एक्सप्लोरर

Apollo vs Artemis II, इन दोनों मिशन में कितना अंतर, 54 साल में क्या बदला?

Apollo vs Artemis II: नासा ने आर्टेमिस II मिशन की पूरी तैयारी कर ली है. इसी बीच आइए जानते हैं कि अपोलो और आर्टेमिस II मिशन में क्या अंतर है.

Apollo vs Artemis II: नासा का आर्टेमिस II मिशन अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है. इसमें स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन स्पेसक्राफ्ट लॉन्च पैड 39b पर पहुंच गए हैं. इसी बीच आइए जानते हैं की अपोलो और आर्टेमिस II मिशन में कितना अंतर है और 54 साल में क्या बदलाव आया है. 

अलग-अलग लक्ष्य 

अपोलो मिशन शीत युद्ध की छाया में शुरू हुआ था. इसका मुख्य उद्देश्य राजनीतिक और प्रतीकात्मक था. इसका लक्ष्य था सोवियत संघ से पहले अमेरिकियों को चांद पर उतरना और तकनीकी श्रेष्ठता को दिखाना. स्थिरता से ज्यादा रफ्तार मायने रखती थी. इसके ठीक उलट आर्टेमिस II एक लॉन्ग टर्म खोज रणनीति का हिस्सा है. इसका लक्ष्य सिर्फ चंद तक पहुंचाना नहीं है बल्कि इंसानों की स्थायी मौजूदगी कोई स्थापित करना है खासकर चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास. यह भविष्य के मंगल मिशनों के लिए चांद को एक सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है.

मिशन की अवधि और इंसानों की मौजूदगी 

अपोलो मिशन छोटे और तेज थे. इस मिशन के दौरान चांद पर सबसे लंबा ठहराव भी चांद की सतह पर सिर्फ तीन दिन का था. आर्टेमिस II मिशन लंबी अवधि के लिए डिजाइन किए गए हैं. यह खुद अंतरिक्ष यात्रियों को एक लंबे डीप स्पेस मिशन के लिए चंद्र कक्ष में ले जाएगा. साथ ही भविष्य के आर्टेमिस मिशन क्रू को 21 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने में मदद करेगा.

रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट 

तकनीकी रूप से अंतर काफी बड़ा है. अपोलो सैटर्न वी पर निर्भर था. आर्टेमिस II स्पेस लॉन्च सिस्टम का इस्तेमाल करता है. यह वर्तमान में दुनिया का सबसे शक्तिशाली ऑपरेशनल रॉकेट है. ओरियन स्पेसक्राफ्ट भी एक बहुत बड़ी छलांग है.  यह अपोलो कमांड मॉड्यूल की तुलना में लगभग 50% ज्यादा रहने की जगह, आधुनिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम, एक सही शौचालय और बिजली के लिए सोलर पैनल प्रदान करता है.

सुरक्षा मानक और लाइफ सपोर्ट सिस्टम 

सबसे जरूरी बदलाव में से एक सुरक्षा है. अपोलो स्पेसक्राफ्ट में शुद्ध ऑक्सीजन का वातावरण इस्तेमाल किया जाता था जो अपोलो 1 ग्राउंड टेस्ट फायर के दौरान जानलेवा साबित हुआ. ओरियन पृथ्वी के वातावरण के समान ही एक सुरक्षित नाइट्रोजन ऑक्सीजन मिश्रण का इस्तेमाल करता है. आधुनिक कंप्यूटिंग, फॉल्ट डिटेक्शन सिस्टम और रिडंडेंट सेफ्टी मेकैनिज्म ने जोखिमों को काफी ज्यादा कम कर दिया है.

स्थिरता और दोबारा से इस्तेमाल 

अपोलो हार्डवेयर को एक बार इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया था. एक बार इस्तेमाल करने के बाद ज्यादातर कॉम्पोनेंट्स को फेंक दिया जाता था. आर्टेमिस के ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम और नियोजित लूनर गेटवे स्पेस स्टेशन जैसे सिस्टम को कई मिशनों में दोबारा से इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है. एडवांस्ड मटेरियल, कंपोजिट संरचनाओं और यहां तक की 3D प्रिंटिंग कॉम्पोनेंट्स भी अंतरिक्ष यान को हल्का, मजबूत और लंबे समय तक एक्सप्लोरेशन के लिए काफी ज्यादा ठीक बनाते हैं.

ये भी पढ़ें: ट्रंप से पहले तेल के लिए कौन-कौन से अमेरिकी राष्ट्रपति कर चुके जंग? देख लें पूरी लिस्ट

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

'चुनाव आते ही SC में शुरू हो जाती हैं राजनीतिक लड़ाइयां', हिमंत बिस्व सरमा के मुस्लिम-विरोधी वीडियो विवाद पर क्यों ऐसा बोले CJI?
'चुनाव आते ही SC में शुरू हो जाती हैं राजनीतिक लड़ाइयां', हिमंत बिस्व सरमा के वीडियो विवाद पर CJI की टिप्पणी
'भौजाई बोलेगी तो देवर का काम है बोलना', CM नीतीश और राबड़ी देवी के बीच नोकझोंक पर JDU
'भौजाई बोलेगी तो देवर का काम है बोलना', CM नीतीश और राबड़ी देवी के बीच नोकझोंक पर JDU
भारत-US डील के बाद तिलमिलाए यूनुस, ट्रंप के पास पहुंचे, सीक्रेट मीटिंग से कम करवाया टैरिफ, जानें अब कितना
भारत-US डील के बाद तिलमिलाए यूनुस, ट्रंप के पास पहुंचे, सीक्रेट मीटिंग से कम करवाया टैरिफ, जानें अब कितना
T20 World Cup 2026 PAK vs USA: पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी! अमेरिका के ये 3 खिलाड़ी बदल सकते हैं मैच का रुख
पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी! अमेरिका के ये 3 खिलाड़ी बदल सकते हैं मैच का रुख
Advertisement

वीडियोज

Bihar Breaking: Darbhanga केस को लेकर Nitish सरकार के खिलाफ विपक्ष का हंगामा | Parliament Session
Peeragarhi Case Update: पीरागढ़ी केस में दिल्ली पुलिस के हाथ लगा अहम सुराग! | Breaking | ABP News
Om Birla की जाएगी कुर्सी? 102 सांसदों ने कर दिए नोटिस पर हस्ताक्षर ! | Parliament Session
Anil Ambani पर ED का शिकंजा, 40,000 करोड़ का हिसाब लेगी SIT | Reliance Group | Breaking
Maharashtra जिला परिषद चुनाव में महायुति की जीत, PM Modi ने दी बधाई | BJP | Mahayuti Victory
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'चुनाव आते ही SC में शुरू हो जाती हैं राजनीतिक लड़ाइयां', हिमंत बिस्व सरमा के मुस्लिम-विरोधी वीडियो विवाद पर क्यों ऐसा बोले CJI?
'चुनाव आते ही SC में शुरू हो जाती हैं राजनीतिक लड़ाइयां', हिमंत बिस्व सरमा के वीडियो विवाद पर CJI की टिप्पणी
'भौजाई बोलेगी तो देवर का काम है बोलना', CM नीतीश और राबड़ी देवी के बीच नोकझोंक पर JDU
'भौजाई बोलेगी तो देवर का काम है बोलना', CM नीतीश और राबड़ी देवी के बीच नोकझोंक पर JDU
भारत-US डील के बाद तिलमिलाए यूनुस, ट्रंप के पास पहुंचे, सीक्रेट मीटिंग से कम करवाया टैरिफ, जानें अब कितना
भारत-US डील के बाद तिलमिलाए यूनुस, ट्रंप के पास पहुंचे, सीक्रेट मीटिंग से कम करवाया टैरिफ, जानें अब कितना
T20 World Cup 2026 PAK vs USA: पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी! अमेरिका के ये 3 खिलाड़ी बदल सकते हैं मैच का रुख
पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी! अमेरिका के ये 3 खिलाड़ी बदल सकते हैं मैच का रुख
रणवीर सिंह vs यश: 'धुरंधर' और 'टॉक्सिक' के एक्टर्स में ज्यादा अमीर कौन? दोनों की नेटवर्थ जानें
रणवीर सिंह vs यश: 'धुरंधर' और 'टॉक्सिक' के एक्टर्स में ज्यादा अमीर कौन? दोनों की नेटवर्थ जानें
Sharad Pawar Health Update: अब कैसी है शरद पवार की तबीयत? बेटी सुप्रिया सुले ने बताया- 'अगले चार दिन...'
अब कैसी है शरद पवार की तबीयत? बेटी सुप्रिया सुले ने बताया- 'अगले चार दिन...'
IAS IPS Posting: किसी IAS और IPS ऑफिसर को कहां पोस्टिंग मिलेगी, कैसे तय होता है कैडर सिस्टम?
किसी IAS और IPS ऑफिसर को कहां पोस्टिंग मिलेगी, कैसे तय होता है कैडर सिस्टम?
मुंबई मेट्रो में इंजीनियर और आईटी समेत कई पदों पर वैकेंसी, लाखों में मिलेगी सैलरी; यहां जानें पूरी डिटेल्स
मुंबई मेट्रो में इंजीनियर और आईटी समेत कई पदों पर वैकेंसी, लाखों में मिलेगी सैलरी; यहां जानें पूरी डिटेल्स
Embed widget