अंग्रेज जनवरी में, हिंदू चैत्र में.. फिर मुस्लिम कब मनाते हैं नया साल?
वैसे तो दुनिया में कई जगहों पर अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नए साल का जश्न मनाया जाता है, लेकिन अनेकता में एकता समेटे भारत में अलग-अलग धर्मों के हिसाब से नए साल की शुरुआत भी अलग-अलग समय पर होती है.

आज नए साल का पहला दिन यानी 2024 की पहली तारीख 1 जनवरी है. इस दिन नया साल मनाने की परंपरा सबसे पहले ईसाई धर्म में शुरू की गई थी, लेकिन बाद में अंग्रेजी के इसी कैलेंडर को नए साल के रूप में कई देशों में मनाया जाने लगा. हमारे देश में भी 1 जनवरी को नए साल के पहले दिन के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है. लेकिन इसके इतर हमारे देश में अलग-अलग धर्मों में अलग-अलग समय निर्धारित हैं. तो चलिए जानते हैं किस हिंदू-मुस्लिम में कब मनाया जाता है नववर्ष.
मुस्लिम धर्म में कब मनाया जाता है नववर्ष?
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, मोहर्रम का महीना साल का पहला महीना माना जाता है. इस्लाम में रमजान के महीने का काफी महत्व होता है. बता दें इस्लामिक कैलेंडर एक कैलेंडर है, जिसके चलते नए वर्ष की तारीख में बदलाव होता रहता है, क्योंकि इस धर्म में चांद दिखने के बाद ही मोहर्रम की शुरुआत होती है.
इस साल कब है मोहर्रम?
इस साल यानी 2024 में इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मोहर्रम की शुरुआत 17 जुलाई के आसपास मानी जा रही है, क्योंकि चांद दिखने के बाद तिथि में बदलाव हो सकता है. इस्लाम धर्म में मान्यता है कि हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ मोहर्रम के महीने के 10वें दिन कर्बला के मैदान में शहीद हुए थे. उनकी कुर्बानी के तौर पर अब भी इस दिन का याद किया जाता है.
इस साल कब मनाया जाएगा हिंदू नववर्ष?
वहीं बात हिंदू नववर्ष की करें तो ये अंग्रेजी कैलेंडर से बिल्कुल अलग होता है. दरअसल तिथि के अनुसार हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र की प्रतिपदा से मानी जाती है. यानी इस साल यानी 2024 में हिंदू नववर्ष 9 अप्रैल को मनाया जाएगा. हालांकि तिथि के अनुसार इसमें कुछ बदलाव भी हो सकते हैं.
दरअसल हिंदू नववर्ष की शुरुआत से ही गुप्त नवरात्र या चैत्र की नवरात्र की भी शुरुआत हो जाती है जिसके ठीक नवें दिन राम नवमीं का पर्व मनाया जाता है. ये वो समय होता है जब प्रकृति अपने नए स्वरूप में होती है और बसंत के बाद खुशनुमा माहौल होता है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























