बस तबाही के समय ही दिखता है ये खास विमान, परमाणु बम न कोई बॉयो वेपन... इस पर कुछ नहीं करता असर
Us Doomsday Plane: डूम्सडे प्लेन E-4B का अचानक सामने आना हमेशा सवाल खड़े करता है. क्या यह सिर्फ अभ्यास है या किसी बड़े खतरे का इशारा. आइए इसके बारे में विस्तार से जान लेते हैं.

लॉस एंजेलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जब एक बेहद विशाल और रहस्यमय विमान नजर आया, तो देखते ही देखते चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. आम विमानों से बिल्कुल अलग दिखने वाला यह जेट आम हालात में कभी नहीं दिखता है. इसे देखने वाले लोग हैरान भी थे और चिंता में भी थे. ऐसे में सवाल यही था कि आखिर ऐसा कौन सा खतरा है, जिसके लिए अमेरिका ने अपना सबसे सुरक्षित और ताकतवर विमान आसमान में उतार दिया?
रहस्यमय विमान ने बढ़ाई हलचल
अमेरिका के लॉस एंजेलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में जिस विमान को देखा गया, वह कोई सामान्य एयरक्राफ्ट नहीं था. यह था E-4B नाइटवॉच, जिसे आम तौर पर ‘डूम्सडे प्लेन’ कहा जाता है. जैसे ही इसकी मौजूदगी सामने आई, सोशल मीडिया से लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों तक के बीच सवाल उठने लगे. वजह साफ है कि यह विमान केवल बेहद संवेदनशील और आपात स्थितियों में ही सक्रिय किया जाता है.
कहां से कहां जा रहा था यह विमान
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह डूम्सडे प्लेन ऑफट एयर फोर्स बेस से उड़ान भरकर मैरीलैंड के कैंप स्प्रिंग्स की ओर जा रहा था. यह इलाका वॉशिंगटन डीसी के बेहद करीब है. आम तौर पर ऐसी उड़ानें नियमित यात्री विमानों की तरह नहीं होतीं, बल्कि रणनीतिक जरूरतों के हिसाब से की जाती हैं. इसी कारण इसके मूवमेंट ने लोगों का ध्यान खींचा.
किन हालात में उतारा जाता है डूम्सडे प्लेन
E-4B नाइटवॉच को अमेरिका में राष्ट्रीय आपात स्थिति का प्रतीक माना जाता है. परमाणु युद्ध, बड़े आतंकी हमले या वैश्विक संकट जैसी परिस्थितियों में इसे इस्तेमाल किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जमीन पर हालात कितने भी खराब क्यों न हों, देश की कमान और संचार व्यवस्था पूरी तरह चालू रहे.
क्या है E-4B नाइटवॉच
डूम्सडे प्लेन E-4B को आधिकारिक तौर पर नेशनल एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर कहा जाता है. यह विमान उड़ते-उड़ते भी देश का कंट्रोल सेंटर बन सकता है. इसमें बेहद एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम लगे हैं, जिनके जरिए दुनिया के किसी भी हिस्से से संपर्क किया जा सकता है. सबसे खास बात यह है कि यह विमान परमाणु हमले या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स जैसे खतरों से भी सुरक्षित रहता है.
हवा में ही खुद को रिफ्यूल करने की क्षमता
E-4B की एक बड़ी खासियत यह है कि इसे जमीन पर उतारने की जरूरत नहीं पड़ती है. अगर ईंधन खत्म होने लगे, तो यह हवा में ही दूसरे टैंकर विमान से रिफ्यूल कर सकता है. इसी वजह से यह लगातार 35 घंटे से भी ज्यादा समय तक उड़ान में रह सकता है, जिससे संकट के समय सरकार को लगातार दिशा-निर्देश देने में मदद मिलती है.
अंदर से कैसा है यह विमान
इस डूम्सडे प्लेन में कुल तीन डेक होते हैं. इनमें ब्रीफिंग रूम, रणनीतिक मीटिंग के लिए खास सम्मेलन कक्ष और अत्याधुनिक कम्युनिकेशन एरिया शामिल हैं. इसके अलावा आराम के लिए 18 बंक भी मौजूद हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर अधिकारी लंबे समय तक इसमें रह सकें. यह किसी उड़ते हुए दफ्तर और कमांड सेंटर की तरह काम करता है.
पहले भी दिख चुका है संकट के समय
E-4B नाइटवॉच इससे पहले भी कई अहम मौकों पर सक्रिय रहा है. 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के दौरान इसे इस्तेमाल किया गया था और उस वक्त राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी इसी विमान का सहारा लिया था. इसके अलावा 1995 में आए तूफान ओपल के समय FEMA की टीम को इसी विमान से सुरक्षित जगहों तक ले जाया गया था.
इस बार क्यों दिखा, अब भी सस्पेंस
इस बार वॉशिंगटन के पास और लॉस एंजेलिस जैसे बड़े एयरपोर्ट पर इसके दिखने की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है. यह नियमित अभ्यास भी हो सकता है और किसी संभावित आपात स्थिति की तैयारी भी. फिलहाल अमेरिकी प्रशासन की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है, जिससे अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है.
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Source: IOCL
























