एक्सप्लोरर

वंदे मातरम से पहले कौन-सा नारा लगाते थे क्रांतिकारी? 99 पर्सेंट लोग नहीं जानते इसका जवाब

आज यानी 7 नवंबर 2025 को हम भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. यह सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि आजादी के आंदोलन की आत्मा है, जिसने लाखों देशवासियों को एक साथ में बांध दिया था.

भारत का स्वतंत्रता संग्राम सिर्फ युद्धों, आंदोलनों या नेताओं की कहानी नहीं है. यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें हर शब्द, हर नारा और हर गीत ने देश की आत्मा को झकझोर दिया. आज यानी 7 नवंबर 2025 को हम भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. यह सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि आजादी के आंदोलन की आत्मा है, जिसने लाखों देशवासियों को एक साथ में बांध दिया था. क्या आप जानते हैं कि वंदे मातरम से पहले भी कुछ और नारे थे जो क्रांतिकारियों की आवाज बन चुके थे? बहुत कम लोग जानते हैं कि इस अमर गीत से पहले भारत के वीरों के दिलों में जोश भरने वाले दूसरे नारे कौन से थे? आइए आज हम आपको बताते हैं कि वंदे मातरम से पहले क्रांतिकारी कौन-सा नारा लगाते थे? 

वंदे मातरम का जन्म और उसका इतिहास

वंदे मातरम की रचना बंकिम चंद्र चटर्जी ने की थी. इसे पहली बार 7 नवंबर 1875 को बंगाली पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित किया गया था. बाद में यह गीत उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ में शामिल हुआ. यह गीत मां भारती के प्रति भक्ति, देश के प्रति प्रेम और बलिदान की भावना से भरा हुआ है. इस गीत को रवींद्रनाथ टैगोर ने संगीतबद्ध किया था और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह एक पुकार बन गया. हर भारतवासी की जुबान पर  सिर्फ एक ही आवाज वंदे मातरम थी. 

1907 में मैडम भीकाजी कामा ने जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में भारत का पहला झंडा फहराया था, जिस पर वंदे मातरम लिखा हुआ था. इससे पता चलता है कि यह गीत न सिर्फ भारत के भीतर बल्कि विदेशों में भी भारत की पहचान बन चुका था. 

वंदे मातरम से पहले क्रांतिकारी क्या नारे लगाते थे?

भारत का स्वतंत्रता आंदोलन कई चरणों में आगे बढ़ा, शुरुआती दौर में आंदोलन ज्यादातर विद्रोह के रूप में था. उस समय वंदे मातरम तो लिखा जा चुका था, पर यह इतने बड़े रूप में प्रसिद्ध नहीं हुआ था. इस दौर में क्रांतिकारी और देशभक्तों के बीच कुछ दूसरे नारे बेहद मशहूर थे, जैसे - 

1. इंकलाब जिंदाबाद:  यह नारा सबसे पहले मौलाना हसरत मोहानी ने दिया था. बाद में शहीद भगत सिंह और उनके साथियों ने इसे प्रसिद्ध बना दिया. जब भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 1929 में दिल्ली की सेंट्रल असेंबली में बम फेंका तो उन्होंने जोर से इंकलाब जिंदाबाद नारा लगाया था. इस नारे का अर्थ था कि क्रांति हमेशा जिंदा रहे. 

2. सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है  - यह नारा क्रांतिकारी कवि राम प्रसाद बिस्मिल की प्रसिद्ध कविता से लिया गया है. इसने हजारों नौजवानों को प्रेरित किया कि वे मातृभूमि के लिए अपना बलिदान कर दें.  इस नारे का मतलब था कि हमारे दिल में अब देश के लिए बलिदान देने की इच्छा है. 

3. जय हिंद और भारत माता की जय - जय हिंद नारे को सुभाष चंद्र बोस ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध किया.  वहीं भारत माता की जय भी स्वतंत्रता सेनानियों की सभाओं और आंदोलनों में गूंजता रहता था।. इन नारों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारतीयों में जोश भर दिया. उस समय जब क्रांतिकारियों के पास बंदूकें नहीं थीं, तो ये नारे ही उनके हथियार थे. ये शब्द उनके हौसले थे, उनकी लड़ाई की पहचान थे. 

यह भी पढ़ें: Pakistan Protests Gen-Z: नेपाल के बाद पाकिस्तान में प्रदर्शन कर रहे युवा, जानें किन-किन देशों को Gen-Z से डरना जरूरी?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या मंदिर में नकली सोना चांदी चढ़ाने पर हो सकती है जेल, क्या है कानून?
क्या मंदिर में नकली सोना चांदी चढ़ाने पर हो सकती है जेल, क्या है कानून?
अमेरिका के इस शहर में बचा सिर्फ 1 साल का पानी, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
अमेरिका के इस शहर में बचा सिर्फ 1 साल का पानी, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
ब्लैक सी से क्या इंपोर्ट करता है भारत? समझें व्यापार का गणित
ब्लैक सी से क्या इंपोर्ट करता है भारत? समझें व्यापार का गणित
टैंक के‌‌ मामले में इस देश का नहीं है तोड़, जानें भारत की स्थिति
टैंक के‌‌ मामले में इस देश का नहीं है तोड़, जानें भारत की स्थिति

वीडियोज

Bentley Continental GT S hybrid India first look and details | #bentley #autolive
Badshah और Isha Rikhi के रिश्ते में आई दरार? Cryptic Post के बाद बढ़ीं Separation की चर्चाएं
सड़क पर गर्लफ्रेंड के साथ दरिंदगी!
Ram Kapoor का दर्दनाक खुलासा: Father ने पूछा
USA IRAN : कभी युद्ध शुरू करते, कभी बंद करते! ट्रंप क्या चाहते? |ABPLIVE

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पहले हाथ जोड़कर की रिक्वेस्ट, फिर किरेन रिजिजू ने लोकसभा में राहुल गांधी को खड़े होकर दी चेतावनी
पहले हाथ जोड़कर की रिक्वेस्ट, फिर किरेन रिजिजू ने लोकसभा में राहुल गांधी को खड़े होकर दी चेतावनी
'भौंडापन करना है तो...', Gen-Z पर विवादित बयान देने के बाद बोलीं कंगना रनौत
'भौंडापन करना है तो...', Gen-Z पर विवादित बयान देने के बाद बोलीं कंगना रनौत
अंधभक्त कौन? लोकसभा में राहुल गांधी ने किया एक्सप्लेन, मचा हंगामा
अंधभक्त कौन? लोकसभा में राहुल गांधी ने किया एक्सप्लेन, मचा हंगामा
उम्र से बड़े वैभव सूर्यवंशी के संस्कार, एयरपोर्ट पर किसके छुए पैर? देखें वीडियो 
उम्र से बड़े वैभव सूर्यवंशी के संस्कार, एयरपोर्ट पर किसके छुए पैर?
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर? जानकर नम हो जाएंगी आखें
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर?
अचानक संसद क्यों पहुंचे NSA अजीत डोभाल, क्या है बड़ी वजह?
अचानक संसद क्यों पहुंचे NSA अजीत डोभाल, क्या है बड़ी वजह?
क्या फिर मारेंगे पलटी? ओम प्रकाश राजभर ने कर दी राहुल गांधी की तारीफ
क्या फिर मारेंगे पलटी? ओम प्रकाश राजभर ने कर दी राहुल गांधी की तारीफ
ऑस्ट्रेलिया में पढ़ना है? यहां मिल रही स्कॉलरशिप
ऑस्ट्रेलिया में पढ़ना है? यहां मिल रही स्कॉलरशिप
Embed widget