हमेशा काला चश्मा क्यों पहनते हैं नेपाल के पीएम बालेन शाह? जानें वजह
नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह उर्फ बालेन हमेशा काला रेक्टेंगुलर चश्मा पहने नजर आते हैं, जानिए इसके पीछे की असली वजह क्या है.

Nepal Prime Minister: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह, जिन्हें लोग प्यार से "बालेन" कहते हैं, अपने काले रेक्टेंगुलर चश्मे और ऑल-ब्लैक लुक के लिए मशहूर हैं. यह चश्मा और काला आउटफिट 2022 में उनके काठमांडू का मेयर बनने के कैंपेन के बाद से उनकी पहचान बन गया है. हाल ही में संसद में उनके चश्मा पहनने को लेकर विवाद भी हुआ, जिसके बाद उन्हें खास इजाजत मिली. आखिर बालेन हमेशा काला चश्मा क्यों पहनते हैं? आइए जानते हैं.
रैपर से लेकर पीएम तक का सफर
बालेन शाह मूल रूप से सिविल इंजीनियर हैं और रैपर के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं. अपने हिप-हॉप करियर के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाई. यही वजह रही कि युवओं के बीच उनकी अलग पहचान बनी. 2022 में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता. मेयर रहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान और शहर में सड़क यातायात सुधार जैसे मुद्दों पर उनके काम ने उन्हें युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय बनाया. इसके बाद 2025 के जेन-जी विरोध प्रदर्शनों के बाद वे राजनीतिक बदलाव के प्रमुख चेहरों में शामिल हुए और मार्च 2026 में नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने.
संसद में क्यों उठा चश्मे पर विवाद?
बालेन के काले चश्मे को लेकर हाल ही में नेपाल की संसद में भी चर्चा हुई. संसद के स्पीकर डोल प्रसाद अर्याल ने प्रधानमंत्री को सदन के अंदर काला चश्मा नहीं पहनने की सलाह दी थी. इसकी वजह यह बताई गई कि संसद जैसे औपचारिक मंच पर काला चश्मा पहनना कुछ लोगों को उचित नहीं लग रहा था. इसके बाद मामला संसद सचिवालय तक पहुंच गया. चर्चा होने लगी कि क्या प्रधानमंत्री को अपनी सिगनेचर स्टाइल छोड़नी पड़ेगी या नहीं. सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों की अलग-अलग राय देखने को मिली. कुछ लोगों ने चश्मे को बालेन की पहचान बताया, जबकि कुछ ने इसे संसद के भीतर अनुचित मांग बताया.
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बाद में इस मामले में एक अहम जानकारी सामने आई. संसद सचिवालय के डिप्टी स्पोक्सपर्सन अनंत प्रसाद कोइराला के मुताबिक, सचिवालय को एक मेडिकल रिपोर्ट सौंपी गई थी. रिपोर्ट में बताया गया कि प्रधानमंत्री को मेडिकल कारणों से चश्मे की जरूरत है. इसी रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तेज रोशनी के चलते संसद के भीतर भी काला चश्मा पहनने की अनुमति दे दी गई. यानी बालेन का काला चश्मा केवल फैशन या स्टाइल का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसे उनकी मेडिकल जरूरत से भी जोड़ा गया है. इसके बाद संसद में उनके चश्मे को लेकर चल रहा विवाद भी काफी हद तक खत्म हो गया.
कैसे बना फैशन आइकन?
बालेन शाह का रेक्टेंगुलर काला चश्मा अब सिर्फ उनकी पहचान नहीं, बल्कि फैशन ट्रेंड भी बन चुका है. नेपाल के कई ऑनलाइन स्टोर्स पर इस तरह के चश्मे को बालेन शाह ग्लासेज के नाम से बेचा जाता है. रैपर से सिविल इंजीनियर, फिर काठमांडू के मेयर और उसके बाद प्रधानमंत्री बनने तक बालेन का सफर काफी अलग रहा है. उनका काला चश्मा और ऑल-ब्लैक लुक उनकी बागी और अलग छवि का प्रतीक बन गया है. युवओं के बीच भी उनकी यह स्टाइल काफी लोकप्रिय है. प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के दौरान भी बालेन इसी सिग्नेचर लुक में नजर आए थे. यही वजह है कि उनका काला चश्मा अब उनकी राजनीतिक पहचान का भी अहम हिस्सा बन चुका है.
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