कितनी खतरनाक है यूक्रेन की फ्लेमिंगो मिसाइल, जानें इसकी मारक क्षमता?
Ukraine's FP-5 Flamingo Missile: रूस के साथ यूक्रेन का युद्ध अभी भी जारी है. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर यूक्रेन की FP-5 फ्लेमिंगो मिसाइल कितनी खतरनाक है.

- यह स्वदेशी मिसाइल बिना प्रतिबंधों के इस्तेमाल की जा सकती।
Ukraine's FP-5 Flamingo Missile: रूस के साथ चल रहे संघर्ष के बीच यूक्रेन ने अपने देश में बने लंबी दूरी के हथियारों का विस्तार जारी रखा है. हाल ही में चर्चा में आए सिस्टम में से एक है FP-5 फ्लेमिंगो. यह जमीन से लॉन्च होने वाली एक क्रूज मिसाइल है जिसे यूक्रेन की डिफेंस कंपनी फायर पॉइंट ने बनाया है. आइए जानते हैं कि आखिरी यह मिसाइल कितनी खतरनाक है.
लंबी दूरी के क्रूज मिसाइल
FP-5 फ्लेमिंगो की अधिकतम मार्क क्षमता 3000 किलोमीटर तक बताई जाती है. यह इसे यूक्रेन के हथियारों के जखीरे में सबसे लंबी दूरी की मिसाइल बनाती है. इस रेंज की वजह से यह रूसी इलाके में काफी अंदर तक मौजूद ठिकानों तक पहुंच सकती है. इसमें यूरोपीय रूस के हिस्सों से लेकर पूर्व में दूर के इलाके तक शामिल हैं. इसकी लंबी रेंज यूक्रेन को मोर्चे से काफी दूर मौजूद रणनीतिक सैन्य और औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर हमला करने की क्षमता देती है.
भारी नुकसान पहुंचाने के लिए भारी वॉरहेड
इस मिसाइल की खास विशेषता इसका 1150 किलोग्राम का विस्फोटक वॉरहेड है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका पेलोड 1.1 टन से ज्यादा है, इससे यह मजबूत ठिकानों और काफी अहम लक्ष्यों पर भारी तबाही मचा सकती है. इसकी पेलोड क्षमता को अमेरिका की टॉमहॉक क्रूज मिसाइल की क्षमता से लगभग दोगुना बताया जाता है.
कम ऊंचाई पर उड़ान और सटीक गाइडेंस
FP-5 फ्लेमिंगो एक सबसोनिक क्रूज मिसाइल है. यह लगभग 850 से 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है. तेज रफ्तार पर निर्भर रहने के बजाय इसे काफी कम ऊंचाई पर उड़ने के लिए डिजाइन किया गया है. इससे रडार की पकड़ में आना मुश्किल हो जाता है. साथ ही दुश्मन के एयर डिफेंस नेटवर्क को भेदने की संभावना भी बढ़ जाती है.
क्यों है यह मिसाइल इतनी अहम?
रिपोर्ट के मुताबिक इस मिसाइल का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे यूक्रेन ने खुद अपने देश में बनाया है. क्योंकि इसे पश्चिमी देशों से सप्लाई नहीं किया गया है इस वजह से इस पर इस्तेमाल से जुड़ी वे पाबंदी बिल्कुल भी लागू नहीं होती जो विदेशी सप्लाई वाले लंबी दूरी के हथियारों पर हो सकती हैं.
इस मिसाइल के बारे में यह भी कहा जाता है कि इसमें एक सुरक्षित नेविगेशन मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया है. इससे यह इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और जीपीएस जैमिंग का सामना कर सकती है. इसके अलावा सोवियत युग के इंजन और कार्बन फाइबर बॉडी के इस्तेमाल का मकसद बड़े पैमाने पर उत्पादन करते हुए मैन्युफैक्चरिंग की लागत को कम करना है.
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