एक्सप्लोरर

NATO Funding: नाटो से बाहर आ जाए अमेरिका तो कितना कमजोर हो जाएगा संगठन, जानें इसमें US की कितनी फंडिंग?

NATO Funding: यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाटो से खफा हैं. इसी बीच आइए जानते हैं अगर अमेरिका नाटो से हट जाए तो क्या होगा.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • ट्रंप की नाटो आलोचना: सदस्य देश अमेरिका का साथ नहीं दे रहे।
  • अमेरिका नाटो की आर्थिक रीढ़: 16% सीधा, 59% अप्रत्यक्ष योगदान।
  • यूएस के हटने से नाटो की सैन्य शक्ति और समन्वय कमजोर होगा।
  • यूरोप में अमेरिकी सैन्य अड्डों के बिना लॉजिस्टिक्स क्षमता प्रभावित होगी।

NATO Funding: यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नाटो की आलोचना की है. उन्होंने सदस्य देशों पर आरोप लगाया है कि वे अमेरिका का साथ नहीं दे रहे हैं. नाटो और ट्रंप के बीच चल रही इस तनातनी के बीच एक बड़ा सवाल फिर से खड़ा हो गया है. अगर यूनाइटेड स्टेट्स सच में नाटो से हट जाए तो क्या होगा और इसमें उसकी कितनी फंडिंग है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

यूएस नाटो की आर्थिक रीढ

नाटो की फंडिंग दो स्तरों पर काम करती है. सीधा योगदान और कुल रक्षा क्षेत्र. सीधे फंडिंग के मामले में यूनाइटेड स्टेट्स लगभग 16% का योगदान देता है. यह सालाना लगभग 753 मिलियन डॉलर होता है. यह जर्मनी जैसे देशों के योगदान के बराबर है. हालांकि असली दबदबा अप्रत्यक्ष फंडिंग में है. यूनाइटेड स्टेट्स सभी 32 नाटो सदस्यों के कुल रक्षा खर्च का लगभग 59% से 62% हिस्सा वहन करता है.

सैन्य खर्च में भारी अंतर 

यूनाइटेड स्टेट्स के रक्षा खर्च का पैमाना दूसरों की तुलना में कहीं ज्यादा है. 2025 के अनुमानों के मुताबिक यूनाइटेड स्टेट्स रक्षा पर लगभग 980 बिलियन डॉलर खर्च करेगा.  इसी के साथ दूसरे नाटो सदस्य मिलकर लगभग 574 बिलियन डॉलर खर्च करेंगे. इस अंतर से पता चलता है कि नाटो अमेरिकी सैन्य निवेश पर कितना निर्भर है. 

सैन्य ताकत में भारी गिरावट 

अगर यूनाइटेड स्टेट्स हट जाता है तो नाटो दुनिया की कुछ सबसे एडवांस्ड सैन्य संपत्तियों तक अपनी पहुंच खो देगा. इनमें मिसाइल रक्षा प्रणाली, उपग्रह निगरानी नेटवर्क और एक शक्तिशाली परमाणु जखीरा शामिल हैं. इन क्षमताओं के बिना यूरोप की कुल रक्षा ताकत काफी कमजोर हो जाएगी. 

लीडरशिप और कोऑर्डिनेशन को चुनौती 

यूएस ने ऐतिहासिक रूप से नाटो की कमान संरचना में एक केंद्रीय भूमिका निभाई है. इसमें अमेरिकी जनरल प्रमुख अभियानों को लीड करते रहे हैं. यूनाइटेड स्टेट्स की लीडरशिप के बिना किसी भी संकट के दौरान सदस्य देशों के बीच कोऑर्डिनेशन बनाए रखना काफी ज्यादा मुश्किल हो जाएगा.  इससे नाटो की तेजी से और प्रभावी ढंग से जवाब देने की क्षमता कमजोर हो जाएगी.

सैन्य बुनियादी ढांचे का नुकसान 

यूनाइटेड स्टेट्स पूरे यूरोप में प्रमुख सैन्य अड्डे संचालित करता है. जैसे जर्मनी में रामस्टीन एयर बेस. यह अड्डे तेजी से तैनाती और वैश्विक अभियानों के लिए काफी जरूरी हैं. इनके बिना नाटो की लॉजिस्टिक ताकत और क्विक रिस्पांस कैपेबिलिटी पर गंभीर असर पड़ेगा.

यह भी पढ़ें: जिस नाटो पर 'लाल' हो रहे ट्रंप, कभी उससे अलग हो गया था यह देश; क्या था कारण?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

पार्सल और ड्रोन से हो रही ड्रग्स डिलीवरी, किन रास्तों से आ रहा 'माल'?
पार्सल और ड्रोन से हो रही ड्रग्स डिलीवरी, किन रास्तों से आ रहा 'माल'?
हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट, किस अदालत में सबसे ज्यादा केस पेंडिंग?
हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट, किस अदालत में सबसे ज्यादा केस पेंडिंग?
Europe Criminal Gang: क्या है फॉक्सट्रॉट नेटवर्क, जो सरेआम लेता है लोगों की सुपारी?
क्या है फॉक्सट्रॉट नेटवर्क, जो सरेआम लेता है लोगों की सुपारी?
Reserve Bank of India Notification: ATM से कैसे निकलेंगे प्लास्टिक के नोट, क्या बदली मशीनें?
ATM से कैसे निकलेंगे प्लास्टिक के नोट, क्या बदली मशीनें?

वीडियोज

Sansani: स्कूल में Murder से सनसनी! Lady Teacher का कातिल कौन?
Baba Bageshwar Dham | Dhirendra Krishna Shastri: जमीन की 'लूट'...क्या बाबा बागेश्वर ने दी छूट?
Sansani: जंतर-मंतर की 'गालीबाज गर्ल' से सुपारी कांड तक! | Crime News
Triggered Insaan ने 50 घंटे की Live Stream से Assam Flood Relief के लिए जुटाए ₹70 लाख
Ram Gopal Varma-Urmila Matondkar की सीक्रेट शादी का दावा, पुराने किस्से फिर चर्चा में

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'संबंध बिगड़ जाएंगे...', बांग्लादेश ने किस बात पर चिढ़कर भारत से कहा ऐसा
'संबंध बिगड़ जाएंगे...', बांग्लादेश ने किस बात पर चिढ़कर भारत से कहा ऐसा
'मदरसों में राष्ट्रवाद की जरूरत', इस मौलाना ने कर दी देशभर में UCC लागू करने की मांग
'मदरसों में राष्ट्रवाद की जरूरत', इस मौलाना ने कर दी देशभर में UCC लागू करने की मांग
तूफानी बारिश, कौंधेगी बिजली! रेड और ऑरेंज अलर्ट, UP-दिल्ली में कैसा मौसम?
तूफानी बारिश, कौंधेगी बिजली! रेड और ऑरेंज अलर्ट, UP-दिल्ली में कैसा मौसम?
Spider Man BO: मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ की रही धूम, शानदार हुई कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ ने शानदार की कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
गंभीर-कोहली बहस पर पूर्व अंपायर अनिल चौधरी का बड़ा बयान- 'जरूरी है, वरना...'
गंभीर-कोहली बहस पर पूर्व अंपायर अनिल चौधरी का बड़ा बयान- 'जरूरी है, वरना...'
'दीपके वहां आंदोलन कर रहा है और आप लोग...', अपने पदाधिकारियों पर भड़के उद्धव ठाकरे
'दीपके से कुछ सीखें', शिवसेना UBT के पदाधिकारियों पर भड़के उद्धव ठाकरे
'भागने का वक्त नहीं मिला', रूस के बीच पर ड्रोन हमला, 3 बच्चों समेत 7 की मौत
'भागने का वक्त नहीं मिला', रूस के बीच पर ड्रोन हमला, 3 बच्चों समेत 7 की मौत
11 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया पानी का बिजनेस, अब हर महीने हो रही ढाई लाख की कमाई
11 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया पानी का बिजनेस, अब हर महीने हो रही ढाई लाख की कमाई
Embed widget