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NSG कमांडो को कितना मिलता है शराब का कोटा, इनकी कैंटीन में कितनी सस्ती होती है बोतल?

एनएसजी कमांडो को कैंटीन के जरिए विशेष सुविधाएं प्रदान की जाती हैं. इन विशिष्ट सुरक्षा बलों के लिए निर्धारित मासिक कोटे के तहत उन्हें प्रीमियम ब्रांड की शराब काफी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती है.

देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले एनएसजी कमांडो किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. ब्लैक कैट के नाम से मशहूर इन जांबाज सैनिकों को उनकी विशिष्ट सेवा के बदले सरकार कई तरह की सुविधाएं देती है. इनमें से एक प्रमुख सुविधा है कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट यानी सीएसडी (CSD), जहां उन्हें दैनिक उपयोग की वस्तुओं के साथ-साथ शराब का कोटा भी रियायती दरों पर मिलता है. क्या आप जानते हैं कि इनके लिए शराब का कोटा कितना है और बाजार से यह कितनी सस्ती पड़ती है? आइए जानते हैं.

कौन हैं एनएसजी कमांडो और कैसी है उनकी सेवा?

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड यानी एनएसजी देश की एक बेहद महत्वपूर्ण और विशेष बल इकाई है. इसमें आने वाले जवान सीधे भर्ती नहीं होते, बल्कि वे भारतीय सेना और विभिन्न राज्यों के पुलिस बलों से प्रतिनियुक्ति यानी डेपुटेशन पर चुने जाते हैं. चूंकि ये कमांडो अत्यंत कठिन प्रशिक्षण और जोखिम भरे ऑपरेशनों का हिस्सा होते हैं, इसलिए उन्हें विशेष जोखिम और कठिनाई भत्ता भी मिलता है, जो करीब 25,000 से 40,000 रुपये प्रति माह के बीच होता है. इनका वेतन भी पद और अनुभव के अनुसार 80,000 से लेकर 3 लाख रुपये तक हो सकता है.

क्या है शराब के कोटे का नियम?

एनएसजी कमांडो को मिलने वाला शराब का कोटा काफी व्यवस्थित होता है. आधिकारिक आंकड़ों और रिपोर्टों के मुताबिक, एक सर्विंग एनएसजी कमांडो को महीने में 10 बोतल (750ml) तक शराब का कोटा मिलता है. हालांकि, अलग-अलग स्तरों और पदों के हिसाब से इसमें बदलाव भी देखे जाते हैं. अक्सर जेसीओ के लिए 6 और अन्य जवानों के लिए 4 बोतल का मासिक कोटा निर्धारित रहता है, लेकिन मांग उठती रही है कि इसे बढ़ाकर क्रमश: 9 और 8 बोतल किया जाए. इस कोटे में भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) से लेकर कई प्रीमियम ब्रांड तक शामिल होते हैं.

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कैंटीन में कितनी सस्ती मिलती है शराब?

एनएसजी कमांडो को कैंटीन में शराब मिलने का सबसे बड़ा कारण उस पर मिलने वाली भारी सब्सिडी है. सीएसडी कैंटीन में मिलने वाली वस्तुओं पर सरकार की ओर से भारी टैक्स छूट दी जाती है. बाजार में मिलने वाली शराब की तुलना में एनएसजी कमांडो को यह 40% से लेकर 55% तक सस्ती पड़ती है. इसका सीधा मतलब यह है कि जो बोतल सिविल बाजार में आपको 1000 रुपये में मिलती है, वही बोतल कमांडो को सीएसडी में 450 से 600 रुपये के बीच आसानी से मिल जाती है, जिससे उनके खर्चों में बड़ी बचत होती है.

प्रमुख ब्रांडों की कीमतों में अंतर

अगर कीमतों पर एक नजर डालें, तो अंतर स्पष्ट हो जाता है. उदाहरण के तौर पर, ओल्ड मॉन्क या कॉन्टेसा जैसे रम के ब्रांड कैंटीन में 165 से 180 रुपये के आसपास उपलब्ध होती है. इसी तरह ब्लेंडर्स प्राइड जैसी लोकप्रिय व्हिस्की की 750ml की बोतल सीएसडी में 420 से 480 रुपये के बीच मिल जाती है. बीयर के शौकीनों के लिए किंगफिशर स्ट्रॉन्ग (650 ml) जैसी बीयर भी केवल 90 रुपये के आसपास उपलब्ध रहती है. ये कीमतें समय और उपलब्धता के आधार पर मामूली रूप से बदल सकती हैं, लेकिन बाजार दर से इनका फासला हमेशा बड़ा रहता है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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