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हमेशा दोपहर या शाम के समय ही क्यों आती है आंधी, कभी सुबह-सुबह क्यों नहीं आती?

Thunderstorm: अक्सर ही लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर आंधी या फिर तूफान सुबह के समय क्यों नहीं आते दोपहर और शाम को ही क्यों आते हैं. आइए जानते हैं.

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  • दोपहर में पृथ्वी सर्वाधिक गर्म हो अस्थिरता व तूफान लाती है।
  • गर्म हवा ऊपर उठकर कम दबाव का क्षेत्र बनाती है।
  • सुबह ठंडी पृथ्वी व स्थिर वायुमंडल तूफान रोकते हैं।
  • सुबह तापमान का उलटाव हवा उठने में बाधा डालता है।

Thunderstorm: गर्मी और मानसून के मौसम में आंधी-तूफान, तेज हवाएं और धूल भरी आंधी आम बात हैं. लेकिन एक बात है जो अक्सर लोगों को हैरान करती है. वह यह है कि आखिर ये तूफान आमतौर पर सुबह के बजाय दोपहर या फिर शाम को ही क्यों आते हैं. इसकी वजह यह है कि दिन भर में पृथ्वी की सतह गर्म होती है और वह गर्मी वातावरण को प्रभावित करती है. वैज्ञानिक ऐसा कहते हैं कि आंधी-तूफान के लिए अस्थिरता, ऊपर उठती गर्म हवा और नमी की जरूरत होती है. ये सभी स्थितियाँ दिन के बाद के समय में सबसे मजबूत होती हैं और सुबह के समय ज्यादातर नहीं होती हैं.

दोपहर में सतह की गर्मी सबसे ज्यादा होती है

सूरज उगने के बाद से ही लगातार पृथ्वी की सतह को गर्म करता रहता है. जैसे-जैसे जमीन सौर ऊर्जा को सोखती है उसका तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है और आमतौर पर दोपहर 3:00 से शाम 6:00 के बीच अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है. यह तेज गर्मी वायुमंडल में जबरदस्त हलचल पैदा करने के लिए जरूरी ऊर्जा देती है. इससे आगे चलकर तूफान बन सकते हैं.

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गर्म हवा कम दबाव वाला क्षेत्र बनाती है 

जैसे-जैसे जमीन गर्म होती है उसके संपर्क में आने वाली हवा भी गर्म हो जाती है. गर्म हवा ठंडी हवा की तुलना में हल्की होती है. इस वजह से यह तेजी से ऊपरी वायुमंडल में ऊपर उठती है. ऊपर की तरफ होने वाली यह हलचल सतह के पास कम दबाव वाला क्षेत्र बनाती है. गर्मी जितनी ज्यादा होती है हवा उतनी ही तेजी से ऊपर उठती है और वायुमंडल उतना ही अस्थिर हो जाता है. 

ऊपर उठती गर्म हवा से बने कम दबाव वाले क्षेत्र को भरने की जरूरत होती है. यही वजह है कि आसपास के इलाकों से ठंडी और भरी हवा उस क्षेत्र की तरफ तेजी से बढ़ती है. हवा की तेज रफ्तार से अक्सर तेज हवाएं और धूल भरी आंधी पैदा होती है. 

सुबह का वायुमंडल स्थिर रहता है 

रात के समय पृथ्वी की सतह गर्मी खो देती है और काफी ठंडी हो जाती है. सुबह-सुबह जमीन के पास की हवा ठंडी और स्थिर होती है. ज्यादा गर्मी न होने की वजह से वायुमंडल में हवा की तेज ऊपर उठने वाली धाराएं पैदा करने के लिए जरूरी ऊर्जा नहीं होती. यही वजह है कि तूफान बनने की संभावना काफी कम हो जाती है. 

सुबह के समय होने वाली एक आम घटना जिसे तापमान में उल्टा बदलाव कहते हैं तूफान बनने की प्रक्रिया को रोकती है. इस स्थिति में जमीन के पास ठंडी हवा फंसी रहती है और उसके ऊपर थोड़ी गर्म हवा होती है. यह स्थिति एक ढक्कन की तरह काम करती है जिससे हवा ऊपर की तरफ नहीं उठ पाती.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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