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कैसा होता है टाइप-8 सरकारी बंगला, जिसमें शिफ्ट होंगे नितिन नवीन? जानें इसकी खासियत

टाइप-8 सरकारी बंगला सिर्फ एक आवास नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और पद की पहचान होता है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का इस बंगले में शिफ्ट होना उनके राजनीतिक कद को भी दर्शाता है.

दिल्ली के लुटियंस जोन में बने कुछ सरकारी बंगले सिर्फ घर नहीं होते, वे सत्ता, जिम्मेदारी और व्यवस्था का प्रतीक माने जाते हैं. इन्हीं में शामिल है टाइप-8 सरकारी बंगला, जिसकी चर्चा इन दिनों तेज है. सवाल है कि ऐसा क्या खास होता है इस बंगले में, जिसे हर किसी को नहीं बल्कि चुनिंदा संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों को ही मिलता है? आइए जानते हैं उस घर की कहानी के बारे में, जिसमें नितिन नवीन शिफ्ट होने जा रहे हैं.

नितिन नवीन को मिला नया सरकारी आवास

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन नए साल में दिल्ली शिफ्ट होने जा रहे हैं. उन्हें लुटियंस दिल्ली के सुनेहरी बाग रोड पर स्थित बंगला नंबर 9 आवंटित किया गया है. यह बंगला टाइप-8 श्रेणी में आता है, जिसे केंद्र सरकार के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सरकारी आवासों में गिना जाता है. जिसमें वे औपचारिक रूप से इस आवास में प्रवेश करेंगे.

क्या होता है टाइप-8 सरकारी बंगला?

टाइप-8 बंगला केंद्र सरकार की आवासीय व्यवस्था की सबसे ऊंची श्रेणी मानी जाती है. यह बंगला आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, पूर्व राष्ट्रपतियों, राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के अध्यक्षों और बेहद वरिष्ठ संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को ही दिया जाता है. इन बंगलों का कुल क्षेत्रफल करीब 8000 से 8500 वर्ग फुट तक होता है, जो इसे बेहद विशाल बनाता है.

अंदर से कैसा होता है यह बंगला?

टाइप-8 बंगले में आम तौर पर 8 बड़े कमरे होते हैं. इनमें 5 से 6 बेडरूम, एक विशाल ड्राइंग रूम, अलग डाइनिंग एरिया, स्टडी रूम और आधुनिक किचन शामिल होती है. इसके अलावा निजी गैराज, स्टोर रूम और स्टाफ क्वार्टर की भी अलग व्यवस्था होती है. बंगले के चारों ओर फैला हरा-भरा लॉन इसे और खास बनाता है.

सुरक्षा व्यवस्था रहती है बेहद मजबूत

टाइप-8 बंगलों की सुरक्षा आम सरकारी आवासों से कहीं ज्यादा कड़ी होती है. यहां 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. पूरे परिसर में आधुनिक CCTV कैमरे लगे होते हैं और निगरानी के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी होती है. मेहमानों और कर्मचारियों के लिए अलग प्रवेश और ठहरने की जगह बनाई जाती है, ताकि गोपनीयता और सुरक्षा बनी रहे.

ब्रिटिश दौर की वास्तुकला की पहचान

लुटियंस दिल्ली में बने टाइप-8 बंगले ब्रिटिश काल की स्थापत्य शैली को आज भी जीवित रखते हैं. ऊंची छतें, चौड़े बरामदे, मजबूत दीवारें और बड़े दरवाजे इनकी पहचान हैं. इन बंगलों के आसपास पुराने पेड़, खुली जगह और शांत वातावरण होता है, जो दिल्ली के बाकी हिस्सों से इन्हें अलग बनाता है.

लुटियंस जोन में कहां-कहां हैं ये बंगले?

दिल्ली का लुटियंस जोन देश का सबसे वीआईपी इलाका माना जाता है. टाइप-8 बंगले जनपथ, अकबर रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, सुनेहरी बाग रोड, सफदरजंग रोड, कृष्ण मेनन मार्ग, त्यागराज मार्ग और तुगलक रोड जैसे इलाकों में स्थित हैं. ये सभी जगहें संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और प्रमुख मंत्रालयों के बेहद करीब हैं.

कितने हैं टाइप-8 बंगले?

लुटियंस दिल्ली में कुल तीन हजार से ज्यादा सरकारी आवास मौजूद हैं, जिनमें अलग-अलग श्रेणियों के फ्लैट और बंगले शामिल हैं. इनमें से टाइप-8 बंगले सबसे कम संख्या में हैं. जानकारी के अनुसार, ऐसे बंगलों की संख्या करीब 100 से कुछ अधिक है, यही वजह है कि इन्हें मिलना अपने आप में खास माना जाता है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. ये यहां पर जीके सेक्शन की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं. पिछले 7 साल से पत्रकारिता की दुनिया में कार्यरत निधि पाल ने इससे पहले अमर उजाला डिजिटल, न्यूज 24, ईटीवी भारत हैदराबाद जैसे बड़े संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है.

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने आईआईएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन लखनऊ से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है.

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