US Israel Relations: आज दोस्त हैं अमेरिका और इजरायल, कभी US के जहाज पर हमला कर मार डाले से 35 सैनिक; जानें किस्सा
US Israel Relations: यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल की मौजूदा दोस्ती से पहले एक समय ऐसा भी था जब इजरायल ने यूनाइटेड स्टेट्स के जहाज पर हमला कर दिया था. आइए जानते हैं क्या था यह मामला.

US Israel Relations: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के दौरान यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल की दोस्ती देखने को मिली है. लेकिन कोल्ड वॉर के समय में एक चौंकाने वाली मिलिट्री घटना ने दोनों देशों के बीच कुछ समय के लिए रिश्तो को तनाव में ला दिया था. 8 जून 1967 को मिडल ईस्ट में एक बड़े झगड़े के दौरान अमेरिकी नेवी के जहाज पर हमला हुआ था. इस हमले में दर्जनों यूनाइटेड स्टेट्स नाविक मारे गए. यह विवाद दशकों तक चला. इस घटना को यूएसएस लिबर्टी घटना के नाम से जाना जाता है.
मिडिल ईस्ट में युद्ध
यह हमला सिक्स डे वॉर के दौरान हुआ था. यह इजरायल और मिस्र, जॉर्डन और सीरिया सहित कई अरब देशों के बीच एक छोटा लेकिन गहरा झगड़ा था. उस समय यूनाइटेड स्टेट्स सीधे तौर पर युद्ध में शामिल नहीं था. लेकिन इंटेलिजेंस ऑपरेशन के जरिए इलाके में हो रहे डेवलपमेंट पर नजर रख रहा था. इस मॉनिटरिंग की कोशिश में शामिल जहाजों में से एक यूएसएस लिबर्टी था. यह एक सिग्नल इंटेलिजेंस जहाज था जिसे पूर्वी भूमध्य सागर में कम्युनिकेशन को इंटरसेप्ट करने का काम सौंपा गया था.
यूएसएस लिबर्टी पर हमला
8 जून 1967 की दोपहर को यूएसएस लिबर्टी सिनाई पेनिनसुला के पास इंटरनेशनल पानी में सफर कर रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली एयरक्राफ्ट ने अचानक हमला करने से पहले जहाज के चारों ओर चक्कर लगाना शुरू कर दिया. इजरायली फाइटर जेट्स ने जहाज पर कई बार हमले किए. इसी के साथ उन्होंने रॉकेट और मशीन गन से भी फायरिंग की. थोड़ी देर बाद इजरायली टॉरपीडो बोट्स भी हमले में शामिल हो गईं. एक टॉरपीडो जहाज से टकराया जिससे काफी नुकसान हुआ.
काफी ज्यादा नुकसान
यह हमला कई मिनट तक चला और अमेरिकी जहाज बुरी तरह से डैमेज हो गया. टॉरपीडो धमाके से जहाज के हल में एक बड़ा छेद हो गया. लगभग 40 फीट चौड़ा. इससे काफी ज्यादा पानी भर गया और तबाही मच गई. कुल मिलाकर 34 यूनाइटेड स्टेट्स के सैनिक मारे गए और 170 से ज्यादा घायल हो गए. भारी नुकसान के बावजूद क्रू जहाज को बचाए रखने में कामयाब रहा.
क्या था इजरायल का जवाब?
इस घटना के बाद इजरायल ने अमेरिका से ऑफीशियली माफी मांगी. इजरायली अधिकारियों ने कहा कि हमला गलत पहचान का मामला था. उनके स्पष्टीकरण के मुताबिक इजरायली सेना को लगा कि जहाज मिस्र का जहाज एल कुसेर था. इजरायली अधिकारियों ने इस हमले को एक दुखद दुर्घटना बताया.
जांच और जारी विवाद
यूनाइटेड स्टेट्स सरकार ने हमले की कई जांचें कीं. इसमें यूनाइटेड स्टेट्स नेवी का रिव्यू भी शामिल है. इन जांचों से यह नतीजा निकला कि हमला शायद युद्ध के समय की गलत पहचान का नतीजा था. हालांकि यह घटना दशकों से विवाद में रही है. कुछ बचे हुए लोगों और पूर्व मिलिट्री अधिकारियों ने तर्क दिया कि जहाज पर साफ तौर पर अमेरिकी झंडा लगा था और हमलावरों को इसे पहचान लेना चाहिए था.
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Source: IOCL



























