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वेदांता ग्रुप के बोर्ड मेंबर अग्निवेश अग्रवाल का निधन, अब किसे मिलेगी अनिल अग्रवाल की प्रॉपर्टी?

अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद यह जानना स्वाभाविक है कि अनिल अग्रवाल की संपत्ति और उनके कारोबार का मालिक अब कौन होगा, आइए इस रिपोर्ट में जान लेते हैं.

साल 2026 की शुरुआत देश के बड़े उद्योग जगत के लिए एक भावुक खबर लेकर आई. जिस कारोबारी साम्राज्य को खड़ा करने में दशकों लगे, वहां एक झटके में सब कुछ थम-सा गया. वेदांता ग्रुप के बोर्ड मेंबर और अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने न सिर्फ परिवार को, बल्कि बिजनेस दुनिया को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. अब सवाल उठ रहा है कि आगे यह विरासत आखिर अब कौन संभालेगा?

अनिल अग्रवाल के लिए निजी और पेशेवर सदमा

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के लिए यह समय बेहद कठिन है. बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में निधन एक ऐसा नुकसान है, जिसकी भरपाई संभव नहीं. बता दें कि अमेरिका में इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और उनका निधन हो गया. 

परिवार, जो सादगी के लिए जाना गया

अनिल अग्रवाल का परिवार हमेशा लाइमलाइट से दूर रहा है. उनकी पत्नी किरण अग्रवाल पारिवारिक जिम्मेदारियों की मजबूत कड़ी रही हैं. परिवार में दो बच्चे थे- बेटे अग्निवेश अग्रवाल और बेटी प्रिया अग्रवाल. बेटे के असमय निधन ने इस संतुलित परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, लेकिन बिजनेस की जिम्मेदारियां अब भी आगे बढ़ने की मांग कर रही हैं.

अग्निवेश अग्रवाल की अलग पहचान

अग्निवेश अग्रवाल सिर्फ बड़े उद्योगपति के बेटे नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने ‘Fujairah Gold’ जैसी कंपनी की स्थापना की और Hindustan Zinc के चेयरमैन भी रहे. इसके अलावा वे Vedanta Group की Talwandi Sabo Power Limited के बोर्ड मेंबर थे. उनकी गिनती उन युवा बिजनेस लीडर्स में होती थी, जो ग्रुप के भविष्य की तैयारी कर रहे थे.

बेटी प्रिया अग्रवाल पर बढ़ी जिम्मेदारी

अब जब अग्निवेश अग्रवाल इस दुनिया में नहीं हैं, तो सबकी नजरें बेटी प्रिया अग्रवाल पर टिकी हैं. प्रिया अग्रवाल पहले से ही Vedanta और Hindustan Zinc के बोर्ड में शामिल हैं और हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन की भूमिका निभा रही हैं. इंडस्ट्री में उनकी मजबूत समझ और फैसलों की सराहना होती रही है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में वेदांता ग्रुप की बड़ी जिम्मेदारियां उन्हीं के कंधों पर हो सकती है.

कितनी है अनिल अग्रवाल की संपत्ति

फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब 4.2 अरब डॉलर यानी लगभग 35 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है. वेदांता ग्रुप साल 2003 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी. बाद में 2019 में इसे फिर से प्राइवेट कर लिया गया. आज ग्रुप का कारोबार भारत के साथ-साथ कई देशों में फैला है.

विरासत का सवाल और आगे का रास्ता

अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद यह सवाल स्वाभाविक है कि अनिल अग्रवाल की संपत्ति और कारोबारी विरासत का भविष्य क्या होगा. फिलहाल किसी भी तरह के कानूनी बंटवारे या बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन यह तय माना जा रहा है कि प्रिया अग्रवाल की भूमिका और भी अहम होने वाली है. अनिल अग्रवाल का फोकस अब परिवार के साथ-साथ भारत को आत्मनिर्भर बनाने के अपने विजन पर बना रहेगा.

यह भी पढ़ें: गाय और मिथुन में क्या होता है अंतर, जिसे लेकर नॉर्थ ईस्ट में बीजेपी नेताओं में छिड़ी बहस?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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