Nashik Simhastha Kumbh 2027: नासिक के सिंहस्थ कुंभ में कैसे काम करेगा वॉटर वे, कितना बचेगा वक्त?
नासिक सिंहस्थ कुंभ में वीआईपी और वीवीआईपी मेहमानों को जाम से बचाने के लिए गोदावरी नदी पर वॉटर वे बनाने की तैयारी है. ऐसे में जानिए आखिर कैसे काम करेगा यह खास रूट और आम श्रद्धालुओं को इससे क्या फायदा.

देश में होने वाले बड़े धार्मिक आयोजनों में कुंभ मेले का खास महत्व है. लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने से आयोजन स्थल के आसपास सड़कों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है. ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ-साथ वीआईपी मेहमानों की सुरक्षा और उनके आवागमन को व्यवस्थित रखने की होती है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए एक खास वॉटर वे यानी जलमार्ग तैयार करने की योजना सामने आई है. इसके तहत वीआईपी मेहमान सड़क के बजाय नाव से गोदावरी नदी के रास्ते रामकुंड तक पहुंच सकेंगे.
रिपोर्ट के मुताबिक, नासिक पुलिस ने वीआईपी और वीवीआईपी मेहमानों के आवागमन के लिए इस खास जलमार्ग की योजना बनाई है. इसका उद्देश्य वीआईपी काफिलों की वजह से शहर की सड़कों पर लगने वाले जाम को कम करना है. इस योजना के तहत मेहमानों के लिए एक खास रूट तैयार किया जाएगा. सबसे पहले वीआईपी हेलीकॉप्टर से केटीएम कॉलेज के हेलीपैड पर उतरेंगे. यहां से उन्हें केटीएम बोट क्लब तक पहुंचाया जाएगा. इसके बाद नाव के जरिए गोदावरी नदी के रास्ते सीधे रामकुंड ले जाया जाएगा. इस तरह उन्हें सड़क मार्ग से लंबे ट्रैफिक रूट से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
सुरक्षा के लिए यह होंगे इंतजाम
गोदावरी नदी में नाव चलाना केवल परिवहन की व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि इसके साथ सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखना पड़ेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित वॉटर वे के दोनों ओर पानी में बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि नावों का निर्धारित रास्ता सुरक्षित रहे. इसके अलावा नावों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की योजना है. नदी के रास्ते पर 24 घंटे लाइफगार्ड और आपदा प्रबंधन टीम की तैनाती भी प्रस्तावित है. इससे किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सकेगी.
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ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगा फायदा
वॉटर वे का सबसे बड़ा फायदा ट्रैफिक जाम से बचाव के रूप में देखा जा रहा है. कुंभ जैसे बड़े आयोजन में वीआईपी मेहमानों के सड़क से गुजरने पर कई बार रास्तों को रोकना पड़ता है. इससे आम लोगों, स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को परेशानी होती है. अगर वीआईपी मेहमानों को हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद नाव के जरिए रामकुंड पहुंचाया जाता है, तो उनके लिए सड़क पर अलग से लंबा रूट खाली कराने की जरूरत नहीं होगी. इससे ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है. हालांकि अभी तक प्रशासन ने यह नहीं बताया है कि इस जलमार्ग से कितने मिनट या कितने घंटे की बचत होगी.
त्र्यंबकेश्वर में तीसरा अमृत स्नान
नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ की शुरुआत 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ हो चुकी है. इस धार्मिक आयोजन का औपचारिक काल जुलाई 2028 तक चलेगा, जबकि सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के अगस्त और सितंबर 2027 में पहुंचने की उम्मीद है. मुख्य अमृत स्नान की तारीखों में 2 अगस्त 2027, 31 अगस्त 2027 और 11 सितंबर 2027 शामिल हैं. त्र्यंबकेश्वर में तीसरा अमृत स्नान 12 सितंबर 2027 को निर्धारित है. आयोजन के दौरान करीब 12 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है.
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