कैसे होती है आकस्मिक मौत, क्या प्लेन क्रैश में शरीर राख होने पर भी होता है दर्द? क्या कहता है विज्ञान
आकस्मिक मौत उस स्थिति को कहा जाता है, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु बिना किसी चेतावनी के अचानक हो जाए. इसमें सड़क हादसा, विस्फोट, इमारत गिरना या प्लेन क्रैश यह सभी आकस्मिक मौत के कारण माने जाते हैं.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज सुबह बारामती में हुए भीषण विमान हादसे में निधन हो गया. लैंडिंग के दौरान चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया और देखते ही देखते विमान आग के गोले में तब्दील हो गया. इस दर्दनाक हादसे में उपमुख्यमंत्री के साथ पांच लोगों की जान चली गई. हादसे की भयानक तस्वीरें और चश्मदीदों के बयानों के बाद लोगों के मन में एक सवाल बार-बार उठ रहा है कि आखिर प्लेन क्रैश जैसी घटनाओं में मौत कैसे होती है और क्या शरीर के पूरी तरह जल जाने पर भी इंसान दर्द महसूस करता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं की आकस्मिक मौत कैसे होती है और क्या प्लेन क्रैश में शरीर के राख होने पर भी दर्द होता है और इसे लेकर विज्ञान का क्या कहता है.
प्लेन क्रैश में मौत के पीछे सबसे बड़ा कारण
प्लेन को उड़ाने के लिए जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल की जरूरत होती है. यह फ्यूल बहुत ज्वलनशील होता है. वहीं क्रैश के समय जैसे ही विमान जमीन से टकराता है, फ्यूल टैंक क्षतिग्रस्त हो जाता है और जेट फ्यूल लीक होकर तुरंत आग पकड़ लेता है. इस वजह से कई बार विमान सेकेंडों में आग का गोला बन जाता है.. बारामती हादसे में भी लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से पहले गिर गया और फ्यूल टैंक में ब्लास्ट हो गया. आग इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह नष्ट हो गया.
क्या आग में जलते समय दर्द महसूस होता है?
विज्ञान के अनुसार किसी भी दुर्घटना में शरीर को होने वाला दर्द इस बात पर निर्भर करता है कि दिमाग कितनी देर तक सक्रिय रहता है. वहीं प्लेन क्रैश जैसी घटनाओं में अक्सर झटका और टक्कर के कारण इंसान बहुत कम समय में बेहोश हो जाता है. अगर दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई अचानक रुक जाए या सिर पर चोट लगे तो दर्द महसूस करने की क्षमता खत्म हो जाती है. हालांकि अगर आग लगने से पहले व्यक्ति होश में हो, तो तुरंत कुछ पलों में जलन और दर्द महसूस हो सकता है. लेकिन तेज धमाके, ऊंचाई से गिरने और भारी टक्कर के कारण ज्यादातर मामलों में व्यक्ति को दर्द महसूस करने का समय ही नहीं मिल पाता है. वहीं प्लेन क्रैश में सिर्फ आग ही नहीं, बल्कि ऊंचाई से तेज रफ्तार में गिरना भी मौत का बड़ा कारण होता है. विमान जब कई फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है, तो शरीर पर पड़ने वाला झटका इतना तेज होता है कि अंदरूनी अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. कई मामलों में आग न लगने के बावजूद भी जान नहीं बच पाती है.
ऐसी घटनाएं क्यों कहलाती है आकस्मिक मौत?
आकस्मिक मौत उस स्थिति को कहा जाता है, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु बिना किसी चेतावनी के अचानक हो जाए. इसमें सड़क हादसा, विस्फोट, इमारत गिरना या प्लेन क्रैश यह सभी आकस्मिक मौत के कारण माने जाते हैं. इन मामलों में इंसान को न तो बचने का समय मिलता है और न ही स्थिति को समझने का मौका मिलता है.
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