ईरान में आखिर क्यों देर से दस्तक देती है मौत, कितनी है ईरानियों की औसत उम्र?
तमाम संघर्षों के बीच ईरानियों की औसत उम्र दुनिया को हैरान कर रही है. आइए जानें कि ईरानी आखिर कितनी लंबी उम्र तक जीवन जी रहे हैं और आखिर इसके पीछे की वजह क्या है.

दुनिया भर में ईरान की चर्चा अक्सर युद्ध, मिसाइल हमलों और कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से होती है. हाल ही में चल रहे मिडिल ईस्ट टेंशन में भी ईरान शामिल है, लेकिन इन सबके बीच ईरान का एक चेहरा ऐसा भी है जो सांख्यिकी और आंकड़ों की दुनिया को चकित कर देता है. पश्चिम एशिया के इस अशांत क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सांसों की डोर दुनिया के कई विकसित देशों के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत है.
हालिया आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि तमाम बाहरी दबावों के बावजूद ईरानियों की जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) में लगातार सुधार हुआ है. आखिर क्या है उस लंबी उम्र का राज, चलिए जान लेते हैं.
ईरान में लोगों की औसत उम्र कितनी?
जब हम ईरान की बात करते हैं, तो अक्सर संघर्षों की तस्वीर सामने आती है, लेकिन वहां की औसत उम्र का आंकड़ा कुछ और ही कहानी बयां करता है. संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम अनुमानों और 'वर्ल्डोमीटर' द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, ईरान में औसत जीवन प्रत्याशा 78.25 साल है.
यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दुनिया के औसत जीवन प्रत्याशा (73.8 साल) से काफी अधिक है. इसका मतलब यह है कि ईरान में जन्म लेने वाला एक औसत व्यक्ति दुनिया के कई अन्य हिस्सों के मुकाबले लगभग 4.5 साल ज्यादा जीता है.
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पुरुषों के मुकाबले लंबी है महिलाओं की उम्र
ईरान के इस आयु डेटा में लिंग के आधार पर भी बड़ा अंतर देखने को मिलता है. डेटा स्पष्ट रूप से बताता है कि ईरान में महिलाएं, पुरुषों के मुकाबले अधिक लंबी उम्र जी रही हैं. जहां ईरानी महिलाओं की औसत उम्र 80.17 साल है, वहीं पुरुषों की जीवन प्रत्याशा 76.43 साल दर्ज की गई है.
लगभग 4 साल का यह अंतर बताता है कि जीवनशैली और जैविक कारणों से महिलाएं वहां अधिक समय तक जीवित रहती हैं. पिछले कुछ दशकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और टीकाकरण अभियानों में सुधार ने इन आंकड़ों को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है.
वैश्विक स्तर पर ईरान का स्थान
दुनिया भर के देशों की सूची में जीवन प्रत्याशा के मामले में ईरान लगभग 79वें स्थान पर खड़ा है. हालांकि यह आंकड़ा जापान (85.15 साल) और मोनाको (86.73 साल) जैसे शीर्ष देशों से अभी भी पीछे है, लेकिन विकासशील देशों और पश्चिम एशिया के पड़ोसी मुल्कों की तुलना में ईरान की स्थिति काफी मजबूत है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने अपने स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी निवेश किया है, विशेषकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण स्वास्थ्य नेटवर्क के मामले में, जिससे शिशु मृत्यु दर में कमी आई है और बुजुर्गों के स्वास्थ्य देखभाल में सुधार हुआ है.
जीवनशैली और खान-पान का योगदान
आंकड़ों से इतर, ईरानियों की लंबी उम्र के पीछे उनकी जीवनशैली को भी एक बड़ा कारण माना जाता है. पारंपरिक ईरानी आहार, जिसमें ताजे फल, सब्जियां, मेवे और जैतून के तेल का अधिक उपयोग होता है, हृदय रोगों और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को कम करने में मदद करता है.
साथ ही, सामाजिक ताने-बाने और पारिवारिक एकजुटता की वजह से बुजुर्गों में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर रहती है, जो लंबी उम्र के लिए एक अनिवार्य शर्त है. यह विरोधाभास दिलचस्प है कि जिस देश पर इतने वर्षों से कड़े प्रतिबंध लगे हों, वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था ने अपनी जनता को वैश्विक औसत से बेहतर जीवन देने का रास्ता खोज लिया है.
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Source: IOCL


























