी दफ्तरों तक सफर, दिल्ली में पहली बार बिना पेट्रोल-डीजल चलेगी सेंट्रल विस्टा की नई बस सेवा
यह बस सेवा खास तौर पर सरकारी कर्मचारियों और सेंट्रल विस्टा इलाके में आने-जाने वाले लोगों के लिए शुरू की जा रही है. बसें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के बीच चलेंगी और रास्ते में कई बड़े सरकारी दफ्तरों और प्रमुख जगहों को कवर करेंगी.

दिल्ली वालों के लिए बड़ी खबर है. अब राजधानी की सड़कों पर हाइड्रोजन से चलने वाली बसें दौड़ती नजर आएंगी. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) शुक्रवार से सेंट्रल विस्टा इलाके में नई हाइड्रोजन बस सेवा शुरू करने जा रहा है. खास बात यह है कि इन बसों में सफर करने के लिए यात्रियों को सिर्फ 10 से 15 रुपये खर्च करने होंगे.
यह बस सेवा खास तौर पर सरकारी कर्मचारियों और सेंट्रल विस्टा इलाके में आने-जाने वाले लोगों के लिए शुरू की जा रही है. बसें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के बीच चलेंगी और रास्ते में कई बड़े सरकारी दफ्तरों और प्रमुख जगहों को कवर करेंगी. इनमें इंडिया गेट, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, कर्तव्य भवन, अकबर रोड और नेशनल स्टेडियम शामिल हैं.
DELHI METRO TO RUN HYDROGEN-POWERED SHUTTLE BUS SERVICE IN CENTRAL VISTA FROM 15TH MAY 2026
— Delhi Metro Rail Corporation (@OfficialDMRC) May 14, 2026
In a major step towards promoting clean, sustainable, and efficient urban mobility, the Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) in collaboration with the Ministry of Housing & Urban Affairs…
Indian Oil Corporation Limited ने DMRC को दो हाइड्रोजन बसें दी हैं. हर बस में 35 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में CCTV कैमरे और GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं. बस सेवा सोमवार से शुक्रवार तक चलेगी. सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम 3:30 बजे से 6:30 बजे तक लोग इसका फायदा उठा सकेंगे. हर 30 मिनट में बस मिलेगी. टिकट का भुगतान UPI, नकद और NCMC कार्ड से किया जा सकेगा.
यह फैसला ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करने और कार पूलिंग अपनाने की अपील की है. DMRC का कहना है कि यह पहल दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में आगे ले जाने का बड़ा कदम है. आने वाले समय में अगर यह प्रयोग सफल रहा तो राजधानी में ऐसी और बसें भी शुरू की जा सकती हैं.
























