Saudi Arabia Population: सऊदी अरब में कितने शिया और कितने सुन्नी मुसलमान, जानें आबादी का पूरा हिसाब-किताब?
Saudi Arabia Population: अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच तनाव जारी है. इसका नतीजा सऊदी अरब को भी भुगतना पड़ रहा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि सऊदी अरब में कितने शिया और सुन्नी मुसलमान हैं.

Saudi Arabia Population: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई का असर अब सऊदी अरब के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी पड़ चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने ड्रोन हमले के बाद अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है. सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कंफर्म किया है कि उसकी सेना ने रिफाइनरी के पास आ रहे एक ड्रोन को रोक कर मार गिराया है. इस तनाव के बीच आइए जानते हैं कि सऊदी अरब में कितनी मुस्लिम आबादी है और इनमें से कितने शिया और सुन्नी हैं.
सऊदी अरब की कुल आबादी
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक सऊदी अरब की कुल आबादी लगभग 32.02 मिलियन होने का अनुमान है. इस आबादी के 40% से ज्यादा हिस्से में एशिया, अफ्रीका और दूसरे इलाकों के विदेशी निवासी और बाहर से आए वर्कर हैं. ऑफिशियल सऊदी सरकार पंथ के हिसाब से डिटेल्ड धार्मिक जनगणना पब्लिश नहीं करती है.
सुन्नी मुस्लिम आबादी
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के मुताबिक सऊदी अरब के नागरिकों में सुन्नी मुसलमान ज्यादा हैं. अंदाजा है कि सऊदी की लगभग 85% से 90% आम आबादी सुन्नी इस्लाम को मानती है. सऊदी राजशाही सुन्नी सोच खासकर इस्लामी कानून के हनबली स्कूल और वहाबी धार्मिक परंपरा पर आधारित है. सऊदी अरब खुद को सुन्नी इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना का रखवाला मानता है.
शिया मुस्लिम आबादी
सऊदी अरब की आम आबादी में शिया मुस्लिम अंदाजन 10% से 12% हैं. हालांकि वे पूरे देश में माइनॉरिटी हैं लेकिन देश के कुछ खास इलाकों में शिया कम्युनिटी की अच्छी खासी मौजूदगी है. सऊदी अरब में ज्यादातर शिया मुसलमान पूर्वी प्रांत में रहते हैं. वे उन इलाकों में ज्यादा रहते हैं जहां पर तेल के रिसोर्सेस ज्यादा हैं. इसके अलावा जैदी शिया लोग यमनी बॉर्डर के पास दक्षिणी इलाकों में रहते हैं और इनकी संख्या लगभग 20,000 है. इस्माइली शिया ज्यादातर नजरान इलाके में रहते हैं और इनकी संख्या 5 से 7 लाख के बीच है.
बाहर से आई मुस्लिम आबादी
सऊदी अरब में रहने वाले सुन्नी और शिया मुसलमान में से काफी सारे बाहर से आए हैं. इनमें पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और मिस्त्र जैसे देशों के काम करने वाले लोग भी शामिल हैं. उनकी मौजूदगी से देश में धार्मिक विविधता बढ़ती है.
सऊदी अरब का राजनीतिक सिस्टम सुन्नी इस्लामी सिद्धांतों से काफी ज्यादा करीब से जुड़ा हुआ है. राज्य का धार्मिक ढांचा ऐतिहासिक रूप से सुन्नी सोच से जुड़ा हुआ है.
कुछ ऐतिहासिक और सामाजिक चुनौतियां
सऊदी अरब में एशियाई समुदाय को कई प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है. सार्वजनिक रूप से आशुरा जैसे त्योहार मनाने पर अक्सर प्रतिबंध या फिर कड़े नियम लगाए गए हैं. इसी के साथ शिया नागरिकों को सेना, सुरक्षा सेवा और बाकी ऊंचे पदों में नियुक्त होने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. हालांकि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान लीडरशिप में कई जरूरी सामाजिक और धार्मिक बदलाव आए हैं. 'हाइया' की गिरफ्तार करने और नियम लागू करने की शक्तियों को काफी हद तक सीमित कर दिया गया है. इसी के साथ शिक्षा प्रणाली से भेदभाव वाली बातों को हटाने का भी प्रयास किया जा रहा है.
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Source: IOCL
























