एक्सप्लोरर

Turkiye Missile: तुर्किए ने बनाई पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, क्या भारत तक है इसकी पहुंच?

Turkiye Missile: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच तुर्किए ने अपनी पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल विकसित कर ली है. आइए जानते हैं कि क्या है इसकी रेंज.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • तुर्किए ने अपनी पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल विकसित की है।
  • 6000 किलोमीटर की मारक क्षमता से उत्तर पश्चिमी भारत पहुंच सकता है।
  • यह मिसाइल ध्वनि की गति से 25 गुना तेज उड़ सकती है।
  • मिसाइल 3000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है।

Turkiye Missile: मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव के बीच तुर्किए ने अपनी पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल विकसित करने की घोषणा की है. इस मिसाइल का नाम यिल्दिरिमहान बताया जा रहा है. इसकी कथित 6000 किलोमीटर की मारक क्षमता और हाइपरसोनिक गति के दावों ने क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता को लेकर चर्चा छेड़ दी है. इसी बीच सबसे बड़ा सवाल यह पूछा जा रहा है कि क्या यह मिसाइल भारतीय क्षेत्रों तक भी पहुंच सकती है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

क्या तुर्किए की मिसाइल भारत तक पहुंच सकती है?

 इस मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 6000 किलोमीटर है. अंकारा और नई दिल्ली के बीच हवाई दूरी लगभग 4500 किलोमीटर है. इसका मतलब है कि अगर तुर्किए के क्षेत्र से इसे लॉन्च किया जाता है तो सैद्धांतिक रूप से उत्तर पश्चिमी भारत का बड़ा हिस्सा इसकी मारक सीमा के अंदर आ जाएगा. इसमें दिल्ली भी शामिल है.

क्या होती है इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल? 

इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को आमतौर पर ऐसी बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में बताया जाता है जिसकी मारक क्षमता 5500 किलोमीटर से ज्यादा होती है. अब क्योंकि तुर्किए कि यह नई मिसाइल इस सीमा को पार कर लेती है, इस वजह से यह उन मिसाइल की श्रेणी में शामिल हो जाती है जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक लक्ष्यों को भेदने में सक्षम होती हैं.

ये भी पढ़ें: बर्खास्त होने से ममता को कितना हुआ नुकसान? जानें पूर्व सीएम को मिलने वाली सहूलियतें

मिसाइल की खासियत 

रिपोर्ट के मुताबिक यह मिसाइल मैक 25 तक की रफ्तार से उड़ान भर सकती है. यानी ध्वनि की गति से 25 गुना ज्यादा रफ्तार से. इतनी तेज रफ्तार होने की वजह से इसे बीच में ही रोक पाना काफी मुश्किल हो जाता है.  ऐसा इसलिए क्योंकि रक्षा प्रणालियों के पास प्रतिक्रिया देने के लिए काफी कम समय बचता है.

यह भी बताया जा रहा है कि यह मिसाइल 3000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है. सैद्धांतिक रूप से इस पेलोड में पारंपरिक विस्फोटक शामिल हो सकते हैं या फिर किसी रणनीतिक परिदृश्य में कुछ वॉरहेड्स भी हो सकते हैं. तकनीकी रूप से कहा जाता है कि यह प्रणाली चार रॉकेट इंजन और नाइट्रोजन टेट्रोक्साइड आधारित तरल ईंधन का इस्तेमाल करती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मिसाइल को तुर्किए के रक्षा मंत्रालय के अनुसंधान एवं विकास केंद्र द्वारा विकसित किया गया है.

ये भी पढ़ें: सरकार के लिए न बुलाने पर क्या राज्यपाल के खिलाफ कोर्ट जा सकते हैं विजय, जानें कब हो चुका ऐसा?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

किस देश में कैसे दी जाती है मौत की सजा? SC में याचिका के बीच जानें
किस देश में कैसे दी जाती है मौत की सजा? SC में याचिका के बीच जानें
Electric Shock: कुछ लोगों को क्यों नहीं लगता बिजली का झटका, क्या है वजह?
कुछ लोगों को क्यों नहीं लगता बिजली का झटका, क्या है वजह?
मौत के कितने दिन बाद तक हो सकता है पोस्टमॉर्टम, बॉडी कैसे करते हैं प्रिजर्व?
मौत के कितने दिन बाद तक हो सकता है पोस्टमॉर्टम, बॉडी कैसे करते हैं प्रिजर्व?
इंसान की आंख क्या-क्या देख सकती है, कितने Megapixel के बराबर?
इंसान की आंख क्या-क्या देख सकती है, कितने Megapixel के बराबर?

वीडियोज

Bollywood News: अपराध और हिंसा के बीच गुड्डू और स्वीटी का अनोखा रोमांस बना हाइलाइट (18.08.26)
Mahadev & Sons: 😱Rajji-Mogra में खूनी जंग! ऐन वक्त पर हीरो स्टाइल में पहुंचे Dheeraj #sbs
Pakistan News: नकलची पाकिस्तान का फ्लॉप शो देखिए! ABPLIVE
Prashant Kishor Oath Ceremony: प्रशांत किशोर ने ली शपथ! विधायक बनते ही किए 4 बड़े ऐलान |ABPLIVE
ChatGPT Viral Video: AI का कमाल! भीड़ में खोई चप्पल, ChatGPT ने ऐसे ढूंढ निकाली, वीडियो चौंका देगा!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'तीसरा बच्चा होने पर सालभर की मैटरनिटी लीव', CM विजय का बड़ा फैसला
'तीसरा बच्चा होने पर सालभर की मैटरनिटी लीव', CM विजय का बड़ा फैसला
कांग्रेस की मदद के बिना अखिलेश CM नहीं बन सकते, पार्टी नेता का दावा
कांग्रेस की मदद के बिना अखिलेश CM नहीं बन सकते, पार्टी नेता का दावा
पहले टेस्ट में श्रीलंकाई गेंदबाज ने दिए 175 रन, नाम हुआ यह शर्मनाक रिकॉर्ड
पहले टेस्ट में श्रीलंकाई गेंदबाज ने दिए 175 रन, नाम हुआ यह शर्मनाक रिकॉर्ड
सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी के बाद 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
PM केयर्स फंड में गिरावट, ऑडिट रिपोर्ट्स से सामने आयी जानकारी
PM केयर्स फंड में गिरावट, ऑडिट रिपोर्ट्स से सामने आयी जानकारी
भारत में बनेंगे फाइटर जेट-रडार जैसे रक्षा उपकरण, 3070 करोड़ होंगे खर्च
भारत में बनेंगे फाइटर जेट-रडार जैसे रक्षा उपकरण, 3070 करोड़ होंगे खर्च
Video: एटिकेट्स कोट ने कांटे और चम्मच से खाया डोसा, इंटरनेट पर छिड़ गई बहस
एटिकेट्स कोट ने कांटे और चम्मच से खाया डोसा, इंटरनेट पर छिड़ गई बहस
Home Theatre Buying Guide : होम थिएटर खरीद रहे हैं? पहले करें इन 5 चीजों की जांच
होम थिएटर खरीद रहे हैं? पहले करें इन 5 चीजों की जांच
Embed widget