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क्या काम करती हैं अग्निवेश अग्रवाल की पत्नी? जानें बच्चों और प्रॉपर्टी की पूरी डिटेल

Who Is Agnivesh Agarwal Wife: अग्निवेश अग्रवाल के निधन ने परिवार और विरासत दोनों को चुनौती दे दी है. आइए जानें कि उनकी पत्नी कौन हैं और वे क्या काम करती हैं, इसके अलावा उनके बच्चे कौन हैं.

पटना की गलियों से निकलकर दुनिया भर में अपना साम्राज्य खड़ा करने वाले वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. इस हादसे के बाद हर किसी की नजरें अब परिवार की जिम्मेदारियों और विरासत पर टिकी हैं. खासकर, अग्निवेश की पत्नी पर, जो कि लाइमलाइट से दूर रहती हैं, उनके और बच्चों की भूमिका अब चर्चा का केंद्र बन गई है. आइए जानें कि वे कौन हैं और क्या करती हैं.

अग्निवेश अग्रवाल कौन थे?

अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था. एक मध्यमवर्गीय बिहारी परिवार से आने वाले अग्निवेश ने अपनी पढ़ाई मेयो कॉलेज, अजमेर से पूरी की थी. उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत व्यवसाय और नेतृत्व से की और बाद में फुजैराह गोल्ड जैसी कंपनियों की स्थापना की. हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन के तौर पर उन्होंने बड़ी जिम्मेदारी निभाई. पेशेवर योगदान के अलावा अग्निवेश को सरल, संवेदनशील और मानवीय स्वभाव के लिए भी जाना जाता था.

अग्निवेश की पत्नी कौन हैं?

अग्निवेश अग्रवाल की शादी पूजा बांगुर से हुई थी, जो कि श्री सीमेंट के प्रबंध निदेशक हरि मोहन बांगुर की बेटी हैं. दोनों परिवारों के कारोबार और सामाजिक प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए यह शादी उस समय की सबसे महंगी शादियों में शुमार हुई थी. पूजा बांगुर अपने निजी जीवन को मीडिया से दूर रखना पसंद करती हैं. उनके और अग्निवेश के बच्चों की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे उनके बारे में बहुत कुछ सुर्खियों में नहीं है.

अग्निवेश अग्रवाल की संपत्ति

अग्निवेश अग्रवाल की व्यक्तिगत संपत्ति के आंकड़े सार्वजनिक नहीं हैं, लेकिन उनके पिता अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति जुलाई 2025 की फोर्ब्स सूची के अनुसार लगभग 35,000 करोड़ रुपये आंकी गई है. यह उन्हें बिहार का सबसे अमीर व्यक्ति बनाता है. हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में उनका स्थान 16वां और एनआरआई वेल्थ क्रिएटर्स में चौथा पायदान था. बेटे के निधन के बाद इस संपत्ति और व्यवसाय के प्रबंधन पर नजरें अब परिवार की ओर टिक गई हैं.

दुनिया भर में वेदांता का विस्तार

वेदांता ग्रुप आज जिंक, कॉपर, एल्युमिनियम, सिल्वर, पावर, आयरन, स्टील और ऑयल-गैस जैसे कई सेक्टरों में सक्रिय है. अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में कंपनी ने भारत के बाहर भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. भविष्य की योजनाओं के तहत वेदांता हाई-टेक क्षेत्रों में कदम बढ़ा रही है, जैसे सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले ग्लास उत्पादन. इसे ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत देश में तकनीकी निवेश बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें: वेदांता ग्रुप के बोर्ड मेंबर अग्निवेश अग्रवाल का निधन, अब किसे मिलेगी अनिल अग्रवाल की प्रॉपर्टी?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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