एक्सप्लोरर

Iran Debt: ईरान पर किस देश का कितना कर्ज, उधार चुकाने के लिए कितने पैसे की जरूरत?

Iran Debt: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ईरान पर कितना कर्ज है. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • प्रतिबंधों से प्रभावित ईरान पर $4.9 बिलियन का विदेशी कर्ज।
  • विश्व बैंक, इस्लामी विकास बैंक, चीन प्रमुख विदेशी कर्जदाता हैं।
  • सीरिया को $30 बिलियन उधार देने के बावजूद, चुकाना कठिन।

Iran Debt: अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, क्षेत्रीय संघर्ष, ‌ इन्फ्लेशन और वैश्विक वित्तीय बाजारों तक पहुंच पर प्रतिबंधों की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था सालों से काफी ज्यादा दबाव में है. साथ ही जंग का भी इस पर काफी ज्यादा असर पड़ा है. यही वजह है कि अक्सर सवाल उठाए जाते हैं कि ईरान पर आखिर कितना कर्ज है?  आइए जानते हैं कि ईरान को कौन कर्ज देता है और उधार को चुकाने के लिए ईरान को कितने पैसे की जरूरत है.

ईरान पर कुल कर्ज 

ईरान के केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2025 तक देश का कुल विदेशी कर्ज लगभग 4.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 4.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर है. इसी के साथ इसका कुल राष्ट्रीय ऋण घरेलू  देनदारी को मिलाकर लगभग 255.41 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है.

कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में ईरान का विदेशी कर्ज छोटा है. इसकी वजह यह है कि सालों के प्रतिबंधों ने देश की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों से उधार लेने की क्षमता को सीमित कर दिया है. प्रतिबंधों, विदेशी कर्ज, अंतर्राष्ट्रीय बांड तक इसकी पहुंच सीमित होने और वैश्विक निवेशकों से बड़े पैमाने पर वित्त पोषण की वजह से ईरान वैश्विक बैंकिंग प्रणाली से काफी हद तक कटा हुआ है. यही वजह है कि जरूरी आर्थिक चुनौती के बावजूद भी देश का विदेशी कर्ज कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम है.

ईरान को कौन उधार देता है? 

ईरान के ज्यादातर बाहरी दायित्व बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों और निवेश व्यवस्थाओं से जुड़े हैं. ईरान की विदेशी देनदारी का एक बड़ा हिस्सा विश्व बैंक और इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक जैसी संस्थाओं से जुड़ा है. इन संगठनों ने ऐतिहासिक रूप से विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए उधार दिया है. 

चीन एक बड़ा साझेदार

बीते कुछ सालों में चीन ईरान के सबसे बड़े आर्थिक साझेदारों में से एक बनकर उभरा है. चीनी कंपनी और संस्थानों ने ईरान में बुनियादी ढांचे, परिवहन, ऊर्जा और तेल क्षेत्र की परियोजनाओं में भाग लिया है. इसी के साथ कई समझौतों के बारे में जानकारी को गोपनीय रखा गया है.

यह भी पढ़ेंः वुहान लैब में काम करने वाले साइंटिस्टों को कितनी सैलरी देता है चाइना, जानें कैसी होती है यहां की सिक्योरिटी

ऋणदाता के रूप में ईरान 

हैरानी की बात यह है कि ईरान न सिर्फ कर्जदार है बल्कि उसने ऋणदाता के रूप में भी काम किया है. सीरियाई गृह युद्ध के दौरान ईरान ने कथित तौर पर सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार को लगभग 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता, क्रेडिट लाइन और कर्ज दिया था. 

ईरान को अपना कर्ज चुकाने के लिए कितने पैसे की जरूरत? 

अपने विदेशी ऋण और संबंधित ब्याज भुगतान को पूरी तरह से पूरा करने के लिए ईरान को लगभग 4.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर की जरूरत होगी. हालांकि यह राशि देश के पूरी अर्थव्यवस्था की तुलना में मेनेजेबल लग सकती है लेकिन प्रतिबंध और वित्तीय प्रतिबंध ज्यादातर देशों की तुलना में इस तरह की रकम को जुटाना काफी कठिन बनाते हैं.

यह भी पढ़ेंः RSS के रजिस्ट्रेशन पर क्यों उठा सवाल, जानें किसी संगठन को पंजीकृत कराने का क्या है प्रोसेस?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Delhi First Hindu Emperor: कौन था दिल्ली का पहला हिंदू सम्राट, जानें कितने वक्त तक किया था राज?
कौन था दिल्ली का पहला हिंदू सम्राट, जानें कितने वक्त तक किया था राज?
Venezuela Earthquak: भूकंप से वेनेजुएला के किस शहर में सबसे ज्यादा हुई तबाही? जानें राजधानी कराकस के हालात
भूकंप से वेनेजुएला के किस शहर में सबसे ज्यादा हुई तबाही? जानें राजधानी कराकस के हालात
Venezuela Earthquake: आंधी से लेकर तूफान, बारिश से लेकर सुनामी तक... सबकी भविष्यवाणी कर लेते हैं वैज्ञानिक, लेकिन भूकंप की क्यों नहीं?
आंधी से लेकर तूफान, बारिश से लेकर सुनामी तक... सबकी भविष्यवाणी कर लेते हैं वैज्ञानिक, लेकिन भूकंप की क्यों नहीं?
Funeral Meal: हिंदुओं में तेहरवीं तो मुस्लिमों में चहल्लुम, क्रिश्चियन और यहूदी मौत के बाद कौन सा भोज करते हैं? जानिए जवाब
हिंदुओं में तेहरवीं तो मुस्लिमों में चहल्लुम, क्रिश्चियन और यहूदी मौत के बाद कौन सा भोज करते हैं? जानिए जवाब
Advertisement

वीडियोज

Sansani | Ketan Agrawal Murder Case:मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और चेतन ने रची थी ये साजिश!
Ketan Murder Case: 350 फीट गहरी खाई...'क्राइम कुंडली' सामने आई! | Bharat ki Baat
Ram Mandir Daan Chori | Sanjay Singh | Champat Rai | Sandeep Chaudhary:राम नाम की लूट का पूरा सच!
Ketan Murder Case | Siya Goyal | ABP News | ABP Report : मर्डर के बाद सिया ने मनाया था जश्न
Ram Mandir Daan Chori | Sanjay Singh | Mahadangal: क्या खतरे में है हिंदुओं की आस्था?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
नागरिकता का प्रमाण, पहचान और मीडिया से सोशल मीडिया तक बहस…, पासपोर्ट क्यों नहीं मजबूत दस्तावेज?
नागरिकता का प्रमाण, पहचान और मीडिया से सोशल मीडिया तक बहस…, पासपोर्ट क्यों नहीं मजबूत दस्तावेज?
भरत तिवारी केस: न्यायिक जांच शुरू होते ही पुलिस का यू-टर्न! FIR से पिता और भाई का नाम हटाया
भरत तिवारी केस: न्यायिक जांच शुरू होते ही पुलिस का यू-टर्न! FIR से पिता और भाई का नाम हटाया
टेस्ट क्रिकेट का 96 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, न्यूजीलैंड के दोनों ओपनर ने जड़े शतक; साझेदारी 300 रनों के पार
टेस्ट क्रिकेट का 96 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, न्यूजीलैंड के दोनों ओपनर ने शतक जड़कर रचा इतिहास
OTT Releases: एक्शन से एडवेंचर तक, भूलकर भी मिस ना करें नेटफ्लिक्स की ये 6 धांसू फिल्में, एक ने तो की थी रिकॉर्ड तोड़ कमाई
एक्शन से एडवेंचर तक, भूलकर भी मिस ना करें नेटफ्लिक्स की ये 6 धांसू फिल्में, एक ने तो की थी रिकॉर्ड तोड़ कमाई
पासपोर्ट मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र को घेरा, उठाए सवाल? पूछा-किस दस्तावेज पर करें यकीन
पासपोर्ट मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र को घेरा, उठाए सवाल? पूछा-किस दस्तावेज पर करें यकीन
अलर्ट: भारत के 'चिकन नेक' तक पहुंचा चीन! नई दिल्ली से बौखलाए ढाका के साथ ड्रैगन ने की बड़ी डील
अलर्ट: भारत के 'चिकन नेक' तक पहुंचा चीन! नई दिल्ली से बौखलाए ढाका के साथ ड्रैगन ने की बड़ी डील
‘अमेरिका के साथ कोई समझौता तब तक नहीं होगा, जब तक...’, US-भारत ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा बयान
‘अमेरिका संग समझौता तब तक नहीं होगा, जब तक...’, US-भारत ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान
गूगल से लेकर अमेजन तक, जानिए क्यों भारत में चेक बुक लेकर कतार में खड़े हैं दुनिया के दिग्गज
गूगल से लेकर अमेजन तक, जानिए क्यों भारत में चेक बुक लेकर कतार में खड़े हैं दुनिया के दिग्गज
Embed widget