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परमाणु बम बनाने के लिए कौन सा यूरेनियम चाहिए, ईरान को कहां से मिलता है ये सामान?
Iran Uranium Source: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव जारी है. इसी बीच आइए जानते हैं कि न्यूक्लियर बम बनाने के लिए किस यूरेनियम का इस्तेमाल होता है और ईरान को कहां से मिलता है यह सामान.

ईरान के यूरेनियम सोर्स
Source : ABPLIVE AI
Iran Uranium Source: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला हुआ है. इस यूएस-इजरायली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम पर बातचीत चल रही थी. इसी बीच आइए जानते हैं कि न्यूक्लियर बम को बनाने के लिए किस तरह के यूरेनियम की जरूरत होती है और ईरान यह मटीरियल कहां से लाता है.
न्यूक्लियर वेपंस में किस तरह का यूरेनियम इस्तेमाल होता है?
नेचुरल यूरेनियम में दो मेन आइसोटोप होते हैं. यूरेनियम-238 और यूरेनियम-235. इनमें से यूरेनियम-235 न्यूक्लियर बम के लिए जरूरी एलिमेंट है. अपने नेचुरल रूप में यूरेनियम में सिर्फ 0.7% U-235 होता है. यह हथियारों के इस्तेमाल के लिए काफी कम है. बिजली बनाने के लिए न्यूक्लियर रिएक्टर में इस्तेमाल करने के लिए यूरेनियम को आमतौर पर लगभग तीन से पांच प्रतिशत U-235 तक एनरिच किया जाता है. इसे लो एनरिचड यूरेनियम के नाम से जाना जाता है.
हालांकि न्यूक्लियर हथियार को बनाने के लिए यूरेनियम को लगभग 90% या उससे ज्यादा U-235 तक एनरिच करना होता है. इसे हाइली एनरिच्ड यूरेनियम या वेपन ग्रेड यूरेनियम कहा जाता है.
यूरेनियम को कैसे एनरिच किया जाता है?
एनरिचमेंट प्रक्रिया में आमतौर पर गैस सेंट्रीफ्यूज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. यूरेनियम ओर को पहले यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड गैस में प्रोसेस किया जाता है. इसके बाद इस गैस को सेंट्रीफ्यूज में काफी तेज स्पीड में घुमाया जाता है. इससे हल्के U-235 आइसोटोप भारी U-238 आइसोटोप से अलग हो जाते हैं. इस लेवल को काफी बढ़ाने के लिए हजारों सेंट्रीफ्यूज को एक साथ काम करने की जरूरत होती है.
ईरान के घरेलू यूरेनियम सोर्स
ईरान के पास अपने नेचुरल यूरेनियम रिजर्व हैं. उसके पास दो बड़ी माइनिंग साइट हैं, यज्द प्रोविंस में सगंद माइन और बंदर अब्बास के पास गचीन माइन. ये दोनों माइंस यूरेनियम ओर बनाती हैं. इसे फिर देश में ही प्रोसेस किया जाता है. देसी रिजर्व होने का मतलब है कि ईरान कच्चे यूरेनियम के लिए पूरी तरह से विदेशी सप्लायर पर निर्भर नहीं है.
यूरेनियम प्रोसेसिंग और एनरिचमेंट फैसिलिटी
ईरान ने एनरिचमेंट फैसेलिटीज नतान्ज और फोर्डो में बनाई हैं. यह साइट्स यूरेनियम को एनरिच करने के लिए सेंट्रीफ्यूज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती हैं. इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी जैसे ऑर्गेनाइजेशन न्यूक्लियर सेफगार्ड का पालन पक्का करने के लिए अलग-अलग एग्रीमेंट्स के तहत इन फैसेलिटीज पर नजर रखते हैं.
इंटरनेशनल कोऑपरेशन और फ्यूल सप्लाई
ईरान अपना यूरेनियम खुद निकालता है लेकिन उसने सिविलियन मकसद के लिए दूसरे देशों के साथ न्यूक्लियर कॉरपोरेशन भी किया है. रूस ने बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण किया और वहां के लिए परमाणु ईंधन की आपूर्ति भी की.
न्यूक्लियर वेपंस में किस तरह का यूरेनियम इस्तेमाल होता है?
नेचुरल यूरेनियम में दो मेन आइसोटोप होते हैं. यूरेनियम-238 और यूरेनियम-235. इनमें से यूरेनियम-235 न्यूक्लियर बम के लिए जरूरी एलिमेंट है. अपने नेचुरल रूप में यूरेनियम में सिर्फ 0.7% U-235 होता है. यह हथियारों के इस्तेमाल के लिए काफी कम है. बिजली बनाने के लिए न्यूक्लियर रिएक्टर में इस्तेमाल करने के लिए यूरेनियम को आमतौर पर लगभग तीन से पांच प्रतिशत U-235 तक एनरिच किया जाता है. इसे लो एनरिचड यूरेनियम के नाम से जाना जाता है.
हालांकि न्यूक्लियर हथियार को बनाने के लिए यूरेनियम को लगभग 90% या उससे ज्यादा U-235 तक एनरिच करना होता है. इसे हाइली एनरिच्ड यूरेनियम या वेपन ग्रेड यूरेनियम कहा जाता है.
यूरेनियम को कैसे एनरिच किया जाता है?
एनरिचमेंट प्रक्रिया में आमतौर पर गैस सेंट्रीफ्यूज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. यूरेनियम ओर को पहले यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड गैस में प्रोसेस किया जाता है. इसके बाद इस गैस को सेंट्रीफ्यूज में काफी तेज स्पीड में घुमाया जाता है. इससे हल्के U-235 आइसोटोप भारी U-238 आइसोटोप से अलग हो जाते हैं. इस लेवल को काफी बढ़ाने के लिए हजारों सेंट्रीफ्यूज को एक साथ काम करने की जरूरत होती है.
ईरान के घरेलू यूरेनियम सोर्स
ईरान के पास अपने नेचुरल यूरेनियम रिजर्व हैं. उसके पास दो बड़ी माइनिंग साइट हैं, यज्द प्रोविंस में सगंद माइन और बंदर अब्बास के पास गचीन माइन. ये दोनों माइंस यूरेनियम ओर बनाती हैं. इसे फिर देश में ही प्रोसेस किया जाता है. देसी रिजर्व होने का मतलब है कि ईरान कच्चे यूरेनियम के लिए पूरी तरह से विदेशी सप्लायर पर निर्भर नहीं है.
यूरेनियम प्रोसेसिंग और एनरिचमेंट फैसिलिटी
ईरान ने एनरिचमेंट फैसेलिटीज नतान्ज और फोर्डो में बनाई हैं. यह साइट्स यूरेनियम को एनरिच करने के लिए सेंट्रीफ्यूज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती हैं. इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी जैसे ऑर्गेनाइजेशन न्यूक्लियर सेफगार्ड का पालन पक्का करने के लिए अलग-अलग एग्रीमेंट्स के तहत इन फैसेलिटीज पर नजर रखते हैं.
इंटरनेशनल कोऑपरेशन और फ्यूल सप्लाई
ईरान अपना यूरेनियम खुद निकालता है लेकिन उसने सिविलियन मकसद के लिए दूसरे देशों के साथ न्यूक्लियर कॉरपोरेशन भी किया है. रूस ने बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण किया और वहां के लिए परमाणु ईंधन की आपूर्ति भी की.
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Source: IOCL

























