Ratna Debnath MLA or CM Suvendu Adhikari Salary:आरजी कर रेप पीड़िता की मां पहली बार बनी विधायक, जानें शुभेंदु अधिकारी से कम या ज्यादा सैलरी?
Ratna Debnath MLA or CM Suvendu Adhikari Salary :रत्ना देबनाथ आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप कांड की पीड़िता की मां है. इस जीत के साथ ही उन्होंने राजनीति में अपने कदम रखे.

Ratna Debnath MLA or CM Suvendu Adhikari Salary : पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल ही में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट पर भाजपा की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. खास बात यह है कि रत्ना देबनाथ आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप कांड की पीड़िता की मां है. इस जीत के साथ ही उन्होंने राजनीति में अपने कदम रखे और तृणमूल कांग्रेस के मजबूत किले को ढहा दिया. वहीं शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. वह भाजपा के पहले मुख्यमंत्री भी बने हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि पहली बार बनी विधायक बनी आरजी कर रेप पीड़िता की मां की सैलरी शुभेंदु अधिकारी से कम या ज्यादा है.
आरजी कर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की ऐतिहासिक जीत
पानीहाटी विधानसभा सीट पर 4 मई 2026 को हुए चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने तृणमूल कांग्रेस के तीर्थांकर घोष को 28,836 मतों के अंतर से हराया. रत्ना को कुल 87,977 वोट मिले. वहीं तृणमूल उम्मीदवार को 59,141 वोट ही मिले. तीसरे नंबर पर रहे CPI(M) के उम्मीदवार को 24,032 वोट मिले. यह जीत इसलिए खास है क्योंकि रत्ना देबनाथ ने राजनीति में कदम रखा ही नहीं था, लेकिन पहली ही कोशिश में उन्होंने अपने क्षेत्र में बीजेपी के लिए शानदार प्रदर्शन किया.
रत्ना देबनाथ विधायक सैलरी
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधायक चुने जाते हैं. ये सभी सीधे जनता के वोट से आते हैं. ऐसे में 2023 में विधानसभा ने विधायक की बेसिक सैलरी बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रतिमाह कर दी. इसके अलावा विधायक को कांस्टीट्यूएंसी अलाउंस, मेडिकल सुविधाएं, ट्रैवल अलाउंस, फोन और बिजली जैसी सुविधाएं मिलती हैं. सभी भत्ते मिलाकर विधायक की कुल मासिक आय लगभग 1.21 लाख से 1.22 लाख रुपये तक होती है. अगर कोई विधायक विधानसभा की अलग-अलग समितियों में सक्रिय होता है, तो उसे अतिरिक्त भत्ता भी मिलता है.
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पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सैलरी
शुभेंदु अधिकारी, जो हाल ही में पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री बने हैं, भाजपा के पहले मुख्यमंत्री भी हैं. मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें कई तरह की सैलरी और भत्ते मिलते हैं. उनकी बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, जो एक विधायक को भी मिलती है, इसके अलावा कैबिनेट और मुख्यमंत्री भत्ता 51,000 रुपये, और अन्य भत्तों जैसे निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, प्रतिपूरक भत्ता, सत्कार भत्ता और सिटिंग अलाउंस को जोड़कर उनकी कुल मासिक आय लगभग 2.10 लाख रुपये है. इसके साथ ही उन्हें कोलकाता के वीवीआईपी इलाके में भव्य सरकारी बंगला, सरकारी कार और यात्रा सुविधा, Z+ सुरक्षा काफिला और व्यक्तिगत स्टाफ जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं.
रत्ना देबनाथ की सैलरी शुभेंदु अधिकारी से कम या ज्यादा है?
रत्ना देबनाथ की सैलरी शुभेंदु अधिकारी से कम है. रत्ना देबनाथ, जो पहली बार विधायक बनी हैं, उन्हें अपने पद के अनुसार लगभग 1.21-1.22 लाख रुपये प्रति माह मिलेंगे. वहीं, शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री के रूप में, लगभग 2.10 लाख रुपये प्रति माह सैलरी मिलेगी. ऐसे में मुख्यमंत्री की सैलरी विधायक की तुलना में ज्यादा होती है, लेकिन दोनों नेताओं की जिम्मेदारियां अलग-अलग स्तर पर हैं और दोनों ही पद जनता की सेवा के साथ जुड़े हैं.
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