Nuclear Weapons: इस देश के पास है सबसे ज्यादा न्यूक्लियर हथियार, जानें भारत किस पायदान पर
Nuclear Weapons: मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार किस देश के पास है.

Nuclear Weapons: मिडिल ईस्ट में तनाव अभी भी जारी है. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रही यह जंग बढ़ती ही जा रही है. इसी बीच लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि किस देश के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के हालिया अनुमानों और डेटा के मुताबिक रूस के पास दुनिया में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं. आइए जानते हैं इस मामले में भारत की क्या स्थिति है.
रूस और अमेरिका का दबदबा
रूस लगभग 5580 परमाणु हथियारों के साथ इस सूची में सबसे ऊपर है. इसके बाद अमेरिका का नंबर आता है. अमेरिका के पास लगभग 5100 से 5200 वॉरहेड हैं. ये दोनों देश मिलकर दुनिया के परमाणु हथियारों के जखीरे का एक काफी बड़ा हिस्सा बनाते हैं.
चीन के हथियारों का विस्तार
तीसरे स्थान पर चीन है. चीन के पास लगभग 600 परमाणु हथियार हैं और वह तेजी से अपने जखीरे का विस्तार कर रहा है. यह तेज बढ़ोतरी वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चिंता का मुद्दा है.
यूरोपीय परमाणु शक्तियां
यूरोपीय देशों में फ्रांस के पास लगभग 290 परमाणु हथियार हैं. इसी के साथ यूनाइटेड किंगडम के पास लगभग 225 परमाणु हथियार हैं. ये देश बड़े पैमाने पर विस्तार करने के बजाय प्रतिरोध पर ज्यादा ध्यान देते हैं.
क्या है भारत की स्थिति?
भारत के पास वर्तमान में लगभग 180 परमाणु हथियार हैं. इससे यह दुनिया में छठे स्थान पर है. यह उनके हथियारों के जखीरे में लगातार बढ़ोतरी को दर्शाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 5 सालों में इसमें 20% की वृद्धि हुई है.
भारत पाकिस्तान से थोड़ा आगे निकल गया है. ऐसा अनुमान है कि पाकिस्तान के पास लगभग 170 परमाणु हथियार हैं. क्षेत्रीय संदर्भ में यह बदलाव काफी जरूरी है. यहां परमाणु संतुलन प्रतिरोध की गतिशीलता में एक बड़ी भूमिका निभाता है.
दूसरे परमाणु सशस्त्र देश
इजरायल के पास लगभग 90 हथियार हैं और उत्तर कोरिया के पास लगभग 50 हथियार हैं. यह छोटा देश भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हथियारों के जखीरे बनाए रखते हैं.
भारत अपने परमाणु शक्ति को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है. भारत जमीन से मार करने वाली मिसाइल, हवा से गिराए जाने वाले हथियार और पनडुब्बियों के जरिए समुद्र आधारित प्रतिरोध को बनाने में लगा है. यह सेकंड स्ट्राइक क्षमता को पक्का करता है और राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाता है।
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Source: IOCL




























