यूक्रेन में 18वां बर्थडे मनाने से क्यों घबरा रहे हैं लोग? जानें क्या कहता है मार्शल लॉ
फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था. यह जंग अबतक किसी भी मुकाम तक नहीं पहुंच पाई है. आंकड़ों के मुताबिक, यूक्रेन में 60 लाख लोग देश छोड़ चुके हैं. यह कुल आबादी का करीब 15 फीसदी है.

दुनिया के एक कोने यानी इजराइल और हमास के बीच सीजफायर समझौते के बाद गोलियों की तड़तड़ाहट थम चुकी है. एक दूसरा कोना है, जहां बंदूकें अभी तक तनी हुई हैं. हम बात कर रहे हैं रूस और यूक्रेन के बीच करीब तीन साल से जारी युद्ध की. फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था. इसके बाद से यह जंग किसी भी मुकाम तक नहीं पहुंच पाई है.
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग ने दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच चुनौतीपूर्ण हालात पैदा कर दिए हैं. लगातार हमलों के कारण लाखों लोग बेघर हुए हैं, कई परिवारों में कमाने वाला नहीं बचा है और लाखों लोगों का पलायन हुआ है, जिसमें यूक्रेन का तो बुरा हाल है. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, 60 लाख लोग देश छोड़ चुके हैं. यह यूक्रेन की आबादी का करीब 15 फीसदी है. तीन साल से बने जंग के हालातों ने यूक्रेन में एक और संकट पैदा कर दिया है. यहां के युवा अपना 18वां बर्थडे मनाने तक से डर रहे हैं.
बर्थडे मनाने से क्यों डर रहे लोग?
रूस ने जब यूक्रेन पर हमला किया तो हालात बहुत तेजी से बदले. यूक्रेन इस हमले के लिए तैयार नहीं था. नतीजा यह हुआ कि रूसी हमलों में यूक्रेन के कई सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी. यूक्रेनी सेना में सैनिकों की कमी एक बड़ी समस्या बनती जा रही थी. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेंलेंस्की ने यूक्रेन में मॉर्शल लॉ लागू कर दिया. इसके तहत 18 से 60 साल के उम्र पुरुषों को देश छोड़ने पर मनाही है. इन पुरुषों को किसी भी समय जंग पर भेजा जा सकता था. हालांकि, महिलाओं के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी. यही कारण है कि यूक्रेन से पलायन करने वाले 60 लाख लोगों में एक बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है.
18 के होने के बाद देश छोड़ने पर मनाही
यूक्रेन में अगर कोई युवा 18 साल का होता है, तो उसे देश छोड़कर जाने की इजाजत नहीं है. यहां तक कि ऐसे युवाओं को रूस के खिलाफ मोर्चा भी संभालना होता है. यही कारण है कि यहां के युवा 18 साल के होने पर अपना बर्थडे तक मनाने से डर रहे हैं, क्योंकि जैसे ही देश की एजेंसीस को इसका पता चलेगा, उन्हें जंग खत्म होने तक देश में ही रहना होगा.
घट रही जन्मदर
यूक्रेन में युवाओं और पुरुषों को बॉर्डर पर भेजे जाने के कारण यहां जन्मदर में भी काफी गिरावट आई है. जंग शुरू होने से दो साल पहले यानी 2019 में यूक्रेन में 309000 बच्चों का जन्म हुआ था. वहीं, जंग शुरू होने के एक साल बाद 2023 में जन्म लेने वाले बच्चों का आंकड़ा 187,000 पहुंच गया.
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Source: IOCL






















