एक्सप्लोरर

दूसरे देश के लोगों को कौन-कौन से वीजा देता है अमेरिका, किसकी कितनी फीस?

पर्यटन, पढ़ाई और वर्क कैटेगरी के लिए अमेरिका देता है B1/B2, F1 और H-1B समेत कई वीजा. नए विजा इंटीग्रिटी शुल्क के जुड़ने से अब बढ़ गई है पूरी लागत, जानिए किस श्रेणी की कितनी है तय फीस.

अमेरिका जाने का सपना दुनियाभर के करोड़ों लोगों का होता है. चाहे वहां घूमना हो, पढ़ाई करनी हो या फिर नौकरी, हर काम के लिए अमेरिका अलग-अलग तरह के वीजा जारी करता है. अमेरिकी सरकार मुख्य रूप से दो तरह के वीजा देती है- नॉन-इमिग्रेंट वीजा अस्थाई प्रवास के लिए और इमिग्रेंट वीजा स्थाई रूप से बसने के लिए. यदि आप भी अमेरिका जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आइए जानते हैं कि अमेरिका दूसरे देशों के नागरिकों को कौन-कौन से मुख्य वीजा देता है और इसके लिए कितनी फीस चुकानी पड़ती है.

नॉन-इमिग्रेंट वीजा

यह वीजा उन लोगों को दिया जाता है जो एक निश्चित समय के लिए अमेरिका जाना चाहते हैं और जिनका इरादा वहां स्थाई रूप से बसने का नहीं होता. जैसे अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में घूमने, इलाज कराने या किसी बिजनेस मीटिंग के सिलसिले में जाना चाहता है, तो उसे B1/B2 वीजा की जरूरत होती है。इसकी फीस 185 अमेरिकी डॉलर लगभग 15,500 रुपये है. हालांकि, हालिया नियमों के तहत इसमें कुछ अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क भी जुड़ सकते हैं. 

इसके अलावा, अमेरिका की यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई या वोकेशनल कोर्स के लिए जाने वाले छात्रों को F-1 या M-1 वीजा दिया जाता है. वहीं रिसर्च या एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए J-1 वीजा मिलता है. इसकी फीस  185 डॉलर लगभग 15,500 रुपये है. साथ ही, अमेरिका में नौकरी करने के लिए विदेशी नागरिकों को वर्क वीजा दिया जाता है. इसमें भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के बीच H-1B वीजा सबसे ज्यादा लोकप्रिय है. इन पेटिशन-आधारित वर्क वीजा की फीस 205 अमेरिकी डॉलर लगभग 17,200 रुपये निर्धारित है. हालांकि, अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने के लिए अन्य भारी-भरकम फाइलिंग और कानूनी शुल्क अलग से चुकाने पड़ते हैं.

इमिग्रेंट वीजा 

यह वीजा उन लोगों के लिए होता है जो स्थाई रूप से अमेरिका में रहना और काम करना चाहते हैं. जैसे यदि कोई अमेरिका का स्थाई नागरिक अपने विदेशी जीवनसाथी, बच्चों या माता-पिता को वहां बुलाना चाहता है, तो उसे इस कैटेगरी में आवेदन करना होता है. इस तरह के वीजा के लिए दूतावास का प्रोसेसिंग शुल्क आमतौर पर 325 अमेरिकी डॉलर लगभग 27,300 रुपये प्रति व्यक्ति से शुरू होता है. इसके अलावा एफिडेविट ऑफ सपोर्ट रिव्यू के लिए 120 डॉलर और अमेरिका में एंट्री के बाद ग्रीन कार्ड जारी करने के लिए USCIS को 220 डॉलर की अतिरिक्त फीस देनी होती है. 

यह भी पढ़ें: एथेनॉल से चीनी ही नहीं इन चीजों के दाम भी हुए हाई, क्यों इस पर डिपेंड है सिस्टम

अतिरिक्त शुल्क और रिफंड के नियम

अमेरिकी वीजा नियमों के अनुसार, आप जो भी आवेदन शुल्क चुकाते हैं, वह पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल होता है. अगर किसी वजह से आपका वीजा रिजेक्ट हो जाता है, तो भी आपको यह पैसा वापस नहीं मिलेगा. इसके साथ ही, अलग-अलग देशों के नियमों और अतिरिक्त डाक या पासपोर्ट डिलीवरी सेवाओं के आधार पर कुल खर्च थोड़ा बढ़ सकता है. इसलिए आवेदन करने से पहले अमेरिकी दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तत्कालीन नियमों की जांच अवश्य कर लें. 

यह भी पढ़ें: आज से 100 साल बाद कैसी होगी धरती? सामने आया डराने वाला सच

मंदसौर, मध्यप्रदेश के दीनदयाल पाटीदार ABP न्यूज में बतौर इंटर्न कार्यरत हैं. मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे दीनदयाल की जनरल नॉलेज (GK) और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है. वह खबरों को सटीक और ज्ञानवर्धक तरीके से पेश करने का हुनर रखते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

किसे कहते हैं 'ऑर्वेलियन डिस्टोपिया', नोएडा DM को इसके लिए क्यों लगी फटकार?
किसे कहते हैं 'ऑर्वेलियन डिस्टोपिया', नोएडा DM को इसके लिए क्यों लगी फटकार?
देश की किस एयरलाइन के साथ सबसे ज्यादा हुए हैं हादसे? देखें लिस्ट
देश की किस एयरलाइन के साथ सबसे ज्यादा हुए हैं हादसे? देखें लिस्ट
देश के किस शहर में सबसे ज्यादा हैं आईफोन यूजर्स, हैरान कर देंगे आंकड़े
देश के किस शहर में सबसे ज्यादा हैं आईफोन यूजर्स, हैरान कर देंगे आंकड़े
अमेरिका के परमानेंट वीजा का क्या है रेट, इसे लेने में किस देश के लोग टॉप पर?
अमेरिका के परमानेंट वीजा का क्या है रेट, इसे लेने में किस देश के लोग टॉप पर?
Advertisement

वीडियोज

Sansani | Kanpur News: डांस फ्लोर पर बहू के ठुमके...घर में ससुर के कातिल | ABP News
Nagpur Accident: ओवरटेक करने की कोशिश..मौत से सामना! । Viral NEWS
Ujjain Khade Hanuman Mandir News: चार दिन, चार कोशिशें…फिर भी 'खड़े हनुमान' | Bulldozer Action
Bharat Ki Baat : 'सीता हरण' प्रसंग और भगवा पर नया रण | Akhilesh Yadav | OP Rajbhar | UP Politics
Madhaya Pradesh: Ujjain में लाख कोशिशें नाकाम..नहीं हिले खड़े हनुमान चमत्कार से लोग हैरान।ABP Report
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'iPhone 18 बॉयकॉट करो, क्यों कि...', एप्पल के नए फोन पर भड़कीं ग्रेटा थनबर्ग
'iPhone 18 बॉयकॉट करो, क्यों कि...', एप्पल के नए फोन पर भड़कीं ग्रेटा थनबर्ग
सत्य निकेतन के बाद अब चिराग दिल्ली के PG में दरारों से दहशत, सील के बाद छात्र परेशान
सत्य निकेतन के बाद अब चिराग दिल्ली के PG में दरारों से दहशत, सील के बाद छात्र परेशान
'उनकी तरह जिंदगी...', विजय माल्या ने बताया क्यों बनना चाहते हैं 'कॉकरोच'
'उनकी तरह जिंदगी...', विजय माल्या ने बताया क्यों बनना चाहते हैं 'कॉकरोच'
महिला एशिया कप: कितने बजे शुरू होगा भारत-बांग्लादेश का सेमीफाइनल, किस चैनल पर आएगा लाइव?
कितने बजे शुरू होगा भारत-बांग्लादेश का सेमीफाइनल, किस चैनल पर आएगा लाइव?
'आप मुस्लिम हो', जब सेंसर बोर्ड ने दिलीप कुमार के 'हे राम' कहने पर उठाई थी आपत्ति, नेहरू तक पहुंचा था मामला
जब सेंसर ने दिलीप कुमार को 'हे राम' कहने से रोका था, नेहरू तक पहुंचा था मामला
कांग्रेस ने लिया बड़ा फैसला, अब इस नेता को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस ने लिया बड़ा फैसला, अब इस नेता को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
दिल्ली में आज धूप और गर्मी करेगी परेशान, अगले 2 दिनों बाद बदलेगा मौसम
दिल्ली में आज धूप और गर्मी करेगी परेशान, अगले 2 दिनों बाद बदलेगा मौसम
चलती ट्रेन में पकड़ा दिया पार्सल, युवक की टाइमिंग देख रह जाएंगे दंग
चलती ट्रेन में पकड़ा दिया पार्सल, युवक की टाइमिंग देख रह जाएंगे दंग
Embed widget