स्विस बैंक में रखे पैसे को क्यों कहा जाता है 'काला धन', क्या है इसके पीछे की वजह?
भारत में स्विस बैंक में छिपे काले धन की चर्चा समय -समय पर होती रहती है. चलिए, आपको बताते हैं कि स्विस बैंक में जमा धन को काला धन क्यों कहा जाता है और क्या इसके पीछे कोई कारण है.

Swiss Bank Black Money: जब भी 'काले धन' की बात होती है, तो एक नाम सबसे पहले ज़ुबान पर आता है स्विस बैंक. भारत में अक्सर यह चर्चा का विषय रहता है कि अमीर लोग, नेता, कारोबारी और भ्रष्ट अधिकारी अपने अवैध कमाई को स्विस बैंक में छिपाकर रखते हैं. लेकिन सवाल यह है कि आखिर स्विस बैंक में रखा पैसा 'काला धन' क्यों कहलाता है? क्या वहां का हर पैसा अवैध है? और ऐसा क्या है जो स्विस बैंक को बाकी बैंकों से अलग बनाता है? चलिए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
काला धन क्या होता है
स्विस बैंक में रखे पैसे को काला धन क्यों कहा जाता है, इसको जानने से पहले जान लीजिए कि काला धन होता क्या है. काला धन वह धन होता है जो कोई व्यक्ति गैर कानूनी तरीके से कमाया होता है और इसके लिए वह टैक्स भी नहीं देता है. इसमें रिश्वत, भ्रष्टाचार से कमाए पैसे, तस्करी से कमाए पैसे और टैक्स चोरी शामिल होता है. इन पैसे को छिपाने के लिए गोपनीयता का सहारा लिया जाता है, जहां सिस्टम और सरकार इनके खिलाफ कार्रवाई न कर सके. इसके लिए ये स्विस बैंक का ऑप्शन चुनते हैं.
स्विस बैंक के पैसे को काला धन क्यों कहा जाता है
दरअसल, अवैध कमाई और टैक्स चोरी के पैसे को छिपाने के लिए किसी सुरक्षित और गोपनीय बैंकिंग सिस्टम का सहारा लिया जाता है, तो वह पैसा 'काला धन' कहलाता है. इसके लिए लोग स्विस बैंक यानी कि स्विट्ज़रलैंड के बैंकों का इस्तेमाल करते हैं. इनकी गोपनीयता दुनिया में सबसे अच्छी मानी जाती है, यहां तक सिस्टम और सरकार की पहुंच सीमित होती है. स्विट्ज़रलैंड के कानूनों के मुताबिक, ग्राहक का नाम, पहचान और अकाउंट डिटेल्स पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं. इसके अलावा बिना अदालत के आदेश या बहुत ठोस कारण के, बैंक किसी का डेटा साझा नहीं करता. यही कारण है कि दुनियाभर के लोग अपनी अवैध कमाई का पैसा सुरक्षित रखने के लिए स्विस बैंक का सहारा लेते हैं.
क्या स्विस बैंक में खाता खुलवाना गैर-कानूनी होता है
स्विस बैंक में खाता रखना अपने आप में कोई अपराध नहीं है. दुनियाभर की तमाम कंपनियां और बिजनेसमैन स्विस बैंक में खाता खुलवाते हैं. इसके लिए वे कानूनी तौर तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. दिक्कत तब होती है जब गलत तरीके से पैसे छिपाने के लिए इनका उपयोग किया जाता है.
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