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Jantar Mantar Protest: कौन है जंतर-मंतर का मालिक, जब वहां प्रदर्शन नहीं होते तब कौन देखता है व्यवस्था?

Jantar Mantar Protest: दिल्ली का जंतर मंतर विरोध प्रदर्शनों की वजह से काफी चर्चा में रहता है. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर जंतर मंतर का मालिक कौन है.

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  • छात्र जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक का विरोध कर रहे।
  • ऐतिहासिक स्मारक पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित और प्रबंधित है।
  • विरोध प्रदर्शन स्मारक के बाहर जंतर मंतर रोड पर होते।
  • दिल्ली पुलिस कानून व्यवस्था, एनडीएमसी नागरिक सेवाएँ संभालती है।

Jantar Mantar Protest: जंतर मंतर एक बार फिर राष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बन चुका है. देशभर से छात्र नीट पेपर लीक का विरोध प्रदर्शन करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करने के लिए जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वैसे तो अब यह जगह विरोध प्रदर्शन का एक मुख्य केंद्र बन चुकी है लेकिन कई लोग इस बात से अनजान हैं कि ऐतिहासिक स्मारक और विरोध स्थल का प्रबंध अलग-अलग अधिकारियों द्वारा किया जाता है. 

कौन करता है जंतर मंतर का प्रबंधन?

नई दिल्ली में ऐतिहासिक जंतर मंतर स्मारक का स्वामित्व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पास है. यह भारत के अधीन काम करता है. एक संरक्षित राष्ट्रीय स्मारक के रूप में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पूरे साल इसके संरक्षण, रखरखाव और पूरे प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है. सामान्य दिनों के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण कर्मी बागवानी, सफाई, संरक्षण कार्य और स्मारक के ऐतिहासिक खगोलीय उपकरणों के रखरखाव का ध्यान करते हैं. 

स्मारक के अंदर सुरक्षा 

जंतर मंतर परिसर के अंदर सुरक्षा केंद्रीय सुरक्षा व्यवस्था के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा बनाए रखी जाती है. उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी सदियों पुराने खगोलीय उपकरण की सुरक्षा करना और इस बात को पक्का करना है कि स्मारक टूट फूट  से सुरक्षित रहे. यह स्मारक आगंतुकों के लिए भी खुला है. यहां पर लोग टिकट खरीदकर आ सकते हैं.

स्मारक के बाहर विरोध प्रदर्शन 

हालांकि इस जगह को आमतौर पर जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन के रूप में जाना जाता है, लेकिन प्रदर्शन आमतौर पर जंतर मंतर रोड पर आयोजित किया जाता है. यह संरक्षित स्मारक परिसर के बाहर है. विरोध स्थल और विरासत स्मारक अलग-अलग क्षेत्र हैं. यह दोनों अलग-अलग प्रशासनिक अधिकारियों के अंतर्गत आते हैं. 

दिल्ली पुलिस विरोध स्थल के आसपास कानून व्यवस्था को संभालती है 

जंतर मंतर रोड और आसपास के उच्च सुरक्षा क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस, खास कर नई दिल्ली जिला पुलिस पर है. चाहे विरोध प्रदर्शन हो रहा हो या फिर नहीं पुलिस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है. 

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एनडीएमसी नागरिक सेवाओं का रखरखाव करती है 

जब भी कोई विरोध प्रदर्शन नहीं चल रहा होता तब जंतर मंतर रोड का नागरिक रखरखाव नई दिल्ली नगर पालिका परिषद द्वारा किया जाता है . एनडीएमसी सड़क की सफाई, फुटपाथ रखरखाव, स्ट्रीट लाइटिंग, स्वच्छता और जल आपूर्ति की देखरेख करती है.  साथ ही यह सुनिश्चित करती है कि सार्वजनिक क्षेत्र कार्यात्मक और अच्छी तरह से बनाए रखा जाए. 

1724 में बनी एक ऐतिहासिक वेधशाला 

जंतर मंतर को 1724 में जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा एक खगोलीय वेधशाला के रूप में बनाया गया था. भारत की आजादी के बाद इसे 1948 में राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित स्मारक घोषित किया गया और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के जरिए से भारत सरकार की देखरेख में रखा गया.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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