एक्सप्लोरर

आखिर क्या है चौपाड़ी प्रथा? यहां लड़कियां आज भी ढो रहीं इस बरसों पुरानी परंपरा का बोझ

Chaupadi Tradition: भले ही दुनिया आज चांद पर पहुंच गई हो, लेकिन आज भी कई देशों में कुछ ऐसी पुरानी और अजीब परंपराएं चल रही हैं, जिनका बोझ लोगों को ढोना पड़ रहा है. इसी तरह से एक चौपाड़ी प्रथा है.

पीरियड्स हर महिला के साथ हर महीने होने वाला एक बायोलॉजिकल टर्म है. यह कोई बीमारी नहीं है और न कोई अछूती परंपरा है. लेकिन इसके बावजूद इसे कई देशों में आज भी अंधविश्वास, बुरी किस्मत टैबू माना जाता है. महिलाओं को इस दौरान अपवित्र समझकर भेदभाव किया जाता है. दुनिया के कुछ देशों में इसको लेकर अजीब तरह के रीति-रिवाज और परंपराएं बनाई गई हैं, जो कि आज भी लागू की जाती हैं. एक ऐसी ही परंपरा पड़ोसी देश में भी देखने को मिलती है, जिसे चौपाड़ी प्रथा के नाम से जानते हैं. चलिए इस बारे में जानें.

क्या है चौपाड़ी प्रथा और क्यों मनाते हैं इसे?

नेपाल में प्रचलित चौपाड़ी प्रथा महिलाओं के लिए अब भी सबसे अमानवीय और खतरनाक परंपराओं में से एक मानी जाती है. इस प्रथा के तहत पीरियड्स के दौरान महिलाओं और किशोरियों को अपवित्र मानकर घर से बाहर झोपड़ियों या गोशालाओं में रहने के लिए मजबूर किया जाता है. वहां उन्हें न तो पर्याप्त भोजन मिलता है और न ही सुरक्षा, जिसकी वजह से हर साल कई महिलाएं और लड़कियां बीमारियों, सांप-बिच्छू के काटने या ठंड के कारण अपनी जान गंवा बैठती हैं.

नेपाल में इस प्रथा की जड़ें सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं और अंधविश्वासों से जुड़ी हैं. ग्रामीण इलाकों में यह मान्यता प्रचलित है कि मासिक धर्म के दौरान महिलाएं अशुद्ध होती हैं और अगर वे घर में रहेंगी तो परिवार पर दुर्भाग्य आएगा, मवेशी मर जाएंगे या फसलें खराब हो जाएंगी. यही सोच महिलाओं को झोपड़ियों में अलग रहने के लिए मजबूर करती है.

सरकार ने बनाया था कानून

हालांकि, नेपाल सरकार ने इस अमानवीय परंपरा पर रोक लगाने के लिए कानून बनाए है. 2017 में नेपाल की संसद ने चौपाड़ी प्रथा को अपराध घोषित किया और 2018 से इसके उल्लंघन पर दंड का प्रावधान किया गया. इस कानून के मुताबिक, जो भी व्यक्ति महिलाओं को चौपड़ी झोपड़ियों में रहने पर मजबूर करता है, उसे तीन महीने की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है. इसके अलावा, सरकार और सामाजिक संस्थाएं लगातार इस प्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चला रही हैं.

बड़ी गहराई से जुड़ी हैं चौपाड़ी प्रथा की जड़ें

फिर भी जमीनी हकीकत यह है कि नेपाल के कई पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में चौपाड़ी प्रथा आज भी जीवित है. खासतौर पर सुदूर पश्चिमी नेपाल के जिलों जैसे अछाम, बाजुरा और कंचनपुर में इस प्रथा की जड़ें गहराई से जमी हुई है. यहां कई परिवार अब भी अंधविश्वास के कारण अपनी बेटियों और बहुओं को पीरियड्स के दौरान घर से बाहर कर देते हैं.

इस प्रथा को पूरी तरह से खत्म करना चुनौती

विश्व स्वास्थ्य संगठन और नेपाल के स्थानीय NGO की रिपोर्ट के अनुसार, चौपाड़ी प्रथा के कारण महिलाओं की शारीरिक और मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ता है. झोपड़ियों में रहना न केवल असुरक्षित है बल्कि संक्रमण और यौन हिंसा का खतरा भी बढ़ा देता है. कई बार महिलाएं और लड़कियां ठंड से मर जाती हैं या धुएं से दम घुटने जैसी घटनाओं की शिकार होती हैं. बावजूद इसके, सामाजिक दबाव और रूढ़िवादी मान्यताओं की वजह से इसे पूरी तरह खत्म करना अभी भी चुनौती बना हुआ है.

यह भी पढ़ें: अब कितनी बढ़ गई डॉली चायवाला की कमाई, वायरल गर्ल मोनालिसा से कम या ज्यादा; यहां जानें

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'ममता बनर्जी ने किया अपराध, इस रेड का TMC से कोई लेना-देना नहीं', I-PAC मामले में कोलकाता HC में ED की दलील
'ममता बनर्जी ने किया अपराध, रेड का TMC से कोई लेना-देना नहीं', I-PAC मामले में हाई कोर्ट में ED की दलील
संभल के CO रहे अनुज चौधरी पर दर्ज होगा केस, अखिलेश यादव बोले, 'ये पक्षपाती पुलिसकर्मी...'
संभल के CO रहे अनुज चौधरी पर दर्ज होगा केस, अखिलेश यादव बोले, 'अब कोई बचाने नहीं आयेगा'
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में आप कितना जानते हैं, जानें परिवार में कौन-कौन?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में आप कितना जानते हैं, जानें परिवार में कौन-कौन?
IND vs NZ मैच में बांग्लादेशी अंपायर कैसे? टी20 वर्ल्ड कप विवाद के बीच कैसे हुआ ये संभव; जानें
IND vs NZ मैच में बांग्लादेशी अंपायर कैसे? टी20 वर्ल्ड कप विवाद के बीच कैसे हुआ ये संभव; जानें

वीडियोज

Sansani:The लॉरेन्स बिश्नोई FEAR FILES! | Crime | Delhi News
Delhi : सावधान! कालिंदी कुंज में कुत्तों के हमले से गई नौजवान की जान | Breaking | ABP News
Chitra Tripathi: 2026 में मुस्लिम CM..बंगाल में बड़ा उलटफेर? वरिष्ठ पत्रकार का विश्लेषण | BJP Vs TMC
Bharat ki Baat: RJD में 'दही-चूड़ा' पॉलिटिक्स! Lalu Yadav के एक कदम ने सबको चौंकाया! | Tejpratap
Chitra Tripathi: खामनेई को उठवा लेंगे या घर में घुसकर मारेंगे ट्रंप? | Donald Trump | Khamnei | Iran

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'ममता बनर्जी ने किया अपराध, इस रेड का TMC से कोई लेना-देना नहीं', I-PAC मामले में कोलकाता HC में ED की दलील
'ममता बनर्जी ने किया अपराध, रेड का TMC से कोई लेना-देना नहीं', I-PAC मामले में हाई कोर्ट में ED की दलील
संभल के CO रहे अनुज चौधरी पर दर्ज होगा केस, अखिलेश यादव बोले, 'ये पक्षपाती पुलिसकर्मी...'
संभल के CO रहे अनुज चौधरी पर दर्ज होगा केस, अखिलेश यादव बोले, 'अब कोई बचाने नहीं आयेगा'
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में आप कितना जानते हैं, जानें परिवार में कौन-कौन?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में आप कितना जानते हैं, जानें परिवार में कौन-कौन?
IND vs NZ मैच में बांग्लादेशी अंपायर कैसे? टी20 वर्ल्ड कप विवाद के बीच कैसे हुआ ये संभव; जानें
IND vs NZ मैच में बांग्लादेशी अंपायर कैसे? टी20 वर्ल्ड कप विवाद के बीच कैसे हुआ ये संभव; जानें
लाइव कॉन्सर्ट में इंटिमेसी को लेकर हनी सिंह के बिगड़े बोल, लोग बोले- 'इंसान की फितरत कभी नहीं बदलती'
लाइव कॉन्सर्ट में इंटिमेसी को लेकर हनी सिंह के बिगड़े बोल, लोग बोले- 'इंसान की फितरत कभी नहीं बदलती'
ईरान में तख्तापलट की राह आसान नहीं, क्यों खामेनेई जंग की सूरत में भागने की बजाय शहादत चुनेंगे?
ईरान में तख्तापलट की राह आसान नहीं, क्यों खामेनेई जंग की सूरत में भागने की बजाय शहादत चुनेंगे?
ओ देश मेरे तेरी शान...छोटी बच्चियों ने तुतलाते हुए गाया देशभक्ति वाला गाना, वीडियो देख मुस्कुराया इंटरनेट
ओ देश मेरे तेरी शान...छोटी बच्चियों ने तुतलाते हुए गाया देशभक्ति वाला गाना, वीडियो देख मुस्कुराया इंटरनेट
बिहार की राजनीति में कितना अहम है दही चूरा, इससे कैसे तय होती है सियासत?
बिहार की राजनीति में कितना अहम है दही चूरा, इससे कैसे तय होती है सियासत?
Embed widget