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Crude Oil Products: कच्चे तेल से क्या-क्या चीजें बनती हैं, जानें डायरेक्ट क्यों नहीं कर सकते इस्तेमाल?

Crude Oil Products: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे हैं संघर्ष का असर कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ा है. आइए जानते हैं कि कच्चे तेल से क्या-क्या चीजें बनती हैं.

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  • कच्चा तेल अशुद्धियों, खराब दहन, और गाढ़ेपन के कारण बेकार होता है।

Crude Oil Products: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर कच्चे तेल की सप्लाई पर भी पड़ा है. कच्चा तेल आधुनिक जीवन को चलाने वाली सबसे जरूरी चीज है. लेकिन इतनी ज्यादा अहमियत होने के बावजूद भी कच्चा तेल अपने प्राकृतिक रूप में लगभग बेकार ही होता है. आइए जानते हैं कि कच्चे तेल से क्या-क्या चीजें बनती हैं और इसे इसके प्राकृतिक रूप में इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकते.

 क्या-क्या बनता है कच्चे तेल से? 

कच्चा तेल रसायनों का एक कच्चा खजाना होता है. एक बार रिफाइनरियों में इसकी प्रोसेसिंग हो जाने के बाद इसे अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया जाता है. हर हिस्से का इस्तेमाल एक खास उत्पाद को बनाने में होता है. इन उत्पादों पर हम रोजाना निर्भर होते हैं. सबसे साफ श्रेणी है ईंधन. पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, जेट इंजन और एलपीजी कच्चे तेल से ही बनते हैं.

गाड़ी, हवाई जहाज और घरों को ऊर्जा देने में ये ईंधन काफी मदद करते हैं. रिफायनिंग के बिना इनमें से कोई भी चीज इस्तेमाल लायक रूप में मौजूद नहीं होती. ईंधन के अलावा प्लास्टिक और रबर बनाने में भी कच्चे तेल का ही इस्तेमाल होता है. बोतल, खिलौने, टायर और पाइप जैसी रोजमर्रा की चीजें पेट्रोलियम आधारित रसायनों का इस्तेमाल करके ही बनाई जाती हैं. असल में आपके पास मौजूद ज्यादातर सिंथेटिक चीजों का किसी ना किसी तरह से कच्चे तेल से ही कोई ना कोई जुड़ाव जरूर है.

इसी के साथ पॉलिएस्टर या नायलॉन से बने कपड़े, दीवारों पर लगा पेंट, डिटर्जेंट, मोमबत्ती और यहां तक की शू पॉलिश भी रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों से ही बनते हैं. हैरानी की बात यह है कि कच्चे तेल का कॉस्मेटिक से भी गहरा जुड़ा है. लिपस्टिक, काजल, फाउंडेशन, परफ्यूम और पेट्रोलियम जेली जैसे उत्पाद अपनी बनावट और स्थिरता के लिए पेट्रोलियम से बने पदार्थों पर ही निर्भर होते हैं.

कच्चे तेल का सीधा इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा सकता? 

कच्चे तेल को उसके कच्चे रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. पहली वजह यह है कि यह हाइड्रोकार्बन का एक जटिल मिश्रण होता है. इसका मतलब है कि इसमें कई अलग-अलग कंपाउंड आपस में मिले होते हैं. इन्हें उपयोगी बनाने के लिए फ्रैक्शनल डिस्टिलेशन नमक रिफायनिंग प्रक्रिया के जरिए अलग करना जरूरी होता है.  इसी के साथ कच्चे तेल में सल्फर, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और यहां तक की भारी धातुओं जैसी अशुद्धियां होती हैं. अगर सीधे तौर पर इस्तेमाल किया जाए तो ये अशुद्धियां इंजनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. 

इसके अलावा एक और बड़ी समस्या है दहन. कच्चा तेल सही तरीके से नहीं जलता. यह काफी ज्यादा धुआं और हानिकारक उत्सर्जन को पैदा करता है. इससे यह आधुनिक इंजन या घरेलू इस्तेमाल के लिए सही नहीं होता. इन सबके अलावा कच्चा तेल काफी ज्यादा गाढ़ा होता है और आसानी से बहता नहीं. इस वजह से बिना प्रोसेसिंग के इसे ईंधन प्रणालियों या पाइपलाइनों के जरिए पहुंचना मुमकिन नहीं होता.

यह भी पढ़ें: क्या ईरान में सच में चलता है 1 करोड़ का नोट, जानें भारत में इसकी कितनी वैल्यू

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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