बारिश वाले बादल क्यों होते हैं काले, सफेद बादल से ये कैसे अलग?
Rain Clouds: बारिश करने वाले बादल हमेशा काले नजर आते हैं. आइए जानते हैं कि उनके काले दिखने की वजह क्या है और वे सफेद बादलों से कैसे अलग होते हैं.

- काले बादल हमेशा भारी बारिश का पक्का संकेत नहीं देते।
Rain Clouds: बादल अलग-अलग आकार, रंग और साइज के हो सकते हैं. लेकिन सबसे साफ फर्क चमकीले सफेद बादल और बारिश वाले काले बादलों के बीच होता है. जिस तरफ सफेद बादल अक्सर नुकसान न पहुंचने वाले और सुखद लगते हैं वहीं जोरदार बारिश से पहले घने बादल जमीन से देखने पर लगभग काले ही नजर आते हैं.
हालांकि बारिश वाले बादल असल में काले नहीं होते. उनके काले दिखने की मुख्य वजह उनकी मोटाई, घनत्व और सूरज की रोशनी के साथ उनका तालमेल है.
बारिश वाले बादल काले क्यों दिखते हैं?
बादल हवा में तैरती पानी की छोटी बूंदों और बर्फ के कणों से बने होते हैं. जब बादल काफी पतले होते हैं तो सूरज की रोशनी उनमें से गुजर सकती है और अलग-अलग दिशाओं में बिखर जाती है. इस बिखराव की वजह से बादल सफेद दिखते हैं.
लेकिन बारिश वाले बादल काफी मोटे और घने हो सकते हैं. उनमें पानी की बूंदों और बर्फ के कणों की मात्रा काफी ज्यादा होती है. जब सूरज की रोशनी ऐसे बादल में घुसती है तो उसका ज्यादातर हिस्सा नीचे पहुंचने से पहले ही बिखर जाता है या फिर रुक जाता है. यही वजह है कि बादल के निचले हिस्से से काफी कम रोशनी बाहर निकलती है. जमीन से देखने पर कम रोशनी वाला यह निचला हिस्सा गहरे भूरे या फिर लगभग काले रंग का दिखता है.

सफेद बादल अलग क्यों होते हैं?
आम सफेद बादल आमतौर पर बारिश लाने वाले बड़े बादलों की तुलना में पतले होते हैं. इसी के साथ उनमें पानी की बूंदे कम होती हैं. सूरज की रोशनी इन बादलों के आर पार आसानी से जा सकती है और पानी की बूंदे और बर्फ के क्रिस्टल की वजह से रोशनी कई दिशाओं में फैल जाती है.
क्योंकि बिखरी हुई रोशनी में दिखाई देने वाली रोशनी की अलग-अलग वेवलेंथ एक साथ होती हैं इस वजह से हमारी आंखें बादल को सफेद देखती हैं. अगर आसान भाषा में कहें तो तेज रोशनी के सामने रखा एक पतला सफेद कपड़ा सफेद दिख सकता है या फिर उसमें से कुछ रोशनी गुजर सकती है. लेकिन अगर उसी कपड़े की कई परत एक साथ रखी जाएं तो काफी कम रोशनी गुजर पाती है और कपड़ा गहरा या काला दिखने लगता है. बादल भी मोटे तौर पर इसी तरह से काम करते हैं.
पानी की मात्रा बादल के रंग पर कैसे असर डालती है?
बादल में मौजूद पानी की मात्रा एक और बड़ी बात है. साफ मौसम वाले छोटे बादलों में पानी और बर्फ की मात्रा कम हो सकती है. तूफान वाले बड़े बादलों में काफी ज्यादा पानी हो सकता है जो उनकी ऊंचाई में फैली संरचना में मौजूद होता है.
जैसे-जैसे बादल मोटे होते जाते हैं सूरज की रोशनी को जमीन तक पहुंचने से पहले ज्यादा कणों से गुजरना पड़ता है. इस ज्यादा मोटाई की वजह से बादल के अंदर रोशनी ज्यादा बिखरती और मुड़ती है. इससे बदल के निचले हिस्से में रोशनी कम पहुंचती है.

क्या काले बादलों का मतलब हमेशा भारी बारिश होता है?
काले बादलों को अक्सर बारिश से जोड़ा जाता है क्योंकि जो बादल जोरदार बारिश कर सकते हैं वह आमतौर पर ज्यादा मोटे होते हैं और उनमें पानी भी ज्यादा होता है. हालांकि काले दिखने वाले बादल का मतलब हमेशा भारी बारिश ही हो ऐसा जरूरी नहीं है.
बादल कैसा दिखेगा यह उसकी मोटाई, सूरज की स्थिति, उसमें भरा हुआ पानी और बर्फ की मात्रा और उसे किस कोण से देखा जा रहा है इन सभी बातों पर निर्भर करता है. इस वजह से काले बादल मौसम के खराब होने का एक उपयोगी संकेत तो हैं लेकिन वह अकेले ही मौसम का सटीक पूर्वानुमान नहीं देते.
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सफेद बादल चमकीले क्यों दिखते हैं?
सफेद बादल चमकीले इस वजह से दिखते हैं क्योंकि सूरज की रोशनी उनकी पानी की बूंदों और बर्फ के कणों से टकराकर तेजी से बिखरती है. जब बादल इतना मोटा नहीं होता कि ज्यादातर सूरज की रोशनी को रोक सके, तो उसके ऊपरी और निचले हिस्सों से काफी रोशनी बाहर निकल सकती है. इससे नीला आसमान होने पर बादल चमकीले सफेद दिखाई देते हैं. इसके उलट काफी मोटे बादल के निचले हिस्से में कम रोशनी पहुंचती है और इस वजह से वह काफी काला दिखता है.
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