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इजरायल के सामने कितनी देर तक टिक सकता है ईरान, देखें दोनों की मिलिट्री पावर

इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमले कर दिए. इसके बाद पूरे इलाके में हालात तेजी से बदल गए. इजरायल ने इसे प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक बताया और कहा कि हमले के खतरे को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है.

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है. आज यानी शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान पर हमले किए. इसके बाद पूरे इलाके में हालात तेजी से बदल गए. इजरायल ने इसे प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक बताया और कहा कि संभावित हमले के खतरे को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है. जबकि ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई गई है. रिपोर्ट्स के अनुसार तेहरान, इस्फहान, कोम और खोर्रमाबाद समेत कई शहरों में इजरायल की ओर से मिसाइल और एयर स्ट्राइक की गई है. बताया जा रहा है कि इजरायल की और से ईरान पर हुए अचानक हमले में अमेरिका भी शामिल था.

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के घर को भी निशाना बनाकर तबाह कर दिया गया. हालांकि,अयातुल्ला अली खामेनेई तेहरान में नहीं है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है. इसी हमले के बीच एक बार फिर यही सवाल सामने आ गया है कि अगर ईरान और इजरायल के बीच यह टकराव लंबा चलता है तो सैन्य ताकत के मामले में कौन भारी पड़ सकता है. 

ईरान-इजरायल में सैनिकों की संख्या में कौन आगे?

अगर ईरान और इजरायल की बात करें तो सक्रिय सैनिकों की संख्या में ईरान आगे बताया जाता है. ईरान के पास करीब 6 लाख तक एक्टिव सैन्य बल और करीब 3.5 लाख रिजर्व सैनिक हैं. जबकि इजरायल के पास करीब 1.7 लाख सक्रिय सैनिक है. हालांकि इजरायल के पास 4.5 लाख प्रशिक्षित रिजर्व फोर्स है, जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनात किया जा सकता है. वहीं संख्या के मामले में भले ही ईरान आगे दिखाई देता है, लेकिन ट्रेनिंग, तकनीक और ऑपरेशन के एक्सपीरियंस में इजरायल को बड़ा माना जाता है. 

एयर पावर पर पकड़ किसकी मजबूत 

वायु सेना की बात करें तो इजरायल के पास 600 से ज्यादा आधुनिक लड़ाकू विमान है, जिनमें एफ-35 जैसे स्टेल्थ जेट शामिल है. यह जेट रडार से बच निकलने की क्षमता रखते हैं और एडवांस हथियारों से लैस है. दूसरी और ईरान के पास करीब 500 से कुछ ज्यादा विमान हैं, लेकिन ईरान के जेट कई पुराने मॉडल के है. ईरान पर बैन के कारण उसे अपग्रेड और मेंटेनेंस में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में हवा में मुकाबले की स्थिति में इजरायल ईरान के मुकाबले बहुत ज्यादा मजबूत है. वहीं ईरान की सबसे बड़ी ताकत उसकी बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल मानी जाती है. उसके पास हजारों की संख्या में अलग-अलग रेंज की मिसाइल है जो क्षेत्रीय स्तर पर इजरायल के लिए बड़ा खतरा बन सकती है. वहीं इजरायल के पास संख्या कम जरूर है, लेकिन उसकी मिसाइल तकनीक काफी उन्नत है और कुछ मिसाइलें लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है.

ईरान और इजरायल के रक्षा बजट में बड़ा अंतर

अगर दोनों देशों के रक्षा बजट की बात करें तो इजरायल हर साल अपने सैन्य बजट पर ईरान से कई गुना ज्यादा खर्च करता है. अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के आंकड़ों के अनुसार इजरायल ने 2024 में करीब 46.5 अरब डॉलर रक्षा पर खर्च किया था. उसे अमेरिका से सैन्य सहायता भी मिलती है. दूसरी ओर ईरान का बजट सीमित है और वह कम लागत वाली रणनीतियों, जैसे मिसाइल और ड्रोन तकनीक पर ज्यादा ध्यान देता है. वहीं  इजरायल का मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम उसकी सबसे बड़ी ताकतों में गिना जाता है. आयरन डोम जैसे सिस्टम कम दूरी की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने के लिए जाने जाते हैं. इसके अलावा मध्यम और लंबी दूरी की इंटरसेप्टर क्षमता भी उसके पास है. ईरान के पास भी घरेलू और रूसी तकनीक पर आधारित एयर डिफेंस सिस्टम हैं, लेकिन तकनीकी रूप से वे इजरायल के मुकाबले कमजोर माने जाते हैं.

ये भी पढ़ें-Pakistan Afghanistan War: सोवियत रूस से लेकर अमेरिका तक... अब तक कोई क्यों नहीं जीत पाया अफगानिस्तान?

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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